राहुल गांधी की PM मोदी पर टिप्पणी से भड़की बीजेपी, कहा- वो किसी ‘सड़कछाप’ से अलग नहीं…
Rahul Gandhi: लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को मोदी सरकार को विदेश नीति पर घेरा था. उनके साथ कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने भी चुटकी ली थी. जिसको लेकर बीजेपी राहुल गांधी पर हमलावर हो गई है. केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि कल जो हरकत नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने की है, वो किसी ‘सड़कछाप’ से अलग नहीं थी, ये लोग निराशा में हैं. उनके परनाना प्रधानमंत्री रहे, दादी प्रधानमंत्री रहे, पिता प्रधानमंत्री रहे, यदि वे विदेश नीति नहीं समझ पाए तो अब समझ भी नहीं पाएंगे क्योंकि उनकी विदेश नीति देश के बाहर जाकर, जॉर्ज सोरोस जैसे लोगों से मिलकर भारत को अपशब्द कहना है. लगता है कि राहुल गांधी को एक नाटक मंडली खोल लेनी चाहिए. उनकी मानसिक स्थिति ऐसी हो गई है कि वे बीमार हैं, निराशा में हैं.
“कौन एक षड्यंत्र कर रहा है”
भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि संसद के सत्र को पूरी तरह से अव्यवस्थित करने के बाद कांग्रेस के औपचारिक प्लेटफॉर्म से राहुल गांधी ने निंदनीय भाषा का प्रयोग किया है. यह दर्शाता है कि राहुल गांधी सभी प्रकार की पराकाष्ठाओं को पार करते जा रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ जिन शब्दों का प्रयोग किया गया है उससे पता चलता है कि राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी देश के लिए चुनौती बनते जा रहे हैं. लगता है कि अब देश को समझना चाहिए कि कौन देश के हित की बात कर रहा है और कौन एक षड्यंत्र कर रहा है. ऐसा लगता है कि वे अपना संतुलन खोते चले जा रहे हैं. अभी तक लगता था कि वे माओवादी और मुस्लिम लीग के नेताओं के साथ प्रतियोगिता कर रहे हैं.
“विपक्ष के नेता हैं या अभिनेता हैं?”
भाजपा नेता शहनवाज़ हुसैन ने कहा कि राहुल गांधी विपक्ष के नेता हैं या अभिनेता हैं? वे क्या अभिनय कर रहे हैं? देश के प्रधानमंत्री का अपमान करना, ये दुर्भाग्यपूर्ण हैं. क्या अब उनके पास यही काम बचा है? राहुल गांधी ने विपक्ष के नेता की मर्यादा को तोड़ दिया है. इन लोगों को सत्ता में रहना तो नहीं आया, साथ ही विपक्ष की भूमिका निभाना भी नहीं आया. पीएम मोदी सरकार आज अच्छा काम कर रही है. संसद को ये लोग चलने नहीं देता. जानबूझकर ये लोग संसद के बाहर नायक करते हैं, कभी मंच तैयार कर लेते हैं, कभी कोई साधु बन जाता है तो कभी कोई चंदा मांगने लगता है. ये जो ‘मदारीगिरी’ है, ये चलने वाली नहीं है. देश की जनता सब देख रही है। उन्हें 99 सीट क्या मिल गई, उसके बाद वे इस तरह की भाषा कह रहे हैं? देश के अंदर राहुल गांधी के इस व्यवहार से बहुत नाराजगी है.
यह भी पढ़ें: “मैं कभी नहीं डरा और न ही अब डरता हूं…” हमले के बाद सुखबीर सिंह बादल की पहली प्रतिक्रिया
राहुल गांधी की PM मोदी पर टिप्पणी से भड़की बीजेपी, कहा- वो किसी ‘सड़कछाप’ से अलग नहीं…
krishan khanna
Rahul Gandhi: लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को मोदी सरकार को विदेश नीति पर घेरा था. उनके साथ कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने भी चुटकी ली थी. जिसको लेकर बीजेपी राहुल गांधी पर हमलावर हो गई है. केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि कल जो हरकत नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने की है, वो किसी ‘सड़कछाप’ से अलग नहीं थी, ये लोग निराशा में हैं. उनके परनाना प्रधानमंत्री रहे, दादी प्रधानमंत्री रहे, पिता प्रधानमंत्री रहे, यदि वे विदेश नीति नहीं समझ पाए तो अब समझ भी नहीं पाएंगे क्योंकि उनकी विदेश नीति देश के बाहर जाकर, जॉर्ज सोरोस जैसे लोगों से मिलकर भारत को अपशब्द कहना है. लगता है कि राहुल गांधी को एक नाटक मंडली खोल लेनी चाहिए. उनकी मानसिक स्थिति ऐसी हो गई है कि वे बीमार हैं, निराशा में हैं.
“कौन एक षड्यंत्र कर रहा है”
भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि संसद के सत्र को पूरी तरह से अव्यवस्थित करने के बाद कांग्रेस के औपचारिक प्लेटफॉर्म से राहुल गांधी ने निंदनीय भाषा का प्रयोग किया है. यह दर्शाता है कि राहुल गांधी सभी प्रकार की पराकाष्ठाओं को पार करते जा रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ जिन शब्दों का प्रयोग किया गया है उससे पता चलता है कि राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी देश के लिए चुनौती बनते जा रहे हैं. लगता है कि अब देश को समझना चाहिए कि कौन देश के हित की बात कर रहा है और कौन एक षड्यंत्र कर रहा है. ऐसा लगता है कि वे अपना संतुलन खोते चले जा रहे हैं. अभी तक लगता था कि वे माओवादी और मुस्लिम लीग के नेताओं के साथ प्रतियोगिता कर रहे हैं.
“विपक्ष के नेता हैं या अभिनेता हैं?”
भाजपा नेता शहनवाज़ हुसैन ने कहा कि राहुल गांधी विपक्ष के नेता हैं या अभिनेता हैं? वे क्या अभिनय कर रहे हैं? देश के प्रधानमंत्री का अपमान करना, ये दुर्भाग्यपूर्ण हैं. क्या अब उनके पास यही काम बचा है? राहुल गांधी ने विपक्ष के नेता की मर्यादा को तोड़ दिया है. इन लोगों को सत्ता में रहना तो नहीं आया, साथ ही विपक्ष की भूमिका निभाना भी नहीं आया. पीएम मोदी सरकार आज अच्छा काम कर रही है. संसद को ये लोग चलने नहीं देता. जानबूझकर ये लोग संसद के बाहर नायक करते हैं, कभी मंच तैयार कर लेते हैं, कभी कोई साधु बन जाता है तो कभी कोई चंदा मांगने लगता है. ये जो ‘मदारीगिरी’ है, ये चलने वाली नहीं है. देश की जनता सब देख रही है। उन्हें 99 सीट क्या मिल गई, उसके बाद वे इस तरह की भाषा कह रहे हैं? देश के अंदर राहुल गांधी के इस व्यवहार से बहुत नाराजगी है.
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