LPG Crisis:ईरान-इजरायल युद्ध की चिंगारी अब भारत की उन रसोइयों तक पहुंचने लगी है जहां से रोजाना हजारों लोगों का पेट भरता है. भारत में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों का अकाल सा पड़ गया है. इसका असर अब रामनगरी अयोध्या में भी दिखाई देने लगा है. जहां कई सालों से बिना रुके चल रही राम रसोई के चूल्हे भी ठंडे पड़ गए हैं. राम रसोई के बाहर एक नोटिस चस्पा किया गया है. जिसमें लिखा है देश में गैस की किल्लत के कारण आज(10 मार्च) राम रसोई स्थगित की गई है. बतां दे कि इस रसोई से रोजाना करीब 10 से 20 हजार श्रुद्धालुओं का मुफ्त में पेट भरता है. मामले को लेकर राजनीति भी शुरू हो गई है. समाजवादी पार्टी सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि गैस की कितनी किल्लत है. प्रभु श्री राम की नगरी अयोध्या में राम के नाम पर रसोई चलती थी. आजादी के बाद पहली बार राम रसोई बंद हुई है. इस बात को मैंने सदन में भी उठाया. भाजपा तो वहीं से राजनीति करती थी लेकिन आज कितनी विडंबना है कि राम रसोई बंद हो गई. राम रसोई चालू की जाए. इसके लिए मैं 15 तारीख से अयोध्या में धरना दूंगा. मैं मांग करता हूं कि तत्काल प्रभाव से राम रसोई शुरू हो.
“नया षड्यंत्र समाजवादी पार्टी ने शुरू किया है”
सांसद अवधेश प्रसाद के बयान पर VHP नेता विनोद बंसल ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि अयोध्या के विरुद्ध एक नया षड्यंत्र समाजवादी पार्टी ने शुरू किया है. आज भी 30 हजार लोगों ने वहां(अयोध्या में) पर भोजन ग्रहण किया है, भगवान राम का प्रसाद लिया है. उनके(अवधेश प्रसाद) तो नाम में ही प्रसाद है और वे प्रसाद को बदनाम कर रहे हैं. मुझे लगता है कि ऐसे लोगों को तो पार्टी से तुरंत बाहर निकाल दिया जाना चाहिए. उन्हें अविलंब अपना ये बयान वापस लेना चाहिए और यदि जरूरत हुई तो मैं उनके साथ अयोध्या जाकर इस तथ्य की जांच करवा सकता हूं.
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मंदिर प्रबंधन का क्या कहना है?
मंदिर प्रबंधन का कहना है कि कमर्शियल सिलेंडरो की सप्लाई पूरी तरह बंद हो गई है. प्रबंधन अब लकड़ी और कोयले जैसे पारंपरिक विकल्पों पर विचार कर रहा है, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में लोगों का खाना चूल्हे पर बनाना एक बड़ी चुनौती है. सिर्फ राम रसोई ही नहीं, हनुमानगढ़ी के मशहूर लड्डू और अन्य भंडारों पर गैस संकट की मार पड़ी है.



