Jammu Kashmir Politics: पश्चिम बंगाल में तृणमूल के टूटने और महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे के 6 सांसदों के साथ छोड़ने के बाद जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बीजेपी पर बड़ा आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी के विधायकों को पार्टी बदलने के लिए 20 से 30 करोड़ रुपये, मंत्री पद और राज्य का दर्जा देने का वादा करके उनकी नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेतृत्व वाली सरकार को गिराने की कोशिश की गई. उनकी पार्टी को बार-बार तोड़ने की कोशिश की गई. सीएम अब्दुल्ला ने पार्टी कार्यकर्ताओं से हिम्मत न हारने की अपील की. साथ ही केंद्र से यह स्पष्ट करने को कहा कि राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए सही समय से उनका क्या मतलब है और सवाल किया कि सरकार लद्दाख के लोगों से बातचीत करने को तैयार है, लेकिन जम्मू-कश्मीर के लोगों से क्यों नहीं. अब्दुल्ला के ऑपेरशन लोटस का दावा करने पर राजनीति गरमा गई है. उनके बयान पर कई एनडीए नेताओं की प्रतिक्रिया आई है.
“केवल आरोप लगाने से कुछ नहीं होगा”
जम्मू-कश्मीर भाजपा नेता रविंदर रैना ने सीएम उमर अब्दुल्ला के ऑपरेशन लोटस वाले बयान पर कहा कि ये बड़ा गंभीर आरोप है. उमर अब्दुल्ला एक संवैधानिक पद पर हैं, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री हैं. उन्होंने आरोप तो लगाया है लेकिन उन्हें सार्वजनिक तौर पर सूबत भी देने होंगे कि वे कौन लोग हैं जिन्होंने इस प्रकार की साजिश की है. उमर अब्दुल्ला एक मुख्यमंत्री हैं और उनके बयान को भाजपा बड़ी गंभीरता से लेती है.उन्हें विधायकों को नाम बताने होंगे और जिस व्यक्ति पर उन्होंने आरोप लगाया है, उसका नाम भी उमर अब्दुल्ला को बताना होगा. ये आपराधिक मामला है.एक साजिश और षड्यंत्र की बात उमर अब्दुल्ला ने की है. केवल आरोप लगाने से कुछ नहीं होगा. लोकतंत्र में किसी विषय को लेकर आरोप लगाना, उसके बाद खामोशी हासिल करना काफी नहीं है. उमर अब्दुल्ला को जनता के सामने सबूत रखने चाहिए.
“नेशनल कॉन्फ्रेंस की बुनियाद ही झूठ है”
भाजपा नेता अल्ताफ़ ठाकुर ने सीएम अब्दुल्ला के बयान पर कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस की बुनियाद ही झूठ है, उनके DNA में ही झूठ है. ये गलत आरोप हैं. उमर अब्दुल्ला को साफ तौर पर बताना चाहिए कि वो वकील,जो सुप्रीम कोर्ट का वकील है और भाजपा का पदाधिकारी है, उसका नाम क्या है.नेशनल कॉन्फ्रेंस हद से ज्यादा निराश है क्योंकि उनके अपने लोग ही उनसे नाराज है. इस नाराजगी को छिपाने के लिए ये लोग ऐसे बयान दे रहे हैं. या तो उमर अब्दुल्ला माफी मांगें या फिर उमर अब्दुल्ला को साफ बताना चाहिए कि कौन सा विधायक है जिससे ये बातचीत की गई है. नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक ही उनकी को तोड़ेंगे क्योंकि उनके अधिकांश विधायक पार्टी नेतृत्व से नाराज हैं.
यह भी पढ़ें: ईरान के 140 ठिकानों पर अमेरिका की एयरस्ट्राइक, होर्मुज पर जहाज पर हमले का लिया बदला



