Pakistan : ई्ररान और अमेरिका एक दूसरे को धमकीयां देने में लगे है जबकि पाकिस्तान दोनों के बीच शांति वार्ता कराने की तैयारी में लगा है। यह विरोधाभास दृश्य पिछले चोबीस घंटे में देखने को मिला है। आज मंगलवार को इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता होगी या नहीं इस पर अभी भी संशय बना हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा है कि अमेरिका तब तक ईरान के बंदरगाहों पर लगी नाकेबंदी नहीं हटाएगा, जब तक तेहरान के साथ कोई समझौता नहीं हो जाता। ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर लिखा कि एक हफ्ते पहले शुरू हुई यह नाकेबंदी ईरान को पूरी तरह तबाह कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि इस संघर्ष में अमेरिका बहुत आगे है। इसके जवाब में ईरानी संसद के स्पीकर गालिबाफ ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ट्रम्प दबाव बनाकर और सीजफायर तोड़कर बातचीत को ऐसी बनाना चाहते हैं, जहां ईरान को झुकना पड़े या फिर दोबारा जंग शुरू करने का बहाना मिल जाए। गालिबाफ ने आगे कहा कि ईरान किसी भी धमकी के दबाव में बातचीत नहीं करेगा। पिछले 2 हफ्ते में ईरान जंग लड़ने के लिए नई तैयारी कर चुका है। इन दोनों नेताओं का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच अस्थायी युद्धविराम बुधवार को खत्म होने वाला है।
तैयारी में ईरानी डेलिगेशन
ईरान का डेलिगेशन अमेरिका के साथ बातचीत के लिए पाकिस्तान जाने की तैयारी कर रहा है। न्यूयॉर्क टाइम्स ने दो ईरानी अधिकारियों के हवाले से बताया है कि यह डेलिगेशन आज इस्लामाबाद पहुंच सकता है। हालांकि इस बातचीत से पहले ईरानी संसद स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने शर्त रखी है कि वह तभी शामिल होंगे, जब अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी मौजूद हों। जेडी वेंस के मंगलवार को वॉशिंगटन से पाकिस्तान जा सकते हैं। उनके साथ विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रम्प के दामाद जेरेड कुशनर भी होंगे।
पिछले 24 घंटे
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ईरान के साथ युद्धविराम बुधवार शाम 8 बजे (अमेरिकी समय) तक ही रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर उससे पहले कोई समझौता नहीं होता है, तो इसे आगे बढ़ाने की संभावना बहुत कम है। इससे पहले ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा था कि बातचीत की कोई प्लानिंग नहीं है। सोमवार को होर्मुज स्ट्रेट से सिर्फ 16 जहाज गुजरे। मरीन ट्रैफिक डेटा के मुताबिक, सोमवार को 9 जहाज होर्मुज में दाखिल हुए, जिनमें 2 ईरानी झंडे वाले जहाज थे, जिनमें से एक तेल टैंकर था। वहीं 7 जहाज बाहर निकले, जिनमें एक ईरानी कार्गाे जहाज शामिल था। इजराइल और लेबनान के बीच बातचीत का दूसरा दौर 23 अप्रैल को तय किया गया है। इससे पहले 16 अप्रैल को दोनों देशों की बातचीत हुई थी जिसमें दोनों देशों ने 10 दिनों के लिए सीजफायर पर सहमति जताई थी।
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