Rahul Gandhi: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि एक युवा साथी ने कांग्रेस पार्टी पर आरोप लगाया. मैं यह मुद्दा उठाने वाला नहीं था, लेकिन क्योंकि उन्होंने हमारी देशभक्ति, भारतीय संस्कृति के बारे में हमारी समझ पर सवाल उठाया है, इसलिए मैं कुछ पढ़कर शुरुआत करना चाहूंगा और यह आर्मी चीफ नरवणे के संस्मरण से है. और मैं चाहूंगा कि आप इसे ध्यान से सुनें. आपको ठीक से समझ आ जाएगा कि कौन देशभक्त है, कौन नहीं. इसमें थोड़ा समय लगेगा, तो यह उस समय की बात है जब चार चीनी टैंक भारतीय इलाके में घुस रहे थे. वे डोकलाम में एक पहाड़ी पर कब्ज़ा कर रहे थे और आर्मी चीफ लिखते हैं, मैं एक आर्टिकल से कोट कर रहा हूं जो उनकी किताब से कोट कर रहा है.
“सदन के नियमों के खिलाफ है”
किताब को कोट करने पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि मैं चाहता हूं कि लोकसभा में विपक्ष के नेता (राहुल गांधी) वह किताब सदन के सामने पेश करें, जिससे वह कोट कर रहे हैं, क्योंकि जिस किताब का वह ज़िक्र कर रहे हैं, वह पब्लिश नहीं हुई है. उन्होंने सदन में एक पब्लिश्ड मैगज़ीन की कहानी के कोट्स का हवाला दिया, जो सदन के नियमों के खिलाफ है. इसपर राहुल गांधी ने कहा कि उनका सोर्स भरोसेमंद है और इसमें एक पूर्व आर्मी जनरल के अप्रकाशित संस्मरणों के कोट्स शामिल हैं.
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“अखबार का कोट्स नहीं पढ़ सकते”
वहीं लोकसभा में केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि हम यहां सुनने के लिए हैं और प्रधानमंत्री भी सुनने के लिए यहां बैठे हैं. हमने शुरू से कहा है कि हम आपकी बात शांति से सुनेंगे और आपको भी उतनी ही शांति से हमारी बात सुननी चाहिए. अब जब नियम का पालन ही नहीं करेंगे, तो चर्चा कैसे हो सकती है? इस पर पीठासीन ने नियम बता दिया है कि आप मैगज़ीन का, अखबार का कोट्स नहीं पढ़ सकते.
“मैंने पहले ही रूल बुक पढ़ ली है”
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि मैंने पहले ही रूल बुक पढ़ ली है. संसद में अखबार की कटिंग, किताबों कोई ऑथेंटिक विषय पर चर्चा की परंपरा नहीं रही है. नियम भी कहता है और यही परंपराएं भी यही है.



