Punjab Politics: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान (Bhagwant Mann) ने 7 आम आदमी पार्टी सांसदों के पार्टी छोड़ने पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मिलने का समय मांगा है. मुख्यमंत्री ऑफिस से जुड़े सोर्सेज के मुताबिक, सीएम मान पंजाब के सभी विधायकों को साथ लेकर राष्ट्रपति से मिलना चाहते हैं. वे पार्टी बदलने वाले सात सांसदों को राइट टू रिकॉल की मांग करेंगे और इस पर अपना पक्ष रखेंगे. वहीं राज्यसभा सांसद संजय सिंह उपराष्ट्रपति से मिलने वाले हैं. वे पार्टी छोड़ने वाले सांसदों की सदस्यता रद्द करने की मांग करेंगे.
बता दें कि आम आदमी पार्टी से राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते पार्टी छोड़ने का ऐलान किया. चड्ढा ने बताया कि उनके साथ 2/3 से ज्यादा सांसद इस मुहिम में शामिल है. ऐसे में हमारे ऊपर दलबदल कानून लागू नहीं होता. पार्टी छोड़ने के बाद शुक्रवार शाम को सांसद राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक ने बीजेपी जॉइन कर ली. पंजाब में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं. आम आदमी पार्टी के 10 राज्यसभा सांसदों में से 7 सांसदों ने पार्टी छोड़ दी है. इनमें से 6 सांसद पंजाब से है.
ਅਦਰਕ, ਲਸਣ, ਜ਼ੀਰਾ, ਮੇਥੀ ਪਾਊਡਰ , ਲਾਲ ਮਿਰਚ , ਕਾਲੀ ਮਿਰਚ ਅਤੇ ਧਨੀਆ ਇਹ 7 ਚੀਜ਼ਾਂ ਮਿਲਕੇ ਸਬਜ਼ੀ ਨੂੰ ਵਧੀਆ ਬਣਾ ਦਿੰਦੀਆਂ ਨੇ ਪਰ ਇਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਆਪਣੀ “ਸਬਜ਼ੀ “ ਨਹੀਂ ਬਣ ਸਕਦੀ..
— Bhagwant Mann (@BhagwantMann) April 25, 2026
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CM मान ने कसा तंज
मुख्यमंत्री भगवंत मान (Bhagwant Mann) ने आम आदमी पार्टी छोड़ने वाले सांसदों पर तंज कसा है. उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि अदरक, लहसुन, जीरा, मेथी पाउडर, लाल मिर्च, काली मिर्च और धनिया- ये 7 चीज़ें मिलकर सब्ज़ी का स्वाद बेहतरीन बना देती हैं, लेकिन अकेले ये ‘सब्ज़ी’ नहीं बन सकतीं.
“सातों सांसदों की राज्यसभा सदस्यता समाप्त की जाए”
आम आदमी पार्टी सांसद संजय सिंह (Sanjay Singh) आज शनिवार को मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि कल आपने देखा कि गैर संवैधानिक, गैर कानूनी तरीके से नियमों के विपरीत जाकर 7 लोगों ने भाजपा में जाने का ऐलान कर दिया. यह कानूनी रूप से गलत है. 10वीं अनुसूची में साफ तौर पर लिखा है कि किसी भी प्रकार की फूट, भले ही वह 2/3 संख्या हो, उसकी कोई वैधानिक मान्यता नहीं है. आम आदमी पार्टी के 7 राज्यसभा सांसद टूटे हैं वह गैर संवैधानिक, गैर कानूनी है और संसदीय नियमों के विपरीत है. मैं आज राज्यसभा के सभापति व उपराष्ट्रपति को पत्र दूंगा कि इन सातों सांसदों की राज्यसभा सदस्यता समाप्त की जाए.



