LPG Cylinder Crisis: उत्तर प्रदेश के लखनऊ में आज मंगलवार को समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने एलपीजी सिलेंडरों की किल्लत पर केंद्र सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि वॉर को लेकर जो स्थिति चल रही है, उसकी जानकारी सरकार को है. जब सरकार ने रेट बढ़ाया है और यह पाबंदी लगाई है कि कितने दिनों में सिलेंडर भरवाकर मिलेगा. अब सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि सिलेंडर कैसे भरे जाएंगे और इसके लिए उसके पास क्या वैकल्पिक व्यवस्था है. इस मुश्किल समय में जो कमी हो रही है, उसकी पूर्ति कैसे होगी और सरकार की क्या तैयारी है? वरना चीजें इतनी महंगी हो जाएंगी कि आम आदमी की पहुंच से बाहर हो जाएंगी. हो सकता है कि अगर दो हफ्ते तक यही स्थिति रही, तो हमें फिर पुरानी व्यवस्था पर खाना बनाना पड़े.
“कंडे-लकड़ी पर खाना बनाना पड़े”
सपा प्रमुख (Akhilesh Yadav) ने आगे कहा कि मान लीजिए गैस की आपूर्ति नहीं हुई, सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया. जिन देशों से ये लेते हैं, वहां से चीजें नहीं पहुंचीं आपके भारत में युद्ध की वजह से, तो आपके पास क्या ऑप्शन है? कारोबार बंद होगा. सुनने में आ रहा है दुनिया में कई देशों में इस तरह की पाबंदी लगना शुरू हो गई. तो आपका देश तो बहुत बड़ा देश है, दुनिया में इससे बड़ा देश कहीं नहीं है. सरकार ने सिलेंडर सब जगह बांट दिए तो लोगों को आदत है कि सिलेंडर से खाना बनाएं। अभी तो होटल और व्यवसाय की बात कर रहा है, लेकिन आम लोगों के जीवन कितना प्रभावित होगा इन चीजों से. कहीं ऐसा न हो सरकार के गलत फैसले की वजह से लोगों को कंडे पर और पुरानी लकड़ी पर खाना बनाना पड़े.
“तमाम चीजों का इंतजाम कैसे होगा”
उन्होंने (Akhilesh Yadav) कहा कि कई जगह लोगों ने पहले से लिखकर दिया है कि हम होटल-रेस्टोरेंट नहीं चला सकते हैं. हम व्यवसाय नहीं कर सकते क्योंकि उनके पास गैस की कमी हो गई है. यह सरकार को सोचना चाहिए. लोकसभा में समाजवादी पार्टी का पक्ष यह था कि पहले इस पर चर्चा हो जाए कि देश में इन तमाम चीजों का इंतजाम कैसे होगा.
यह भी पढ़ें: “टीम इंडिया पर शर्म आती है…” T20 World Cup की ट्रॉफी हनुमान मंदिर में ले जाने भड़के TMC सांसद
“लखनऊ में देख लो कितना इल्लीगल काम है”
वहीं अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने मेरठ के सेंट्रल मार्केट मामले पर कहा कि हमारी मांग यह है कि मेरठ व्यापार मंडल के लोग जो यहां आए हैं, वह वर्षों से काम कर रहे हैं. सरकार को सहानुभूति दिखाते हुए इन व्यापारी साथियों की मदद करनी चाहिए. इल्लीगल जगह पर दुकान लगाना कोई नई बात नहीं है. लखनऊ में देख लो कितना इल्लीगल काम है. कानपुर में भी ऐसा ही है. उन दोषी अधिकारियों पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई जिनकी वजह से यह सब हो रहा है. हमारी मांग है कि कारोबारियों का कारोबार बंद न किया जाए. सरकार यदि कोई उपाय कर सकती है तो इनकी मदद करनी चाहिए.
“सरकार चाहे तो इन परिवारों की मदद कर सकती है”
सपा प्रमुख (Akhilesh Yadav) ने आगे कहा कि मेरठ के सेंट्रल मार्केट मामले में हमारी पार्टी के विधायक अतुल प्रधान लगातार इन व्यापारियों की मदद करने का प्रयास कर रहे हैं. हमें उम्मीद है कि सरकार व्यापारियों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करेगी. वह अपनी मांग को लेकर चलते हैं तो सरकार उनके आंदोलन को दबाने के लिए पुलिस-प्रशासन को आगे कर देती है. मैं कई उदाहरण दे सकता हूं जहां सरकारों ने नियम बदलकर, कैबिनेट के माध्यम से, विधानसभा के माध्यम से फैसला लेकर उनकी मदद करने का काम किया है. सरकार चाहे तो इन परिवारों की मदद कर सकती है.



