CJP Protest: नीट पेपर लीक मामले और देश में बढ़ती बेरोजगारी के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन अब और उग्र हो गया है. पुलिस और प्रदर्शनकारी आमने-सामने आ गए हैं. पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग कर रखी है. प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने नहीं दिया जा रहा है. इससे भीड़ बेकाबू हो गई है. लोगों ने बैरिकेंडिग तोड़ने की कोशिश की तो पुलिस ने लाठीचार्ज किया. कॉकरोच जनता पार्टी का मार्च 9 बजे शुरू होना था, लेकिन बैरिकेडिंग की वजह से देर हो गई. बता दें कि आज 20 जुलाई 2026 से संसद के मानसून सत्र की शुरुआत हो रही है. CJP ने पहले ही 20 जुलाई को चलो संसद मार्च का ऐलान किया है. 19 जुलाई की शाम से ही मार्च के समर्थन में देश भर के छात्र, प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थी और उनके पेरेंट्स 19 जुलाई की शाम से ही दिल्ली के जंतर-मंतर पर जुटने शुरू हो गए थे. दिल्ली में बड़े आंदोलन को देखते हुए दिल्ली पुलिस और खुफिया एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट पर है. सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं.
View this post on Instagram
कॉकरोच जनता पार्टी फाउंडर अभिजीत दीपके ने कहा कि हमें कोई रोक नहीं सकता है. वहीं पुलिस का कहना है कि हमने मार्च की परमिशन नहीं दी है.
वहीं दूसरी तरफ 23 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक ने अनशन खत्म करने की तीन शर्तें रखी हैं.
पहली- सरकार शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक की जिम्मेदारी ले.
दूसरी- कॉकरोच जनता पार्टी प्रतिनिधिमंडल को संसद जाने दिया जाए और सांसद मुद्दा उठाने का भरोसा दें.
तीसरी- स्वास्थ्य कारणों से ऐसा संभव न हो तो सांसद सफदरजंग अस्पताल जाकर यही आश्वासन दें.
वांगचुक की पत्नी फिर हाईकोर्ट पहुंची
सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे आंगमो आज फिर दिल्ली हाईकोर्ट पहुंची है. शनिवार को कोर्ट ने सफदरजंग अस्पताल में जारी वांगचुक के इलाज में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था. अपनी अपील में गीतांजलि ने तर्क दिया कि सिंगल जज का रविवार का आदेश बिना किसी गिरफ्तारी के वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल में अवैध रूप से हिरासत में रखता है और प्रभावी रूप से निर्देश देता है एक्टिविस्ट या उनकी पत्नी दोनों के पास ही उनके इलाज को तय करने का निर्णायक अधिकार नहीं है.
यह भी देखें: जंतर मंतर पर छात्रों का जुटना शुरू | बड़ी संख्या में छात्रों की टोलियां पहुंच रहीं धरना स्थल
यह भी पढ़ें: सोनम वांगचुक को प्राइवेट हॉस्पिटल में शिफ्ट करने की अर्जी खारिज, हाईकोर्ट ने सरकार-पुलिस से 3 दिन में मांगा जवाब



