Houthi : ईरान-इजराइल जंग में अब हूती विद्रोही (Houthi) भी इसमें शामिल हो गए हैं। इजराइल मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक यमन में मौजूद ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने करीब 2000 किलोमीटर दूर इजराइल के दक्षिणी शहर बेर्शेबा और आसपास के इलाकों को निशाना बनाते हुए बैलिस्टिक मिसाइल दागी। हालांकि इजराइल ने मिसाइल को हवा में ही नष्ट करने का दावा किया है। इस हमले में किसी के घायल होने की खबर नहीं है। मौजूदा जंग के दौरान यमन से इजराइल पर यह पहला हमला माना जा रहा है। दूसरी ओर हिजबुल्लाह ने भी इजराइल पर हमले करने का दावा किया है।
हूती ने पहले भी किए थे हमले
हूती (Houthi)ने इससे पहले गाजा जंग शुरू होने के बाद नवंबर 2023 में इजराइल और समुद्री जहाजों पर हमले शुरू किए थे। इसके जवाब में इजराइल ने भी उन पर जवाबी हमले किए थे। हालांकि अक्टूबर 2025 में हमास और इजराइल के बीच सीजफायर होने के बाद से हूती विद्रोहियों ने इजराइल पर हमले रोक दिए थे। वहीं, यूएई में इंटरसेप्ट की गई बैलिस्टिक मिसाइलों के मलबे गिरने से पांच भारतीय नागरिक घायल हो गए हैं। इनमें 2 की हालत गंभीर बताई गई है।
हिजबुल्लाह ने इजराइली सैनिकों पर हमला किया
हिजबुल्लाह संगठन ने दावा किया है कि उसने सीमा पार कर लेबनानी क्षेत्र में आगे बढ़ रहे इजराइली सैनिकों पर कई हमले किए हैं। समूह के अनुसार, मरजायौन जिले के अल-कंतारा इलाके में तलाब के पास दो इजराइली टैंकों को निशाना बनाया गया। हिजबुल्लाह ने यह भी कहा कि तैयबेह इलाके के पास लितानी नदी की ओर बढ़ रहे इजराइली सैनिकों पर रॉकेट, तोप और ड्रोन से हमले किए गए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजराइल ने पहले ही चेतावनी दी है कि वे लेबनान के अंदर लितानी नदी तक कब्जा कर सकते हैं।
यूएन में चीन-रूस ने अमेरिका की आलोचना की
संयुक्त राष्ट्र में ईरान युद्ध को लेकर चीन और रूस ने अमेरिका की आलोचना की है। हालांकि, यह भी माना जा रहा है कि इस संघर्ष से दोनों देशों को राजनीतिक और आर्थिक फायदा मिल रहा है। हाल ही में बहरीन की ओर से खाड़ी देशों और जॉर्डन के समर्थन से एक प्रस्ताव लाया गया, जिसे अमेरिका ने समर्थन दिया। इस प्रस्ताव में ईरान के हमलों की निंदा की गई, लेकिन अमेरिका और इजराइल की कार्रवाई का जिक्र नहीं किया गया। दोनों देशों ने इस प्रस्ताव को वीटो नहीं किया। अमेरिका ने इस पर उन्हें ईरान के साझेदार भी बताया। एक्सपर्ट के अनुसार, इसकी एक वजह यह हो सकती है कि दोनों देश इस युद्ध से आर्थिक रूप से भी फायदा उठा रहे हैं। रूस को तेल की बढ़ती कीमतों से लाभ मिल रहा है, वहीं चीन पर आरोप है कि वह ईरान को युद्ध में इस्तेमाल होने वाली तकनीक उपलब्ध करा रहा है।
बुशेहर परमाणु प्लांट पर तीसरा हमला
संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था प्।म्। ने बताया है कि ईरान ने बुशेहर परमाणु संयंत्र के इलाके में एक और हमले की जानकारी दी है। पिछले 10 दिनों में यह तीसरी ऐसी घटना है। IAEA के मुताबिक, तेहरान ने कहा है कि इस हमले में चल रहे रिएक्टर को कोई नुकसान नहीं पहुंचा और न ही किसी तरह का रेडिएशन लीक हुआ है। संयंत्र सामान्य रूप से काम कर रहा है। IAEA प्रमुख राफेल ग्रोसी ने चेतावनी दी है कि अगर किसी हमले में रिएक्टर को नुकसान होता है, तो यह बड़ी परमाणु दुर्घटना का कारण बन सकता है।
इजराइली सेना ने हूती मिसाइल हवा में मार गिराई
इजराइल की सेना ने कहा है कि यमन से दागी गई Houthi बैलिस्टिक मिसाइल को उसकी एयर डिफेंस प्रणाली ने सफलतापूर्वक रोक लिया। सेना के अनुसार, यह मिसाइल ईरान समर्थित (Houthi) हूती समूह की ओर से दक्षिणी इजराइल की तरफ दागी गई थी। हमले में किसी के घायल होने या नुकसान की कोई खबर नहीं है।



