Jalalabad New Name: उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले का जलालाबाद अब परशुरामपुरी के नाम से जाना जाएगा. आज (6 जुलाई) यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया है. कैबिनेट बैठक में जलालाबाद का नाम बदलकर परशुरामपुरी किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है. जिसपर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि शाहजहांपुर जनपद की जलालाबाद नगर का नाम बदलने को लेकर लंबे समय से लोगों की मांग थी. लोगों की मांग थी कि क्योंकि ये भगवान परशुराम की जन्मस्थली है उसका नाम परशुरामपुरी होना चाहिए. भारत सरकार से अनुमति मिलने के बाद उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने जलालाबाद नगर का नया नाम ‘परशुरामपुरी’ सर्वसम्मति से पास कर दिया है. आज कैबिनेट बैठक में 29 से अधिक प्रस्ताव पास हुए हैं.
“सम्पूर्ण सनातनी समाज को गर्व का क्षण”
जलालाबाद का नाम बदलने पर केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि आज एक ऐतिहासिक दिन है. मैं प्रधानमंत्री और गृहमंत्री का आभार व्यक्त करूंगा जिन्होंने मंजूरी दी. आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने जलालाबाद का नाम बदलकर ‘परशुरामपुरी’ कर दिया है. लोगों की आस्था और भावनाओं का सम्मान किया गया है. सीएम योगी के इस निर्णय ने सम्पूर्ण सनातनी समाज को गर्व का क्षण प्रदान किया है.
क्यों रखा गया परशुरामपुरी नाम?
वहीं कैबिनेट मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि जलालाबाद का नाम बदलकर परशुरामपुरी इसलिए रखा गया है क्योंकि यह स्थान भगवान परशुराम की जन्मस्थली के रूप में मान्यता रखता है. केंद्र सरकार ने एनओसी मिलने के बाद राज्य मंत्रिमंडल ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. बता दें कि कई पौराणिक ग्रंथों में इस छोटे से कस्बे को भगवान परशुराम की जन्मभूमि के रूप में वर्णित किया गया है. इसी वजह से साल 2022 में सरकार ने परशुराम जन्मभूमि के रूप में अधिकारिक घोषणा की थी. इस स्थान पर मंदिर भी है जिसका इतिहास हजारों साल पुराना है. वहीं कस्बे का नाम जलालाबाद होने के पीछे लोगों का तर्क है कि मुगल बादशाह जलालुद्दीन अकबर के सम्मान में कस्बे का जलालाबाद रखा गया था.
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