Ram Mandir Donation Row: AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने आज हैदराबाद में मीडिया से बातचीत के दौरान राम मंदिर चंदे को लेकर हुए विवाद पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि हम तो इंतजार में हैं कि FIR कब होगा और FIR के बाद किसका घर तोड़ा जाएगा? बुलडोज़र चलेगा या गोली चलेगी? आस्था की बुनियाद पर आपने सब कुछ कर दिया. अब आस्था की बुनियाद पर क्या ये भी बर्दाश्त किया जाएगा? अब ये सरकार को तय करना है. FIR क्यों नहीं हो रही, FIR होगी तो गोली चलेगी पैर पर या बुलडोजर चलेगा घर पर, क्योंकि ये तो सिर्फ मुस्लिम समाज के ऊपर ही चल रहा है उत्तर प्रदेश में.. रोड पर नमाज न पढ़ना, जब मजहबी यात्रा हो तब दुकानें बंद कर देना. आपने तो रूल ऑफ लॉ को भुला दिया, रूल बॉय गन से सरकार चल रही है.
इसके अलावा अन्य मुद्दे पर असदुद्दीन ओवैसी ने मीडिया से सवालों का जवाब दिया. उन्होंने बताया कि हमने इलेक्शन कमीशन से ये रिक्वेस्ट की थी कि जो 12 डॉक्युमेंट्स देने हैं उन वोटर्स का नाम दोबारा ड्राफ्ट लिस्ट में आने के लिए, जिनका 2002 में नाम नहीं है. बारह में तो ऐसे ही चार चले गए,अब बचे कितने? बचे आठ ही ना. अब आठ डॉक्युमेंटेशन के लिए हमने इलेक्शन कमीशन से कहा था कि आप पैन कार्ड इसमें शामिल कर लीजिए. पैन कार्ड की बुनियाद पर मैं वोट डाल सकता हूं. स्टेट गवर्नमेंट ड्राइविंग लाइसेंस देती है, उसकी बुनियाद पर वोट डाल सकता हूं. स्टेट गवर्नमेंट फूड सिक्योरिटी कार्ड देती है, उसकी बुनियाद पर वोट डाल सकता हूं, तो इलेक्शन कमीशन को उसको स्वीकार नहीं किया.
“कौन सा कानून कहता है 6 बच्चे होने पर नाम शामिल नहीं होंगे”
ओवैसी ने बताया कि हमारी पार्टी ने पिछले दो महीनों में हैदराबाद और तेलंगाना के लिए हमने एक ऐप बनाया है, जिसमें 2002 की वोटर लिस्ट और हाल की वोटर लिस्ट है. इसलिए हम कह रहे थे कि जो प्री-SIR मैपिंग हुई है, वो इलेक्शन कमीशन हमें दे दे. अभी भी हम आपके जरिए से रिक्वेस्ट कर रहे हैं कि शायद हमारी बात को सुन लें, शायद हमारी बात उनके दिल में उतर जाए.अगर 2002 में किसी का नाम एस. प्रमोद था और अब 2026 में सौरभ प्रमोद आ गया, तो चुनाव आयोग इसे गड़बड़ी बता रहा है. अगर किसी के छह बच्चे हैं, तो इसे भी गड़बड़ी माना जा रहा है. कौन सा कानून कहता है कि अगर छह बच्चे हैं,तो नाम शामिल नहीं किए जाएंगे?
“अंतिम संस्कार का निमंत्रण स्वीकार करेंगे”
ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने के सवाल पर असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि मुझे उम्मीद है कि प्रधानमंत्री ईरान के दिवंगत नेता के अंतिम संस्कार का निमंत्रण स्वीकार करेंगे. मुझे उम्मीद है कि प्रधानमंत्री खुद जाएंगे. इससे न केवल सभी को, बल्कि खासकर ‘ग्लोबल साउथ’ को एक बहुत मजबूत संदेश जाएगा. भारत एक स्वतंत्र देश है. हम किसी की बात क्यों सुनें?
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