Election Commission : देश भर में SIR को लेकर उठे विवाद और लोगों के पास पहुंचे नोटिस के बाद अब चुनाव आयोग ने माना है कि SIR के दौरान अब तक 30 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से 13.37 करोड़ नाम कम हुए हैं। चुनाव आयोग के मुताबिक देश में कुल 96.88 करोड़ से ज्यादा मतदाता हैं यानी करीब 14.1% वोटर्स के नाम SIR में कट गए। चुनाव आयोग ने शनिवार को कहा कि जिन लोगों के नाम SIR कट गए हैं, वे नाम जोड़ने के लिए अप्लाई कर सकते हैं। अफसर घर-घर जाकर उनके दस्तावेज कलेक्ट करेंगे और चुनाव आयोग की वेबसाइट पर अपलोड करेंगे। इन पर तय समय के भीतर रीजनल इलेक्टोरल अफसर फैसला लेगा। SIR में नोटिस पाने वाले लोगों को व्यक्तिगत सुनवाई के लिए कहीं जाने की जरूरत नहीं है। सिर्फ असाधारण मामलों में ही उन्हें व्यक्तिगत सुनवाई के लिए जाना होगा।
चुनाव आयोग ने दिल्ली में बैठक की
चुनाव आयोग ने दिल्ली में बैठक की। इस बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दोनों चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी मौजूद रहे। बैठक के बाद आयोग ने एक प्रेस नेट जारी कर कहा कि जिला अधिकारी जरूरत के हिसाब से हेल्प डेस्क और विशेष कैंप लगाएंगे, ताकि लोग आसानी से अपनी समस्या बता सकें। राजधानी दिल्ली में दावे और आपत्तियां डालने की आखिरी तारीख 30 अक्टूबर 2026 तक बढ़ाई गई। निपटारे की तारीख 30 नवंबर 2026 तक बढ़ाई गई। SIR में अगर आपका नाम लिस्ट में नहीं है या छूट गया है तो फॉर्म-6 के जरिए नाम शामिल कराने का दावा किया जाता है। आयोग ने कहा कि फॉर्म-6 पर कोई विवाद है ही नहीं। फॉर्म-6 को सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा है।
दिल्ली-महाराष्ट्र में 30 अक्टूबर तक क्लेम कर सकेंगे
बैठक में फैसला लिया गया कि दिल्ली, महाराष्ट्र में क्लेम और ऑब्जेक्शन दाखिल करने की तारीख 30 अक्टूबर 2026 तक बढ़ा दी गई है। दिल्ली में विवाद का निपटारा 30 नवंबर और महाराष्ट्र में निपटारा 10 नवंबर तक करना होगा। गोवा में जिन वोटर्स का नाम छूट गया है, वहां ब्लॉक अफसर घर-घर जाकर फॉर्म-6 कलेक्ट करेगा।
कांग्रेस ने देशभर में प्रदर्शन किया
यह मामला चुनाव आयोग के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर चल रहे विवाद के बीच सामने आया है। एक अंग्रेजी अखबार की की एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि दो चुनाव आयुक्तों ने पिछले 10 महीनों में चुनाव आयोग के फैसलों पर 14 बार आपत्ति जताई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं की गई। कांग्रेस का आरोप है कि ज्ञानेश कुमार चुनाव आयोग में मनमानी कर रहे हैं और दो अन्य आयुक्तों की बात नहीं सुन रहे हैं। कांग्रेस ने ज्ञानेश कुमार को हटाने और उनकी गिरफ्तारी की मांग को लेकर शुक्रवार को देशभर में प्रदर्शन किया।
सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दाखिल
चुनाव से जुड़े कुछ आदेशों और कथित सॉफ्टवेयर बदलावों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दाखिल की गई है।
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