Rahul Gandhi: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने ‘वाइको इन पार्लियामेंट’ किताब के लॉन्च के मौके पर अपने संबोधन में कहा कि हम अपने देश में एक अजीब समय से गुज़र रहे हैं. छात्र सड़क पर हैं, बहुत दर्द में हैं, वे परीक्षाओं में निष्पक्षता मांग रहे हैं, वे एक ऐसा शिक्षा प्रणाली मांग रहे हैं जो काम करे. दूसरी तरफ हमारे प्रधानमंत्री हैं जो उन्हें माफ कर रहे हैं. उन्हें यह विचार कहां से आया कि उन्हें भारत के भविष्य को माफ करने का हक है, मुझे नहीं पता लेकिन वे यही करना चाहते हैं. प्रधानमंत्री की सोच और उनके साथियों, और खासकर RSS की सोच के पीछे एक बहुत खतरनाक विचार है.
राहुल गांधी ने आगे कहा कि इन लोगों का मानना है कि भारत के विभिन्न राज्यों का इतिहास, उनकी पहचान और उनकी भाषाएं महत्वहीन हैं और केवल वही भाषा और इतिहास महत्वपूर्ण है जिसे आरएसएस परिभाषित करता है. यही वजह है कि छात्र सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं. भारत कभी भी अपनी संस्कृतियों, भाषाओं और इतिहास को किसी के द्वारा रौंदे जाने को स्वीकार नहीं करेगा. छात्र अपने-अपने तरीके से भारत के विचार की रक्षा कर रहे हैं.
Behind the thinking of the Prime Minister, his colleagues, and the RSS lies a very dangerous and caustic idea.
These people believe that the histories, identities, and languages of India’s diverse states are irrelevant, and that only the language and history defined by the RSS… pic.twitter.com/TGIDHlydCa
— Congress (@INCIndia) August 4, 2026
“वे उन्हें माफ करने वाले कौन होते हैं”
वहीं लोकसभा में विपक्ष के नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री कहते हैं कि मैं उन्हें माफ करता हूं. मुझे नहीं पता कि वे उन्हें माफ करने वाले कौन होते हैं. हमारा देश इस समय एक अजीब समय से गुजर रहा है. छात्र सड़कों पर है और बहुत दर्द में हैं. वे परीक्षाओं में निष्पतक्षता और ऐसी शिक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं, जो काम करे. दूसरी तरफ हमारे प्रधानमंत्री हैं जो उन्हें माफ कर रहे हैं.
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