KBP Times

महिला आरक्षण विधेयक का मायावती ने किया स्वागत, SC-ST-OBC महिलाओं के लिए अलग से मांगा आरक्षण

Mayawati

Mayawati ON Women Reservation Bill: उत्तर प्रदेश के लखनऊ में आज(15 अप्रैल) बहुजन समाज पार्टी (BSP) की प्रमुख मायावती (Mayawati) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि जैसा कि आप सबको ये विदित है कि कल भारतीय संविधान के मूल निर्माता एंव दलित व अन्य उपेक्षित वर्गों के मसीहा परम पूज्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती थी. जिसे पूरे देश में BSP के लोगों ने अपने परिवार सहित बड़े धूमधाम से मनाया. उन्होंने कहा कि जिस खास मकसद से मैंने आज मीडिया बंधुओं को बुलाया है, वह महिला आरक्षण विधेयक का अत्यंत महत्वपूर्ण मामला है, जिसके लिए केंद्र सरकार ने कल से संसद का तीन दिन का विशेष सत्र भी बुलाया है. इस संबंध में, हमारी पार्टी का कहना है कि देश में बहुजन समाज में से खासकर SC-ST व OBC समाज के हित व कल्याण की तरह ही महिला सशक्तिकरण की बातें बहुत की जाती है लेकिन सही नीयत, नीति व मजबूत इच्छा शक्ति के अभाव के कारण इस पर शायद ही कभी ठीक से अमल हो पाया है.

“50% आरक्षण देने की मांग”
BSP प्रमुख मायावती (Mayawati) ने आगे कहा कि हमारी पार्टी बसपा देश की सवर्ण समाज की महिलाओं को उनकी आबादी के हिसाब से 50% आरक्षण देने की मांग लगातार करती आ रही है लेकिन जिसे कोई भी पार्टी अपने-अपने स्वार्थ व मजबूरियों के कारण मानने को तैयार नहीं दिखती हैं. ऐसे में देश की संसद लोकसभा में व राज्यों की विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण देने की प्रक्रिया को काफी लंबे इंतजार के बाद ही सही लेकिन अब इसे आगे बढ़ाने की कार्रवाई का हमारी पार्टी स्वागत करती है.

यह भी पढ़ें: बिहार के 24वें मुख्यमंत्री बने सम्राट चौधरी, विजेंद्र प्रसाद यादव और विजय चौधरी ने डिप्टी CM पद की शपथ

“27% आरक्षण के लागू की तरह ऐतिहासिक भी जरूर होता”
उन्होंने (Mayawati) कहा कि वास्तव में महिला आरक्षण की असली हकदार, शोषित व उपेक्षित वर्गों में भी खासकर, सामाजिक-राजनीतिक व आर्थिक रूप से लगातार पछाड़ी जा रहीं, SC-ST व OBC समाज की महिलाओं को लेकर यदि इसमें अलग से आरक्षण की व्यवस्था की जाती है, जो नहीं की गई है तो ये उचित होने के साथ-साथ बसपा के अनवरत संघर्षों के बाद OBC समाज को मंडल आयोग की सिफारिशों के तहत 27% आरक्षण के लागू की तरह ऐतिहासिक भी जरूर होता. लेकिन ऐसा नहीं होने से इन वर्गों की महिलाओं को क्या महिला आरक्षण का पूरा लाभ मिल पाएगा, इसमें काफी संदेह है. महिला आरक्षण को राजनीतिक स्वार्थ के बजाय, महिला सुरक्षा, सम्मान व उत्थान आदि से जोड़कर देखना चाहिए तभी इसका सही लाभ मिल पाएगा.

ताजा खबरें

ताजा खबरें

Protein in fruits

प्रोटीन की जरुरत को पूरा करते हैं ये फल, खाएं लेकिन यह भी रखें ध्यान

CJP Protest

सरकार बुलाती रही CJP बातचीत के लिए नहीं गई कहा-सरकार जनता के दरबार में आए

Gums and bad breath

मानसून में मुंह की सफाई का रखें ध्यान, ब्रश करें ताकि बदबू से बचें

Oil Price Hike

रेड सी में तेल टैंकरों पर हमले के बाद उछले कच्चे तेल के दाम, ब्रेंट 95 डॉलर के पार

Raja Raghuvanshi Murder Case

राजा रघुवंशी मर्डर केस: SC ने रद्द की सोनम की जमानत, 3 हफ्ते में सरेंडर का आदेश

NEET and Coaching

छात्र-अभिभावकों की चिंता; NEET की तैयारी, मंहगी Coaching फीस और पेपर लीक

Naresh Meena

नरेश मीणा की बढ़ी मुश्किलें, कोर्ट ने दिए गिरफ्तारी के आदेश, संपत्ति का रिकॉर्ड भी मांगा

Salman Khan post

सलमान खान की पोस्ट-छात्र आंदोलन शिक्षा का मुद्दा इसे राजनीतिक रंग नहीं दें, आलिया बोली-अपने लिए नहीं लड़ रहे

Parliament Monsoon Session

संसद के बाहर सियासी संग्राम, विपक्षी दल-NDA आमने-सामने, जमकर हुई नारेबाजी

2

2