Sambhal CJM Transfer: यूपी में संभल हिंसा मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. ASP अनुज चौधरी पर FIR दर्ज करने का आदेश देने वाले संभल कोर्ट के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विभांशु सुधीर का तबादला कर दिया गया है. उनका तबादला संभल से सुल्तानपुर किया गया है. जिसको लेकर अब राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. उत्तर प्रदेश से कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने बीजेपी पर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के शासन और प्रशासन और भारतीय जनता पार्टी ने कानून का मजाक बना दिया है, जो लोग दोषी हैं, उनको पुरस्कार दिया जा रहा है. जो लोग गोली चलाते हैं, उनको पुरस्कार दिया जा रहा है. जो लोग उनको कानून सम्मत जद में लाते हैं, उनके ट्रांसफर किए जा रहे हैं. यही भारतीय जनता पार्टी का शासन और प्रशासन है.
“भाजपा को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी”
सुरेंद्र राजपूत ने आगे कहा कि यहीं से भारतीय जनता पार्टी संविधान को तोड़ने की बात करती है, यहीं से लोकतंत्र को खत्म करने की बात करती है, यहीं पर कानून का शासन नहीं. भारतीय जनता पार्टी की इच्छा का शासन चल रहा है, कि खाता न भही, जो भाजपा कहे वो सही. आज की तारीख में, कानूनी रूप से अगर FIR करने का उन्होंने आदेश दिया था, तो क्या इसका मतलब उनका ट्रांसफर कर देना हो गया? भाजपा को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी.
यह भी पढ़ें: “AAP भारत की राजनीतिक का कूड़ा घर…” दिल्ली मंत्री कपिल मिश्रा का सौरभ भारद्वाज के बयान पर पलटवार
“संविधान और लोकतंत्र का सबसे प्रथम अंग है”
वहीं संभल में आज बुधवार को कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने नवंबर 2024 में हुई संभल हिंसा के मास्टरमाइंड शारिक सथा के आवास को कुर्क किया. जिसपर संभल नॉर्थ ASP कुलदीप सिंह ने कहा कि शारिक सथा के आवास की कुर्की की कार्रवाई की जा रही है. हम आगे के आदेशों का इंतज़ार कर रहे हैं. चार थानों की फोर्स और PAC तैनात की गई है. मामले पर उत्तर प्रदेश के मंत्री नरेंद्र कश्यप की भी प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने कहा कि न्यायपालिका संविधान और लोकतंत्र का सबसे प्रथम अंग है. संभल में जो हुआ उसपर मैं कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता और न ही टिप्पणी की आवश्यकता है क्योंकि न्यायालय जो करेगा जनता को न्याय दिलाने के लिए ही करेगा.



