Delhi ABVP Protest: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी(NTA) ने नीट परीक्षा 2026 को मंगलवार को रद्द करने की घोषणा की है. NTA ने केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद परीक्षा रद्द की है. जिसको लेकर आज बुधवार को NTA कार्यालय के बाहर ABVP ने विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के दौरान स्थिति तब तनावपूर्ण हो गई जब पुलिस और ABVP कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए. ABVP कार्यकर्ताओं को प्रशासन द्वारा डिटेन कर लिया गया.
“छात्रों को न्याय नहीं मिला तो आंदोलन जारी रहेगा”
NTA कार्यालय का घेराव करने पहुंचे छात्रों को रोकने के लिए पुलिस ने पुख्ता इंतजाम किए थे. लेकिन जब प्रदर्शनकारियों ने NTA ऑफिस में घुसने की कोशिश की तो पुलिस से उनकी तीखी झड़प हो गई. प्रदर्शनकारी छात्र हाथों में तख्तियां लेकर NTA के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे और परीक्षा संचालन में धांधली की उच्च स्तरीय जांच की मांग कर रहे थे. बता दें कि नीट परीक्षा रिजल्ट घोषित होने के बाद से देशभर में छात्र और विभिन्न संगठन विरोध कर रहे हैं. छात्रों का आरोप है कि पेपर लीक होने से योग्य उम्मीदवारों के साथ अन्याय हुआ है. ABVP ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलता उनका आंदोलन जारी रहेगा.
DUSU के अध्यक्ष आर्यन मान ने कहा कि हमारी मुख्य मांग यह है कि NTA के डायरेक्टर को इस्तीफ़ा देना चाहिए. साल 2024 में, जब NEET का पेपर लीक हुआ था, तब ABVP ही सबसे पहले विरोध प्रदर्शन करने और आवाज़ उठाने वाली संस्था थी, जिसने उनके इस्तीफ़े की मांग की थी. अब एक बार फिर 2026 में पेपर लीक हो गया है. छात्रों के साथ-साथ उनके माता-पिता भी अपनी पूरी ज़िंदगी की जमा-पूंजी लगा देते हैं, ताकि उनके बच्चे NEET की परीक्षा पास कर सकें. हमारी सबसे पहली मांग यह है कि इस साज़िश के पीछे शामिल लोगों की पूरी कड़ी को गिरफ़्तार किया जाए.
NSUI ने भी किया था प्रदर्शन
नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) कार्यकर्ताओं ने बुधवार को दिल्ली में केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था. इस दौरान NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने केद्र सरकार ने जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि देश के हर कोने से छात्र सड़कों पर उतर आए हैं. NEET की तैयारी करने वाले छात्र सड़कों पर हैं. सरकार कहां है? आज, उन लोगों का भविष्य बेच दिया गया है जिन्होंने पूरी लगन और ईमानदारी से NEET परीक्षा की तैयारी की थी. मैं मांग करता हूं कि सरकार दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करे और यह सुनिश्चित करे कि इस साज़िश में शामिल किसी भी व्यक्ति को कड़ी सज़ा मिले. सरकार और प्रशासन के कुछ लोग इस मामले में शामिल हैं.



