Digvijaya Singh:कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक से ठीक पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह की एक सोशल मीडिया पोस्ट से सियासी हलचल तेज हो गई है. दरअसल, दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक पुरानी तस्वीर शेयर की है. जिसमें पीएम मोदी बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं के चरणों के पास फर्श पर बैठे दिखाई दे रहे हैं. इस तस्वीर के साथ दिग्विजय सिंह ने लिखा कि Quora site पर मुझे यह चित्र मिला. बहुत ही प्रभावशाली है. किस प्रकार RSS का ज़मीनी स्वयं सेवक व जनसंघ @BJP4India का कार्यकर्ता नेताओं की चरणों में फर्श पर बैठकर प्रदेश का मुख्यमंत्री व देश का प्रधानमंत्री बना. यह संघटन की शक्ति है. जय सिया राम.
“पोस्ट RSS-BJP के संगठनात्मक ढांचे की ताकत दिखाने के लिए“
दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh)की पोस्ट सामने आते ही अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आ रही है. कुछ लोगों ने इसे प्रधानमंत्री पर तंज के तौर पर देखा, तो कुछ ने इसे संगठनात्मक राजनीति पर टिप्पणी माना है. हालांकि दिग्विजय सिंह ने मीडिया से बातचीत में साफ तौर पर कहा कि उनका इरादा किसी की आलोचना करने का नहीं था. बल्कि उन्होंने यह पोस्ट आरएसएस और बीजेपी के संगठनात्मक ढांचे की ताकत को दिखाने के लिए थी.
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बांग्लादेश में हिंसा पर भी बोले दिग्विजय सिंह
बता दें कि इससे पहले बांग्लादेश में हिंदुओं और अल्पसंख्यक समुदायों पर हो रहे हमलों को लेकर भी कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह का बयान सामने आया था. उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमलों को सिर्फ वहां की अंदरूनी समस्या मानकर नहीं देखा जाना चाहिए. उनके मुताबिक, ये हालात कहीं न कहीं भारत में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रही घटनाओं का रिएक्शन भी हो सकते हैं. बांग्लादेश में सरकार बदलने के बाद ऐसे तत्व सक्रिय हो गए हैं, जो धर्म के नाम पर राजनीति करते हैं. इन ताकतों का विरोध पहले शेख मुजीबुर रहमान और बाद में शेख हसीना करती रही हैं.

दिग्विजय सिंह ने आगे कहा कि जिस तरह भारत में कट्टरपंथी ताकतें अल्पसंख्यकों के खिलाफ माहौल बना रही हैं, उसी तरह का असर पड़ोसी देश बांग्लादेश में भी देखने को मिल रहा है. हालांकि दिग्विजय सिंह ने बांग्लादेश में हिंदू और ईसाई समुदाय पर हो रहे हमलों की कड़ी निंदा भी की. उन्होंने साफ कहा कि किसी भी धर्म के लोगों पर हमला गलत है और यह मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है. उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं और ईसाइयों के साथ जो हो रहा है, उसे किसी भी हाल में जायज़ नहीं ठहराया जा सकता.



