Malda Violence: पश्चिम बंगाल के मालदा के कालियाचक में 7 न्यायिक अधिकारियों को बंधन बनाने की घटना पर भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने संज्ञान लिया है. उन्होंने कहा कि राज्य में हर कोई राजनीतिक भाषा बोल रहा है. अधिकारियों को डराने की कोशिश की जा रही है. चुनाव आयोग सभी अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करें, अधिकारियों को सुरक्षित जगह दी जाए. वहीं दूसरी तरफ चुनाव आयोग ने डीजीपी से रिपोर्ट तलब की है. इसी बीच मालदा में हुई घटना को लेकर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर केंद्रीय मंत्री गिरीराज सिंह की प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी से ममता बनर्जी को सीख लेनी चाहिए. ममता बनर्जी ने 15 साल के अपने शासनकाल में केवल ध्रुवीकरण की राजनीति की है. वे जनता के सामने न गरीबी की बात करती हैं, न बेरोजगारी की बात करती हैं, न हिंसा की बात करती हैं, न दुष्कर्म के किसी सवाल पर बात करती हैं. जो सबसे बड़ी घटना हुई, शिक्षकों की बहाली पर भी वे बात नहीं करती हैं. मैं सुप्रीम कोर्ट से निवेदन करूंगा कि ममता बनर्जी के रहते वहां(पश्चिम बंगाल) निष्पक्ष चुनाव नहीं हो सकता. ममता बनर्जी सरकारी कर्मचारियों का राजनीतिकरण करती हैं इसलिए लोगों का भरोसा उठ चुका है.
“पश्चिम बंगाल में जघन्य आपराधिक अराजकता है”
भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नक़वी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में जो जघन्य आपराधिक अराजकता है, यदि वो न्यायिक पदाधिकारियों के अपहरण तक पहुंच जाए तो इसका मतलब कि वहां पर कानून-व्यवस्था की मशीनरी अराजक तत्वों और राष्ट्र-विरोधी ताकतों के हाथों में बंधक बनी हुई है. ये जघन्य अराजकता यदि न्यायिक अधिकारियों के अपहरण के रूप में दिखाई दे तो स्पष्ट है कि कैसे बेखौफ होकर सरकार के संरक्षण में गुंडे, माफियाओं और अराजक तत्वों ने पश्चिम बंगाल का कितना नुकसान किया है. इसलिए पश्चिम बंगाल की जनता इस जंगलराज से मुक्ति और मंगलराज की स्थापना के लिए काम कर रही है और इस बात का एहसास उन लोगों को भी हो चुका है जो इस समय पश्चिम बंगाल की सरकार में हैं.
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“अब तक 35 लोगों की गिरफ्तारी”
मालदा घटना पर ADG उत्तरी बंगाल के. जयरामन ने कहा कि हमने अब तक 35 लोगों को गिरफ़्तार किया है और 19 मामले दर्ज किए हैं. मुख्य भड़काने वाला मोफ़क्करुल इस्लाम बागडोगरा में हिरासत में है. उसे यहां लाया जा रहा है. NIA इस मामले की जांच अपने हाथ में लेगी. उसे कालियाचक मामले में गिरफ़्तार किया गया है. वह एक वकील लगता है. हम जांच कर रहे हैं कि बचाव कार्य में देरी क्यों हुई, और फिर हम एक रिपोर्ट सौंपेंगे.
“चुनाव आयोग का व्यवहार चिंता का विषय है”
वहीं RJD नेता मनोज कुमार झा ने मालदा मामला NIA को सौंपने पर कहा कि जो हुआ है चिंताजनक है लेकिन मैं देख रहा हूं बंगाल को हिंसक चुनाव की तरफ ले जाया जा रहा है और चुनाव इस तरह की चीज़ों में तब्दील होता है तो हमारे देश के बड़े लोगों को आइना देखने की जरूरत है. चुनाव आयोग का व्यवहार अपने आप में चिंता का विषय है. ईडी, CBI पहले से उनके (भाजपा) पाले में थी बस एक आग्रह करूंगा कि देश में चुनाव हर 5 साल में होंगे लेकिन देश में जो क्षति होगी सौहार्द की उसकी भरपाई नहीं हो पाएगी.



