Naxal Surrender: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को लोकसभा में कहा कि भारत नक्सल मुक्त हो गया है. हमने 31 मार्च तक देश को नक्सल मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा था. मैं पूरी व्यवस्था होने के बाद देश को भी सूचित करूंगा. वहीं आज मंगलवार को संसद सत्र के दौरान AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने नक्सलवाद की वर्तमान स्थिति पर अपनी राय रखी. उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि क्या वास्तव में इसे समाप्त कर दिया गया है. माओवादी अपनी विचारधारा को त्याग नहीं रहे हैं भले ही वे हथियार डाल रहे हों, इसे केवल एक सामरिक वापसी बताया. उन्होंने 1977 में सीपीआई(ML) द्वारा अपने सशस्त्र संघर्ष को निलंबित करने के उदाहरण का हवाला दिया, साथ ही सुझाव देते हुए कहा कि अतीत में भी ऐसी ही रणनीतियां देखी गई है. उन्होंने कहा कि केवल सैन्य जीत ही नक्सलवाद का स्थायी समाधान नहीं है. जब तक शासन में सुधार नहीं होता, आदिवासियों को उनके अधिकार नहीं मिलते तो इस तरह के आंदोलन फिर से उभर सकते हैं.
“भाजपा ने पूरी तरह नक्सलवाद को आगे बढ़ाया”
वहीं उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में जब भाजपा की सरकार थी और रमन सिंह मुख्यमंत्री थे तो उन्हीं के कार्यकाल में हमारे कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को नक्सलियों ने मार दिया था. छत्तीसगढ़ में पूरी कांग्रेस पार्टी ही समाप्त हो गई थी. भाजपा ने पूरी तरह नक्सलवाद को आगे बढ़ाया है, उन्हें पाला-पोसा है और अब जब उन्हें लग रहा है कि हम उसे दूसरा रूप दे सकते हैं तो इन्हें अब उनके सफाया का काम किया है.
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“13 राज्य पूरी तरह नक्सलवाद से प्रभावित थे”
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री असीम अरुण ने कहा कि एक समय में 13 राज्य पूरी तरह नक्सलवाद से प्रभावित थे. लगभग 10-11 सालों में जिस तरह काम किया गया है, एक-एक गांवों को अपराधियों, आतंकियों से मुक्त किया गया है, सुरक्षित किया गया है, विकास कार्य किया गया है. स्कूल, अस्पताल, सड़कों को ठीक किया गया है. पिछली सरकार ने जो विकास को बाधित किया था उसका परिणाम नक्सलवाद था. मुझे इस बात की बहुत खुशी है कि हम नक्सलवाद से मुक्त हुए हैं और इन राज्यों का विकास अब और तेजी से होगा.



