UN : न्यूयॉर्क में यूएन जनरल डिबेट में इजराइल की जबरदस्त बेइज्जती हुई। 75 देशों के प्रतिनिधियों ने इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की हूटिंग का विरोध किया और फिर भाषण का बायकॉट किया। खिसियाए नेतन्याहू ने कहा कि जो कायर हैं वो बाहर चले जाएं।
नेतन्याहू के समर्थकों ने किया स्वागत
हालांकि, इस घटनाक्रम के दौरान गैलरी नेतन्याहू के समर्थकों से भरी हुई थी। उन्होंने तालियां बजाकर नेतन्याहू का स्वागत किया और ‘अम यिसराइल चाई’ यानि ‘इजराइल की जनता जिंदा है’ के नारे लगाए। नेतन्याहू ने अपने भाषण में गाजा, ईरान, लेबनान पर इजराइली कार्रवाई का जिक्र किया। ट्रम्प की तारीफ, न्यूयॉर्क मेयर ममदानी और यूरोप के नेताओं की आलोचना की।
न्यूयॉर्क में नेतन्याहू के भाषण के विरोध में प्रदर्शन
सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने न्यूयॉर्क में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के भाषण के विरोध में ‘जायनिज्म खत्म होगा’ के नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों के पास नेतन्याहू का एक बड़ा कार्डबोर्ड कटआउट था। इसमें उन्हें लाल रंग से ढका दिखाया गया था और उनके हाथों से खून टपकता दिखाया गया था। कुछ लोगों के हाथों में ‘जायनिज्म आतंकवाद है’ लिखे पोस्टर भी थे। संयुक्त राष्ट्र के पास इजराइल के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान सड़क रोकने पर पुलिस ने दर्जनों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। प्रदर्शनकारियों ने फर्स्ट एवेन्यू पर सड़क रोक दी थी। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हथकड़ी लगाकर पुलिस बस तक पहुंचाया।
इजराइली सेना के हमले का बचाव
नेतन्याहू ने अपने भाषण का 7 अक्टूबर 2023 के हमले का जिक्र करते हुए इजराइल की सैन्य कार्रवाई का बचाव किया। उन्होंने कहा कि हमास के आतंकियों ने जिस तरह इजराइलियों को मारा, वह बेहद भयावह था। ऐसी भयावहता की कल्पना भी नहीं की जा सकती। नेतन्याहू ने आगे कहा कि दुश्मनों को लगा था कि इजराइल टूट जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। हम उठे और शेरों की तरह लड़े। इजराइली पीएम ने गाजा में इजराइल पर नरसंहार करने के आरोप को खारिज किया। उन्होंने इसे 21वीं सदी का सबसे बड़ा झूठ बताया। नेतन्याहू ने कहा, “इजराइल ने नरसंहार नहीं किया। इजराइल ने नरसंहार को रोका। अगर हमास के समर्थकों को मौका मिलता तो वे हर यहूदी को मार देते।
हिजबुल्लाह को पेजर अटैक की याद दिलाई
नेतन्याहू ने हिजबुल्लाह के खिलाफ की गई उस कार्रवाई का भी जिक्र किया, जिसमें संगठन के सदस्यों के पास मौजूद पेजर में धमाके हुए थे। उन्होंने कहा, क्या आपको पेजर याद हैं? हिजबुल्लाह को तो जरूर याद होंगे। 17 सितंबर 2024 को लेबनान और सीरिया में हजारों पेजर एक साथ फटे थे, जिससे 3,000 से अधिक लोग घायल हुए और कई लोगों की मौत हो गई थी।
ईरान- डेलीगेशन को स्टारलिंक गिफ्ट करने बात कही
नेतन्याहू ने ईरान की मिसाइलों के खतरे का जिक्र करते हुए संयुक्त राष्ट्र में मौजूद लोगों से सवाल किया कि अगर एक टन की ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल इस इमारत पर गिर जाए तो क्या होगा। इससे पूरा इलाका तबाह हो सकता है। उन्होंने ईरान के नेताओं को ‘तेहरान का तानाशाह’ बताया और कहा कि वे अपने ही लोगों से डरते हैं। उन्होंने इलॉन मस्क की कंपनी स्टारलिंक का एक डिवाइस दिखाया और कहा कि इससे ईरान के लोग खुलकर अपनी बात कह सकते हैं। नेतन्याहू ने आगे कहा कि वे यह डिवाइस ईरानी डेलीगेशन के लिए छोड़कर जाएंगे। अगर वे अपनी सरकार के खिलाफ हो जाएं या उसका साथ छोड़ दें, तो स्टारलिंक के जरिए इंटरनेट चला सकेंगे और सोशल मीडिया पर अपनी बात दुनिया को बता सकेंगे।
ममदानी- न्यूयॉर्क के मेयर को हमास समर्थक कहा
इसके बाद उन्होंने न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी पर निशाना साधा। नेतन्याहू ने कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी यहूदी आबादी वाले इस शहर में यहूदी अब खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करते। उन्होंने ममदानी को हमास का समर्थक बताया। उन्होंने ममदानी की पत्नी की भी आलोचना की और कहा कि वे सोशल मीडिया पर इजराइल विरोधी पोस्ट को पसंद करती हैं। उन्होंने कहा, वह दौर खत्म हो गया जब यहूदी बिना किसी बचाव के पीड़ित बनकर मारे जाते थे। आज हमारे पास एक देश है। आज हमारे पास एक सेना है।
इजराइल की सभ्यता बचाने में मदद की
नेतन्याहू ने ट्रम्प की तारीफ की और इजराइल का साथ देने के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि ट्रम्प ने सभ्यता को बचाने के लिए काम किया। नेतन्याहू ने कहा कि अमेरिका की मदद से हुए समझौते के बाद गाजा में बचे बंधकों को वापस लाया गया। नेतन्याहू ने अपना भाषण ‘हमारे पास कोई और विकल्प नहीं है’ कहते हुए खत्म किया। इस पर गैलरी में करीब 30 सेकेंड तक तालियां बजती रहीं।
ईरान की सीट पर सुलेमानी की तस्वीर
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाषण के दौरान ईरान का प्रतिनिधिमंडल मौजूद नहीं था। हालांकि, ईरान की सीट पर ईरान की कुद्स फोर्स के पूर्व कमांडर कासिम सुलेमानी की तस्वीर रखी थी। नेतन्याहू के भाषण के दौरान यह तस्वीर ईरानी प्रतिनिधिमंडल की मेज के सामने साफ नजर आ रही थी, जहां आमतौर पर ईरानी राजनयिक बैठते हैं। 3 जनवरी 2020 को बगदाद एयरपोर्ट के पास अमेरिकी ड्रोन हमले में सुलेमानी मारे गए थे। यह हमला तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के आदेश पर किया गया था। कासिम सुलेमानी ईरान के सबसे ताकतवर सैन्य कमांडरों में से एक थे। उन्हें तब खामेनेई के बाद ईरान का दूसरा सबसे ताकतवर शख्स माना जाता था।
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