Petrol-Diesel Price Hike News: बीती 10 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए देशवासियों से पेट्रोल-डीजल का उपयोग कम करने, एक साल तक विदेश यात्रा से बचने, सोने की खरीदारी टालने, कंपनियों से वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा देने, स्वदेशी उत्पादों को अपनाने, खाद्य तेल की खपत करने की अपील की थी. पीएम मोदी की अपील के बाद से देश को लोगों पेट्रोल-डीजल की दामों में बढ़ोतरी के संकेत मिल रहे थे, हुआ भी कुछ ऐसा ही. आज 15 मई को पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी उछाल आया है. पेट्रोल के दाम में 3.14 रुपए और डीजल 3.11 रुपए की बढ़ोतरी हुई है. इसके अलावा CNG भी महंगा हो गया है. पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने पर विपक्ष केंद्र की एनडीए सरकार पर लगातार हमलावर होता जा रहा है.
“20 रुपये बढ़ेंगे, अभी देखते रहिए”
इसी कड़ी में कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी पर कहा कि ये 20 रुपये बढ़ेंगे, अभी देखते रहिए.. ये झटके धीरे-धीरे अभी लगेंगे, देखते रहिए. अभी तो सोना खरीदना बंद कर दो, यात्रा करना बंद कर दो, तेल की कीमतें बढ़ा दो. इधर ये बढ़ेंगे और उधर मंहगाई बढ़ेगी… यह अब इनके नियंत्रण से बाहर है. अगर समय रहते सही फैसले लिए जाएं, तो वो फलदायक होते हैं. देश को भुगतान करने के लिए तैयार रहना चाहिए.
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“एक्साइज ड्यूटी को कटडाउन कर दिया”
सपा सांसद राजीव राय ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी पर कहा कि आपने(केंद्र सरकार) पेट्रोल पर लगी एक्साइज ड्यूटी को कटडाउन कर दिया है. आपने देश की गरीब जनता पर इस फैसले को थोपा है. यह इस बात को जाहिर करता है कि आपके दिमाग में देश और आम आदमी नहीं रहते हैं. आपके दिमाग में आपके वही मित्र रहते हैं जिनके लिए आप काम करते हैं. प्रधानमंत्री मोदी को चुनना चाहिए कि देश बड़ा है या उनके मित्र बड़े हैं. जिन 80 करोड़ लोगों को आपने 5 किलोग्राम राशन पर जिंदा रखा हुआ है, उनके लिए 1 रुपया भी मायने रखता है.
TMC नेता कुणाल घोष ने कहा कि जिस तरह से पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े हैं, हम उसका विरोध कर रहे हैं. (सरकार की तरफ से) कोई योजना नहीं थी. (2014 से पहले)भाजपा की सरकार से पहले दाम क्या थे और आज क्या दाम हैं, उसकी तुलना करिए.
“लोकसंवेदनाओं से कोई मतलब नहीं”
RJD सांसद मनोज कुमार झा ने कहा कि इस सरकार को लोकसंवेदनाओं से कोई मतलब नहीं है. इस देश में ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ से बहुत नुकसान होगा. मैं चाहता हूं कि 12 महीने चुनाव हो क्योंकि यह सरकार चुनाव से डरती है. इसका(ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी) कई क्षेत्रों पर प्रभाव पड़ेगा.
“हिंदुस्तान भारी आर्थिक संकट से गुजर रहा है”
दिल्ली AAP अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि हमारा अंदेशा है कि आज हिंदुस्तान एक भारी आर्थिक संकट से गुजर रहा है. मैं देश की सरकार से अपील करूंगा कि जो भी सत्य है, वो देशवासियों को बताया जाए. मेरा मानना है कि आने वाले दिनों में यह दाम और बढ़ेंगे. देश की सरकार को जनता को बताना चाहिए कि इस वक्त क्या स्थिति है ताकि जनता साथ मिलकर कुछ कर सके.



