Delhi Politics: दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि यह सरकारी घर है लेकिन इस घर में जो पैसा लगा है वह सरकारी नहीं है. इस घर में लगा एक-एक पैसा निजी है. जो आदमी कहता था मैं बंग्ला, मकान नहीं लूंगा उसका अर्थ था कि मैं साधारण घर नहीं महल लूंगा. अन्ना आंदोलन का सहारा लेकर, महात्मा गांधी, शहीद भगत सिंह की फोटो का सहारा लेकर, आम आदमी पार्टी की टोपी पहनकर, एक रुपये के स्टैंप पेपर पर हलफनामा देने वाला, बच्चों की झूठी कसम खाने वाला दिल्ली का रहमान डकैत के शीशमहल 2 को हम दिखाने जा रहे हैं. अरविंद केजरीवाल ने पहले दिल्ली में शीशमहल बनाया वह हम सब जानते हैं.
“भगवंत मान की मुश्किलें बढ़ गई”
प्रवेश वर्मा ने आगे कहा कि जब दिल्ली के धुरंधर मतदाताओं ने दिल्ली के रहमान डकैत को हरा दिया तो वे पंजाब चले गए तो भगवंत मान की मुश्किलें बढ़ गई क्योंकि उन्हें घर के चारों तरफ जो 4 सरकारी बड़े घर हैं, उसमें से एक पर अरविंद केजरीवाल, दूसरे पर सत्येंद्र जैन, तीसरे पर संजय सिंह और चौथे पर मनीष सिसोदिया ने कब्जा कर लिया. वहां उन्होंने दूसरा शीशमहल बनाया. दिल्ली में वे कई सालों से बंग्ले के लिए जाते रहे और जब उन्हें बंग्ला मिला, जहां कल वे 95 लोधी स्टेट में शिफ्ट हुए, उसकी तस्वीर से हम हैरान हो गए.
उन्होंने कहा कि अपने आप को आम आदमी पार्टी कहने वाले राजा की तरह रहते हैं. इसमें कोई बुरी बात नहीं, वह रहें लेकिन खुद को आम आदमी पार्टी तो न कहें. आपको अपने घर में प्राइवेट पैसा लगाना है तो लगाइए, इसमें कोई बुरी बात नहीं लेकिन इसका ढोंग करना, ऐसे कपड़े पहनना, टूटी हुई चप्पल पहनना, साधारण पैन लगाना और खुद को साधारण दिखाना खराब है. आप जैसे अंदर हैं, वैसा बाहर दिखाइए.
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“उनकी पार्टी में लोग असंतुष्ट हैं”
वहीं भाजपा नेता आर.पी. सिंह ने राघव चड्ढा और अन्य सांसदों के AAP छोड़कर BJP में शामिल होने पर कहा कि उनकी पार्टी में लोग असंतुष्ट हैं और यह अभी से नहीं हैं. चाहे योगेंद्र यादव हों, शाजिया इल्मी हो, प्रशांत भूषण हो, कुमार विश्वास हो कई सारे लोग आम आदमी पार्टी छोड़ चुके हैं. स्पष्ट है कि उनकी(अरविंद केजरीवाल) पार्टी में लोग उनके कार्यों से नाराज़ हैं.



