Divya Mittal : यूपी में विधानसभा से पहले एक और पार्टी का जन्म हो गया है। मिर्जापुर की पूर्व जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने अपनी राजनीतिक पार्टी जननीति भारत पार्टी बनाने का ऐलान किया है। साथ ही विधानसभा का चुनाव लड़ने का ऐलान भी किया है। दिव्या मित्तल ने कहा है कि वह जनता के मुद्दों को केंद्र में रखकर अपनी राजनीतिक पारी शुरू करेंगी। दिव्या मित्तल ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो संदेश में पार्टी के विचार और तीन प्रमुख प्राथमिकताओं को सामने रखा। उनका कहना है कि राजनीति में समस्या राजनीतिक दलों की कमी नहीं, बल्कि जनता की बात सुनने की कमी है। दिव्या मित्तल ने कहा कि सरकार की नीतियां बनाने में आम लोगों की भागीदारी होनी चाहिए। सरकार केवल चुनाव के समय नहीं, बल्कि अपने पूरे कार्यकाल में जनता के प्रति जवाबदेह रहे।
जन नीति भारत पार्टी की तीन प्राथमिकताएं
पहली प्राथमिकता – सरकारी नीतियों के केंद्र में आम जनता हो। लोगों को अपनी समस्याओं और जरूरतों की जानकारी सबसे बेहतर होती है, इसलिए नीति बनाने से पहले उनकी बात सुनी जानी चाहिए। जनता अपनी जरूरत बताए और विशेषज्ञ उन समस्याओं के समाधान का रास्ता तैयार करें।
दूसरी प्राथमिकता है -सरकारी फैसले लोगों की जरूरतों के आधार पर हों। उन्होंने कहा कि निर्णय लेने की प्रक्रिया में समानता होनी चाहिए और किसी व्यक्ति की पहचान के बजाय उसकी वास्तविक जरूरत को महत्व दिया जाना चाहिए। उनका जोर ऐसी व्यवस्था पर है जिसमें जनता की समस्याओं को सुना जाए और सरकारी निर्णयों का आधार उन समस्याओं का समाधान हो।
तीसरी प्राथमिकता – सरकारी योजनाओं और सार्वजनिक कार्यों की निगरानी को पारदर्शी बनाना है। सरकारी योजनाओं में आवेदन की स्थिति लोगों को सीधे उनके मोबाइल फोन पर उपलब्ध होनी चाहिए. गांवों में सड़क, नाली, हैंडपंप और दूसरे सार्वजनिक कार्यों की जानकारी भी डिजिटल नक्शे पर दिखाई जा सकती है. इसमें काम की प्रगति, पूरा होने की संभावित समयसीमा और जिम्मेदार अधिकारियों का विवरण शामिल हो।
नौकरी छोड़कर राजनीति में आईं दिव्या मित्तल
दिव्या मित्तल 2013 बैच की अधिकारी रही हैं. उन्होंने प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा दिया था, जिसे सितंबर 2026 में स्वीकार कर लिया गया. उत्तर प्रदेश में उन्होंने मेरठ, गोंडा, संत कबीर नगर, मिर्जापुर और देवरिया में अलग-अलग प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभाईं. मिर्जापुर की जिलाधिकारी रहते हुए दूर-दराज के गांव लहुरिया दह तक पाइप से पानी पहुंचाने की पहल को लेकर भी वह चर्चा में रही थीं। राजनीति में आने की घोषणा के बाद से ही उनके अगले कदम को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं. उन्होंने पहले कहा था कि वह किसी राजनीतिक पार्टी में शामिल नहीं होंगी और जनता के मुद्दों तथा उनकी समस्याओं को अपनी राजनीति का आधार बनाएंगी। अब जनता शक्ति पार्टी के गठन और मिर्जापुर सदर से चुनाव लड़ने के ऐलान के साथ उनकी राजनीतिक रणनीति स्पष्ट होती दिख रही है।
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