Defence Ministry : केन्द्र में मोदी सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर में शहीद हुए जवानों के नामों को सार्वजनिक नहीं किया है। इसी को लेकर कांग्रेसन ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया है कि शहीदों के नाम सार्वजनिक नहीं करने से शहीदों को सम्मान नहीं मिला जो उनका हक है। कांग्रेस ने सरकार पर शहीदों के नाम छिपाने का आरोप लगाया। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा कहा, ‘सरकार ने इन जवानों की शहादत एक साल तक सार्वजनिक नहीं की। उन्हें वह सम्मान नहीं मिला, जिसके वे हकदार थे।’
किसी को नुकसान नहीं पहुंचा
कांग्रेस नेता पवन खेडा ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के संसद में दिए गए एक बयान का वीडियो एक्स पर शेयर किया। इसमें राजनाथ सिंह ने एक सवाल के जवाब में कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर में किसी को नुकसान नहीं पहुंचा। खेड़ा ने कहा, दो ही संभावनाएं हैं। या तो रक्षा मंत्री को उस समय छह जवानों की शहादत की जानकारी नहीं थी या उन्होंने संसद को गुमराह किया। दोनों ही स्थितियां गंभीर हैं।
रक्षा मंत्रालय ने दिया जवाब – सेना, वायुसेना ने दी श्रंद्वाजंलि
रक्षा मंत्रालय ने कहा कि राजनाथ के संसद में दिए गए बयान को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। इस पर रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह दावा गलत है कि शहीदों को पहली बार सम्मान मिला। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बयान को गलत तरीके से पेश किया गया। रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि कुछ मीडिया रिपोर्ट और सोशल मीडिया पोस्ट में यह गलत दावा किया जा रहा है कि छह शहीदों को पहली बार अब सार्वजनिक सम्मान मिला है। यह दावा तथ्यात्मक रूप से गलत है। मंत्रालय के मुताबिक, 11 मई 2025 को हुई आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में तत्कालीन सैन्य अभियान महानिदेशक ने इन छह जवानों को श्रद्धांजलि दी थी। इसके बाद 14 अगस्त 2025 की प्रेस विज्ञप्ति में उन्हें वीरता पुरस्कार दिए जाने की जानकारी भी सार्वजनिक की गई थी। भारतीय सेना के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी शहीदों को तुरंत श्रद्धांजलि दी गई थी। 8 अक्टूबर 2025 को वायुसेना प्रमुख ने वायुसेना के शहीद सार्जेंट के परिजन को सम्मानित किया।
जयपुर में सेना परेड के दौरान शहीदों के परिजनों को सेना मेडल (वीरता) प्रदान
राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीदों के नाम दर्ज करने की एक तय प्रक्रिया और प्रोटोकॉल है। सभी नाम उसी प्रक्रिया के तहत दर्ज किए जाते हैं। इसलिए यह कहना कि नाम दर्ज करने में देरी हुई या शहीदों को अब पहली बार सम्मान मिला है, सही नहीं है। 15 जनवरी 2026 को जयपुर में सेना दिवस परेड के दौरान सेना प्रमुख ने तीन शहीदों के परिजनों को सेना मेडल (वीरता) प्रदान किया मंत्रालय ने कहा कि सरकार ने शहीदों के परिवारों को शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य सभी निर्धारित सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि सोशल मीडिया पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के संसद में दिए गए भाषण के एक हिस्से को संदर्भ से अलग करके पेश किया गया। इससे यह गलत संदेश देने की कोशिश की गई कि उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर में किसी भारतीय सैनिक के शहीद नहीं होने की बात कही थी। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि राजनाथ सिंह का बयान ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना के पायलटों के मारे जाने के दावों का खंडन करने के लिए था।
राजनाथ सिंह ने 28 जुलाई 2025 को संसद में कहा था-
हमारे विपक्ष के लोग पूछते हैं कि हमारे कितने विमान गिरे। उन्होंने कभी हमसे ये नहीं पूछा कि हमारी सेना ने दुश्मनों के कितने विमान मार गिराए। अगर आपको सवाल पूछना है तो ये पूछिए कि क्या इस ऑपरेशन में हमारे बहादुर सैनिकों को कोई क्षति हुई है? तो इसका जवाब है- नहीं।
6 मई 2025 सेना ने पीओके में 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया
ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े 9 आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए थे। भारत सरकार ने कहा था कि इन हमलों में 100 से ज्यादा आतंकियों को मार गिराया था। इसके बाद 10 मई को भारत और पाकिस्तान के सैन्य अभियान महानिदेशकों के बीच बातचीत के बाद दोनों देशों ने सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति जताई थी।
भारत की एयरस्ट्राइक में कई पाकिस्तानी एयरबेस तबाह हुए थे
भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के कई एयरबेस तबाह किए थे। प्राइवेट कंपनी मक्सर के सैटेलाइट ने इन तबाह एयरबेस की फोटोज जारी की थीं। मक्सर ने पाकिस्तान के जिनकी फोटोज जारी की, उनमें सरगोधा, नूर खान, भोलारी और सुक्कुर के एयरबेस थे। फोटोज में साफ देखा जा सकता है कि हमले के पहले और बाद में वहां क्या स्थिति थी।
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