UP Political News: तृणमूल कांग्रेस (TMC), शिवसेना के बाद अब उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के सांसदों में टूट को लेकर चर्चा तेज हो गई है. यूपी के पंचायती राज मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी में टूट को लेकर बड़ा दावा किया है. बुधवार को राजभर ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि समाजवादी पार्टी में बड़ी टूट होगी. राम गोपाल यादव ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह जी को चिट्ठी सौंपी है. खनन घोटाला और गोमती रिवर फ्रंट घोटाला का मास्टरमाइंड कौन है,पूरा उत्तर प्रदेश जानता है. शिकंजा कस रहा है तो सपा परेशान है. महाराष्ट्र बंगाल छोड़िए, समूची सपा, भाजपा में शामिल होने को तैयार बैठी है. राजभर की इस पोस्ट से यूपी में सियासत तेज हो गई है. इसी बीच समाजवादी पार्टी में टूट की खबरों को राजभर ने फिर हवा दी है.
सुभासपा प्रमुख ने आज गुरुवार सुबह एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि कल से सब पूछ रहे हो कि सपा में क्या टूट होने वाली है? तो सुनो! सपा के बागी सांसदों के गुट का नेतृत्व उत्तर प्रदेश की ‘बागी भूमि’ का एक लाल करेगा. और करे भी क्यों न? कल जिस तरह से सपा कार्यालय में सम्मेलन के नाम पर ब्राह्मणों को तिरस्कृत किया गया,उससे ‘बागी बलिया’ का लाल बहुत आहत है. योजना पहले से थी लेकिन कल कि घटना ने आग में घी डालने का काम कर दिया है. टूट होकर रहेगी. मेरी एक प्रतिक्रिया पर जिस तरह से पूरा सैफई खानदान मुझे गाली देने और सफाई देने में जुट गया,उससे ज्यादा बेहतर है कि अखिलेश बाबू ट्विटर, ऐसी और पीसी वाली नेतागिरी छोड़कर अब सांसद बचाओ अभियान शुरू कर दें और दुखी एवं निराश सांसदों के घर जाकर उनसे माफी मांगे.
राजभर के दावे पर क्या बोले सपा नेता?
समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो अखिलेश यादव ने बिना नाम लिए मंत्री राजभर की पोस्ट पर पलटवार करते हुए एक्स पोस्ट में लिखा कि भविष्यवाणी करने वाले अपनी पार्टी की भविष्यवाणी करें कि उन्हें भाजपा 75 सीट दे रही है 50 या फिर सिर्फ़ आश्वासन. इन्होंने भाजपा के गठबंधन से 30 सीटें मिलने की अफ़वाह फैलाकर जो पैसा एडवांस लिया है,वो लोग इन्हें ढूंढ रहे हैं. अखिलेश यादव की इसी पोस्ट को रिपोस्ट करते हुए सुभासपा प्रमुख राजभर ने X पोस्ट में लिखा कि अरे अखिलेश यादव, हमको लग रहा था कि आप राजनीतिक रूप से कुछ तो समझदार इंसान होंगे ही. मां-बाप के आशीर्वाद से बिदेस में अंग्रेजी माध्यम से पढ़े हैं. मगर अब पक्का पता लग गया है कि आप निरे ‘गोलू’ टाइप के इंसान हैं. आपके देसी चाचा लोग आपको निपटाने की पूरी सुपारी ले चुके हैं. आपके पैरों के नीचे से जमीन खिसकने वाली है. मगर क्या कहा जाए,यही दुनिया है. हम आपको आगाह कर रहे हैं तो आप हमारा अहसान मानने की जगह उलटे हमारे पर ही रौब गांठ रहे हैं. हमारे फिक्र में दुबले मत होइए.हमारा आप और आपके लोडर कितना भी कुछ चाह लेंगे,तब भी कुछ बिगाड़ नहीं पाएंगे… चिंता अपनी सोने की लंका की कीजिए. वैसे सोने की लंका तो अब बची नहीं है.विदेशी भतीजे को गोलू बनाके देसी चाचाओं ने सोने को पहले ही पीतल में बदल दिया है. तो अपनी पीतल की लंका ही बचा लीजिए. मगर लिख लीजिए बचेगी फिर भी नहीं.याद है न 2008 का ‘वोट के बदले नोट कांड’ आप ही लोगों का किया धरा है.लोकतंत्र की रक्षा में आप लोग सांसद खरीद रहे थे.बहुत कहानियां हैं आप लोगों के काले कारनामों की.एक-एक करके उजागर करता रहूंगा.घबराइए मत.
सपा नेता शिवपाल यादव ने कहा कि भाजपा के लोग झूठ बोलते हैं. बीच-बीच में षड्यंत्र भी करते रहते हैं. समाजवादी पार्टी का कोई भी सांसद टूटेगा नहीं. ये लोग अपनी TRP बढ़ाने के लिए और चुनाव के समय सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए ये बोलते हैं. मुझे तो लगता है इन्हें ट्वीट करने का भी पैसा मिलता है इसलिए इस तरह की बातें करते हैं, झूठ बोलते हैं. अखिलेश यादव के नेतृत्व में 2027 में उत्तर प्रदेश में सरकार बनेगी.ओम प्रकाश राजभर को पूरे उत्तर प्रदेश में कोई सीरियस नहीं लेता है.
सपा सांसद राजीव राय ने राजभर पर पलटवार करते हुए कहा कि बड़े उछल-कूद मचाए थे कि मंत्रिमंडल के फेरबदल में बाबा कुछ ढंग का मंत्रालय दे दें. कभी दोनों मंत्रियों के कामों की चर्चा सुनते हैं? एक मौसमी माननीय हैं तो एक स्टूल माननीय मंत्री हैं. तो बौखलाहट में, बदहवासी में कुछ भी बोले जा रहे हैं. मैं मानसिक रुप से बीमारों के प्रति सिर्फ सहानुभूति रखता हूं, दवा करवाता हूं, प्रतिक्रिया नहीं देता हूं. जो मूर्ख के सवालों का जवाब दे, वह महामूर्ख कहलाता है.
बीजेपी की भी आई प्रतिक्रिया
भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने कहा कि सपा के सांसदों में कार्य प्रणाली को लेकर असंतोष है और वो जिस प्रकार से उनका संगठनात्मक ढांचा बना था और बहुत सारे सांसद थे जो महिला विधेयक पर भाजपा का समर्थन करना चाहते थे और वो पार्टी को इसका समर्थन करने के लिए कह रहे थे लेकिन उनकी इच्छा पूरी नहीं हुई थी.क्या होगा या क्या नहीं होगा, यह उनका आंतरिक मामला है.
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