America- Iran: लगता है होर्मुज स्ट्रेट कमाई का साधन बनता जा रहा है। पहले ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों से टैक्स वसूलने की बात कही और अब अमेरिका ने कहा है कि यदि ईरान के साथ समझौता नहीं हुआ तो वो होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों से टैक्स वसूलेगा ताकि अमेरिका के खर्च की भरपाई हो सके। ईरान, ओमान, कतर मिलकर होर्मुज स्ट्रेट पर अपना कब्जा रखकर कमाई करना चाहते हैं तो अच्छी कमाई के लालच में अमेरिका ने भी यही कदम उठाने की सोच ली है। हालांकि ऐसा तभी संभव है जब अमेरिका और ईरान के बीच समझौता ना हो।
ईरान के विदेश मंत्री स्वीट्जरलैंड पहुंच चुके
इसी बीच अमेरिका से विशेष प्रतिनिधिमंडल और ईरान के विदेश मंत्री आपसी समझौते को अंतिम रुप देने के लिए स्वीट्जरलैंड पहुंच गए हैं। आज संभव है कि दोनों देशों के बीच समझौते को अंतिम रुप दे दिया जाए।अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर टैक्स लगाए जाने के बारे में यह भी साफ किया कि सीजफायर के दौरान अगले 60 दिनों तक होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर कोई टोल नहीं लगाया जाएगा। 60 दिन खत्म होने के बाद भी टोल नहीं लगाया जाएगा, जब तक यह अमेरिका की तरफ से नहीं लगाया गया होता।
आज स्विट्जरलैंड में शांति वार्ता
इस बीच अमेरिका और ईरान शांति वार्ता के लिए स्विट्जरलैंड पहुंच चुके हैं। अमेरिकी डेलिगेशन में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रम्प के दामाद जेरेड कुशनर हैं। वहीं, ईरानी डेलिगेशन का नेतृत्व विदेश मंत्री अब्बास अराघच कर रहे हैं। संसद स्पीकर बाघेर गालिबाफ भी बातचीत में शामिल होंगे। पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर स्विट्जरलैंड पहुंच गए हैं। जहां वे एमओयू के तहत अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली बातचीत में हिस्सा लेंगे। अल जजीरा के मुताबिक, असीम मुनीर इन बातचीत में पाकिस्तान की ओर से प्रमुख मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं।
ईरान का बयान समझौते की असली परीक्षा तेल क्षेत्र
ईरान के तेल मंत्री मोहसिन पाकनेजाद ने कहा है कि अमेरिका के साथ होने वाले किसी भी अंतिम शांति समझौते की असली परीक्षा ईरान के तेल क्षेत्र में होगी। उनका कहना है कि यह तभी सफल माना जाएगा, जब पश्चिमी देश समझौते के वादों पर पूरी तरह कायम रहें। ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी के मुताबिक, पाकनेजाद ने कहा कि समझौते के बाद ईरान का तेल और ऊर्जा क्षेत्र दुनिया भर के निवेशकों के लिए बड़े मौके लेकर आ सकता है। निवेश से जुड़े सैकड़ों प्रोजेक्ट पहले से तैयार हैं। पाकनेजाद ने कहा कि ईरान तकनीकी सहयोग और साझेदारी से जुड़े कई समझौते भी हस्ताक्षर के लिए तैयार हैं। अगर ईरान पर लगे प्रतिबंधों में ढील मिलती है और समझौता पूरी तरह लागू होता है, तो विदेशी कंपनियां ईरान के ऊर्जा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश कर सकती हैं।
ईरान 28 लाख करोड़ के फंड पर अड़ा
ईरान डील में 28 लाख करोड़ के फंड पर अड़ा है, जबकि खाड़ी देश इस पर राजी नहीं हैं। शांति की चाबी ईरान के पास है, वह होर्मुज चोकपॉइंट पर सौदेबाजी करेगा।
क्या इजराइल हमले रोकेगा?
पश्चिम एशिया में इजराइल का वजूद अमेरिका की बदौलत है। इजराइल अभी लेबनान पर हमले कर अपनी ताकत दिखाएगा, पर अमेरिका उसे जल्द रोक देगा।
ट्रम्प अब आगे क्या करेंगे?
ट्रम्प सबसे पहले खाड़ी देशों को ईरान पुनर्निर्माण फंड के 28 लाख करोड़ देने का दबाव डालेंगे। अभी ट्रम्प ईरान के खिलाफ सीधे बयान देने से परहेज करने वाले हैं।
रूस-चीन का क्या रोल रहेगा?
रूस और चीन ईरान के पक्ष में ही रहेंगे। ईरानी तेल के सबसे बड़े आयातक चीन को होर्मुज बंद होने से फर्क नहीं पड़ेगा। ईरान जहाज नाकाबंदी में भी उसे तेल देते रहे।
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