NEET UG 2026 Exam Cancelled: NEET-UG 2026 परीक्षा के पेपर लीक के आरोपों के बीच रद्द होने पर AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब NEET परीक्षा का पेपर लीक हुआ है. ऐसा चार बार हो चुका है. इसका सीधा सा मतलब है कि इसमें मिलीभगत और राजनीतिक संरक्षण शामिल है. इस देश में आखिर हो क्या रहा है? जो लोग ठीक से एक परीक्षा भी आयोजित नहीं करवा सकते, वे सरकार कैसे चलाएंगे? यह पूरी तरह से मिलीभगत का मामला है. मेरी संवेदनाएं परीक्षार्थियों के साथ हैं. मैं उनसे कहना चाहता हूं कि यह सरकार सिर्फ़ ‘जनआंदोलन’ की भाषा समझती है और केजरीवाल उनके साथ है.
“इस तरीके की कुरीतियां पल रही हैं”
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिल्ली AAP अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि पिछले कई सालों से हम सुन रहे हैं कि NEET परीक्षा जिसमें 24-25 लाख बच्चे हिस्सा लेते हैं वो पेपर लीक हो रहा है. पेपर लीक करने वाले गिरोहों को क्या सजा दी जाती वो मैंने कभी अखबारों में नहीं पढ़ा है. कभी भाजपा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके नहीं बताया कि हमने उन पर PMLA लगा दिया और वे 6 साल से जेल में बंद हैं. उनको किन अधिकारियों और राजनेताओं का संरक्षण मिला कि उन तक पेपर पहुंचा इस चेन का कभी खुलासा नहीं हुआ. इससे लगता है कि सरकार के संरक्षण में इस तरीके की कुरीतियां पल रही हैं. सुप्रीम कोर्ट का जो 2024 का फैसला था जिस पर बार-बार लोगों ने कहा कि आप परीक्षा दोबारा करा लीजिए लेकिन कोर्ट नहीं मानी. जिन लोगों ने पेपर खरीदा वे आज MBBS के थर्ड ईयर में पहुंच गए.
“माता-पिता के लिए जवाबदेह हैं या नहीं”
AAP नेता मनीष सिसोदिया ने कहा कि NEET की परीक्षा रद्द करनी पड़ी. प्रधानमंत्री मोदी को सोचना चाहिए कि क्या वे उन बच्चों के माता-पिता के लिए जवाबदेह हैं या नहीं? पिछली बार जिन्होंने पेपर लीक करवाया था, वे आज बाहर क्यों हैं? मैं प्रधानमंत्री मोदी से कहना चाहता हूं कि ये 22 लाख बच्चे देश की नौजवान पीढ़ी है. ये लोग जेन-ज़ी हैं.
आम आदमी पार्टी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि देश के लाखों बच्चों का मनोबल तोड़कर, उनकी सालों की मेहनत बर्बाद कर, अपने शिक्षा माफिया मित्रों को फायदा पहुंचाने के बाद अब मोदी सरकार न्याय का ढोंग कर रही है. पेपर लीक होने की वजह से गरीब और मिडिल क्लास परिवारों की मेहनत की कमाई बर्बाद हुई. बच्चों का सफर, रहने का खर्च, महीनों की तैयारी सब पर पानी फिर गया. सवाल सिर्फ दोबारा परीक्षा कराने का नहीं है. सवाल ये है कि आखिर पेपर लीक हुआ क्यों? किसे फायदा पहुंचाया गया? और सरकार की गलती की सजा देश के बच्चे क्यों भुगतें? पिछले 10 सालों में 90 से ज़्यादा पेपर लीक हुए, लेकिन किसी भी जांच की कोई ठोस रिपोर्ट आज तक सामने नहीं आई. तो अब देश के मेहनती बच्चे सरकार के इन खोखले वादों और जांचों पर कैसे भरोसा करें?
AAP नेता अनुराग ढांडा ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि NEET परीक्षा का रद्द होना इस देश के लाखों मेहनती युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है. मोदी सरकार युवाओं के सपनों की रक्षा करने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है.



