Dhirendra Krishna Shastri: बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने पिछले दिनों यूपी के बांदा में आयोजित आरएसएस के शताब्दी वर्ष हिंदू सम्मेलन में जातिवाद पर निशाना साधते हुए राष्ट्रवाद को सबसे ऊपर रखने की बात कही. इस दौरान उन्होंने कहा कि जिस दिन तिरंगे में चांद आ गया उस दिन ने तो शर्मा बचेंगे न वर्मा बचेंगे, न क्षत्रिय बचेंगे न रविदास वाले बचेंगे और न तुलसीदास वाले बचेंगे यानि कोई भी हिंदू नहीं बचेगा. उन्होंने अपने बयान के समर्थन में बांग्लादेश का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां एक-एक विधवा के साथ 40-40 लोगों ने रेप किया. कृष्ण शास्त्री के बयान पर धर्मगुरुओं की लगातार प्रतिक्रियाएं आ रही है. इसी कड़ी में अयोध्या के साकेत भवन मंदिर के महंत सीताराम दास ने कहा कि पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी ने जो कहा है, वह सही कहा है. संतों की जो दृष्टि होती है और दूर दृष्टि होती है.
“जिहादियों द्वारा आतंक फैलाया जा रहा है”
महंत सीताराम दास ने आगे कहा कि जिस तरह से हमारे देश में ये कट्टरपंथी जिहादियों के द्वारा आतंक फैलाया जा रहा है, सनातन संस्कृति को मिटाया जा रहा है, निश्चित तौर पर जिस दिन तिरंगे में चांद का स्वरूप आ जाएगा, न यहां पर कोई वर्मा, न शर्मा, न पंडित, न ठाकुर, न दलित कोई भी बचने वाले नहीं हैं. जिस तरह से पड़ोसी मुल्क में अल्पसंख्यक काटे जा रहे हैं, मारे जा रहे हैं, पीटे जा रहे हैं, हिंदू बहन बेटियों की इज़्ज़त लूटी जा रही है, वह किसी से छिपी नहीं है. वह घटना भारत में भी घट सकती है. इसलिए सब से पहले सभी लोग संगठित होकर चेतना जरूरी है. संत महापुरुष ही मार्गदर्शक होते हैं, पथप्रदर्शक होते हैं, भविष्यवक्ता होते हैं. उन्होंने जो कहा वह शत प्रतिशत सही कहा है.
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“चोर उचक्का को कथावाचक बना रहे हो”
पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के जातिवाद वाले बयान पर पूर्णिया सांसद पप्पू यादव की भी प्रतिक्रिया आई है. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के सवाल पर पप्पू यादव ने कहा कि ये कौन है, जब पत्रकारों ने कहा कि कथावाचक हैं. तब पप्पू यादव ने कहा कि चोर उचक्का को कथावाचक बना रहे हो, ओशो हैं क्या, आचार्य राममूर्ति हैं क्या। वो जो हमारे एक बाबा हैं, जो बहुत प्यारे हैं, हमेशा हंसते रहते हैं प्रेमानंद बाबा. ऐसे बाबा की इज्जत करो. ये चोर उचक्का जिसका सनातन से कोई लेना-देना नहीं है, सनातन का कुछ पता नहीं. भारत को कृष्णवादी बनने दो, गुरुनानक के पथ पर चलने दो, बुद्ध के पथ पर चलने दो, आंबेडकरवादी बनने दो, भारत को ढोंगीवादी क्यों बना रहे हैं आपलोग?



