Fansi Ghar Controversy: दिल्ली की राजनीति में ‘फांसी घर’ के मुद्दे खींचतान तेज हो गई है. इसी बीच दिल्ली विधानसभा में विपक्ष की नेता और AAP विधायक आतिशी ने बीजेपी पर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल को दिल्ली विधानसभा ने ‘फांसी घर’ के मुद्दे के मामले में बुलाया है. मैं आज भाजपा से पूछना चाहती हूं कि क्या यह दिल्ली का सबसे बड़ा मुद्दा है? भाजपा वायु प्रदूषण या सड़कों के मामले पर चर्चा के लिए किसी को नहीं बुला रही है. मुबारकपुर डबास में महीनों से सीवर का पानी घुटनों-घुटनों तक भरा हुआ है उसपर किसी को नहीं बुला रहे. जो कालकाजी, ग्रेटर कैलाश, गोविंदपुरी में कचरे के ढेर पड़े हुए हैं उसपर तो किसी को नहीं बुला रहे. दिल्ली की सड़कें टूटी हुई है, प्राइवेट स्कूलों की फीस बढ़ी हुई है उसपर किसी को नहीं बुला रहे. दिल्ली तो संभल नहीं रही है.
“बंदर के हाथ में उस्तरा दे दिया”
AAP विधायक आतिशी ने आगे कहा कि बीजेपी सरकार ऐसे चला रही है जैसे बंदर के हाथ में उस्तरा दे दिया है और उनको क्या करना है अरविंद केजरीवाल को गाली देनी है. इसीलिए आज बुलाया है. इससे पता चलता है कि उन्हें (भाजपा) कितना डर है कि आज न तो विधायक और न ही मीडिया को विधानसभा के अंदर जाने दिया जा रहा है. इससे साफ होता है कि बीजेपी को पता है कि दिल्ली की जनता उन्हें मारने को दौड़ रही है. दिल्ली की जनता को पता है कि उनसे गलती हो गई कि उन्होंने अरविंद केजरीवाल की जगह बीजेपी को वोट दे दिया. यही बीजेपी के खौफ का कारण है.
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क्या है फांसी घर विवाद?
दरअसल, साल 2022 में दिल्ली विधानसभा परिसर के एक हिस्से का नवीनीकरण किया गया था. उद्घाटन के दौरान इसे ब्रिटिश काल का फांसी घर बताया गया था. जिसको लेकर दावा किया गया था इसे आजादी के समय स्वतंत्रता सेनानियों को फांसी देने के लिए किया जाता था. इसे ऐतिहासिक और देशभक्ति-बलिदान की याद दिलाने वाला स्थान बताया गया. उद्घाटन के बाद इस दावे पर सवाल उठने लगे. कुछ लोगों ने कहा कि जिसे फांसी घर बताया जा रहा है वो एक साधारण कमरा है. इस मुद्दे पर विवाद तब बढ़ा जब बीजेपी ने सवाल खड़े किए. बीजेपी ने कहा कि जिस जगह को ऐतहासिक फांसी घर बताया गया है उसका पक्का ऐतहासिक सबूत नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि यह एक साधारण कमरा था जिसे फांसी घर का नाम दिया गया. मामले के जांच की मांग उठी और दिल्ली विधानसभा की विशेषाधिकार समिति तक मामला पहुंचा. विधानसभा में दी गई जानकारी के अनुसार, फांसी घर के नवीनीकरण में करीब 1.14 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे. बीजेपी का कहना है कि अगर ऐतहासिक आधार ही साफ नहीं है तो इतने पैसे क्यों खर्च किए गए.



