CJP Protest : मुख्य चुनाव आयोग ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी 10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन करेगी। इसको ध्यान में रखते हुए दिल्ली सरकार ने दो दिनों के लिए शराब की दुकानें बंद रखने के आदेश दिए हैं, नई दिल्ली पहुंचने वाली कई रेल रद्द कर दी गई हैं, नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन स्टेशन आने वाली सभी मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें कल रद्द रहेंगी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रेलवे इन ट्रेनों को उनके शुरुआती स्टेशनों से ही रद्द कर दिया है। दिल्ली पुलिस ने सीजेपी को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की इजाजत अभी तक नहीं दी है।
जहां रोका वहीं जंतर-मंतर जैसा प्रदर्शन
बता दें कि सीजेपी के संस्थापक दीपके ने 2 अक्टूबर की रात एक्स पर पोस्ट कर कहा था कि अगर ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं, तो देशभर से कॉकरोच दिल्ली पहुंचेंगे। उन्होंने यह भी कहा था कि अगर दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर तक पहुंचने से रोका, तो जहां उन्हें रोका जाएगा, वहीं पर जंतर-मंतर बनेगा। सीजेपी और लेफ्ट संगठनों ने देशभर में समर्थकों को हिरासत में लेने का आरोप लगाया है। पुलिस ने प्रदर्शन से पहले 57 मेट्रो स्टेशन बंद करने और 10 डिटेंशन सेंटर बनाने का फैसला लिया है। इससे पहले गुरुवार रात कॉकरोच जनता पार्टी ने कहा कि पुणे के छात्रों को दिल्ली जाते समय बीच रास्ते में हिरासत में लिया गया। उन्हें बस से अज्ञात जगह ले जाया गया। वहीं, सीजेपी ने मध्य प्रदेश का एक वीडियो भी साझा किया। इसमें चलती बस में युवाओं को दिखाया गया है। एक युवक ने मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की बात कही।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की इजाजत नहीं
दिल्ली पुलिस ने कहा कि जंतर मंतर पर धरना-प्रदर्शन की परमिशन नहीं दी गई है। वहां पर ठछैै की धारा 163 लागू है यानी 5 लोग नहीं जुट सकते। अगर इसका पालन नहीं हुआ तो कार्रवाई होगी।
होटल रजिस्टर और पहचान की जांच कर रही पुलिस
होटलों में रिकॉर्ड की जांच- दिल्ली पुलिस होटलों और गेस्ट हाउसों में जाकर रजिस्टर चेक कर रही है। वहां ठहरे मेहमानों की आईडी और जानकारियों की बारीकी से पड़ताल हो रही है। 8 से 11 अक्टूबर वालों पर नजर- संदिग्ध लगने वाले मेहमानों से सीधे पूछताछ की जा रही है। खास तौर पर 8 से 11 अक्टूबर के बीच रुकने वालों के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।
दिल्ली किस काम से आए हो
जानकारी के मुताबिक दिल्ली पुलिस युवाओं के ग्रुप से पूछताछ कर रही है। ग्रुप में आए लोगों पर खास नजर है। खासकर 20 से 30 साल के युवाओं से पूछा जा रहा है कि वे दिल्ली किस काम से आए हैं। अगर कमरा किसी और ने बुक कराया है और रुका कोई दूसरा है, तो ऐसे मामलों की कड़ी जांच हो रही है। होटल रजिस्टर से असली आईडी मिलाई जा रही है। बसों और रास्तों पर पहरा- बस ऑपरेटरों और उनकी बुकिंग पर नजर रखी जा रही है, ताकि नई दिल्ली की तरफ लोगों की भीड़ को इकट्ठा होने से रोका जा सके। रेलवे स्टेशनों और एयरपोर्ट के आसपास भी बड़े ग्रुप्स में आने वाले लोगों पर पुलिस सख्त नजर रख रही है।
दिल्ली में प्रदर्शन से पहले लोगों को हिरासत में लिया जा रहा
अभिजीत दीपके ने बेंगलुरु में प्रदर्शन से पहले सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा- सत्ता आपके पास हो सकती है, लेकिन सड़कें हमारी हैं। यहीं से हम अपना लोकतंत्र वापस लेंगे। एक अन्य पोस्ट में उन्होंने दावा किया कि 10 अक्टूबर के प्रदर्शन से पहले बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया जा रहा है। उन्होंने लिखा- मोदी को लगता है कि लोगों को जेल में डालकर विरोध की आवाज को दबाया जा सकता है। जितने ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया जाएगा, उतने ही ज्यादा लोग प्रदर्शन में शामिल होंगे।
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