KBP Times

CAPF रेगुलेशन बिल पर राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर बोला हमला, कहा- जो किया है वो अन्यायपूर्ण…

Rahul Gandhi

CAPF Bill 2026: CAPF रेगुलेशन बिल पर लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने केंद्र सरकार को घेरा है. उन्होंने कहा कि आपको यह जानकर हैरानी होगी कि भारत में किसी भी पैरामिलिट्री फ़ोर्स का नेतृत्व ऐसे किसी अधिकारी ने नहीं किया है, जो उसी फ़ोर्स में नीचे के पदों से ऊपर उठकर उस पद तक पहुंचा हो. ऐसी एक भी पैरामिलिट्री फ़ोर्स नहीं है, जिसका नेतृत्व उसी फ़ोर्स के भीतर से उभरा हो. पैरामिलिट्री फ़ोर्स पर शीर्ष नेतृत्व थोपा जाता है. यह पूरी तरह से गलत है. हमने इसका विरोध किया है और सुप्रीम कोर्ट ने भी इसका विरोध किया है. लेकिन सरकार एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट की बात को नज़रअंदाज़ कर रही है.

“कांग्रेस सभी पैरामिलिट्री फ़ोर्स के साथ खड़ी है”
राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने आगे कहा कि CAPF के लिए यह सबसे बड़ा मुद्दा है. मुझे समझ नहीं आता कि आप किसी संगठन के मनोबल की रक्षा कैसे कर सकते हैं, जो अपने ही किसी व्यक्ति को नेतृत्व के पद पर नहीं बिठा सकता. सरकार ने जो किया है, वह अन्यायपूर्ण है. मुझे समझ नहीं आता कि सरकार ऐसा क्यों कर रही है. इसके पीछे कुछ और वजहें हो सकती हैं. उन्होंने कहा कि हो सकता है कि आजकल चुनावों का माहौल हो. वे यह बिल उस दिन लाए, जब मैं असम के दौरे पर था. मैंने सरकार को मैसेज करके कहा था कि इस बिल को पेश करने में एक-दो दिन की देरी कर दें, लेकिन सरकार ने मना कर दिया. वे नहीं चाहते कि मैं संसद में इस बिल पर बोलूं. कांग्रेस सभी पैरामिलिट्री फ़ोर्स के साथ खड़ी है और जब हम सत्ता में आएंगे, तो हम उन्हें न्याय दिलाएंगे.

यह भी पढ़ें: शिक्षाविद् अवध ओझा ने राहुल गांधी को दी सही राजनीतिक गुरु चुनने की सलाह, कांग्रेस नेता बोले- मानसिक रूप से विक्षिप्त…

“खुद CAPF के जवान इस भेदभाव के विरुद्ध हैं”
कांग्रेस सांसद (Rahul Gandhi) ने कहा कि असिस्टेंट कमांडेंट अजय मलिक ने नक्सली मुठभेड़ के दौरान IED ब्लास्ट में अपना एक पैर खो दिया- देश की रक्षा में सब कुछ दांव पर लगा दिया. इस बलिदान के बदले मिला उन्हें क्या मिला? 15 साल से अधिक की निष्ठापूर्ण सेवा के बावजूद प्रमोशन नहीं, अपनी ही फोर्स को लीड करने का अधिकार नहीं. क्योंकि सभी शीर्ष पद IPS अफसरों के लिए आरक्षित हैं. यह सिर्फ एक अफसर की पीड़ा नहीं- यह लाखों CAPF जवानों के साथ हो रहा संस्थागत अन्याय है. उन्होंने कहा कि ये जवान सीमाओं पर तैनात रहते हैं, आतंक और नक्सलवाद से लोहा लेते हैं, लोकतंत्र के उत्सव चुनावों को सुरक्षित बनाते हैं. लेकिन जब इनके अधिकार और सम्मान की बात आती है, तो व्यवस्था मुंह फेर लेती है. खुद CAPF के जवान इस भेदभाव के विरुद्ध हैं.

“हमारी सरकार आते ही भेदभावपूर्ण कानून समाप्त होगा”
उन्होंने (Rahul Gandhi) कहा कि सुप्रीम कोर्ट तक ने इस व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं. फिर भी, वर्तमान सरकार इसी अन्याय को कानूनी रूप से स्थायी बनाने पर आमादा है. यह विधेयक केवल एक करियर रोकने का प्रयास नहीं-यह उन लोगों का मनोबल तोड़ने की कोशिश है जो देश की पहली रक्षा पंक्ति हैं और जब उनका मनोबल टूटता है, तो राष्ट्रीय सुरक्षा की नींव हिलती है. हम CAPF के जवानों का सम्मान सिर्फ शब्दों में नहीं, नीतियों में करते हैं. कांग्रेस का साफ वादा है कि हमारी सरकार आते ही यह भेदभावपूर्ण कानून समाप्त होगा. क्योंकि जो देश के लिए लड़ता है, उसे नेतृत्व का अधिकार मिलना ही चाहिए.

 

ताजा खबरें

ताजा खबरें

Protein in fruits

प्रोटीन की जरुरत को पूरा करते हैं ये फल, खाएं लेकिन यह भी रखें ध्यान

CJP Protest

सरकार बुलाती रही CJP बातचीत के लिए नहीं गई कहा-सरकार जनता के दरबार में आए

Gums and bad breath

मानसून में मुंह की सफाई का रखें ध्यान, ब्रश करें ताकि बदबू से बचें

Oil Price Hike

रेड सी में तेल टैंकरों पर हमले के बाद उछले कच्चे तेल के दाम, ब्रेंट 95 डॉलर के पार

Raja Raghuvanshi Murder Case

राजा रघुवंशी मर्डर केस: SC ने रद्द की सोनम की जमानत, 3 हफ्ते में सरेंडर का आदेश

NEET and Coaching

छात्र-अभिभावकों की चिंता; NEET की तैयारी, मंहगी Coaching फीस और पेपर लीक

Naresh Meena

नरेश मीणा की बढ़ी मुश्किलें, कोर्ट ने दिए गिरफ्तारी के आदेश, संपत्ति का रिकॉर्ड भी मांगा

Salman Khan post

सलमान खान की पोस्ट-छात्र आंदोलन शिक्षा का मुद्दा इसे राजनीतिक रंग नहीं दें, आलिया बोली-अपने लिए नहीं लड़ रहे

Parliament Monsoon Session

संसद के बाहर सियासी संग्राम, विपक्षी दल-NDA आमने-सामने, जमकर हुई नारेबाजी

2

2