Letter : दिल्ली में मुख्य चुनाव आयोग और एसआईआर प्रक्रिया के खिलाफ विपक्ष के लगातार प्रदर्शनों पर पूर्व विदेश सचिव कंवल सिब्बल समेत 124 पूर्व नौकरशाहों ने भारत की चुनावी प्रक्रिया के समर्थन में देश की जनता के नाम लेटर लिखा है। पूर्व राजदूतों और रिटायर्ड आईएएस अधिकारियों ने लिखा, “हम यह पत्र इसलिए लिख रहे हैं, क्योंकि आजकल हमारे चुनावों के लिए बिना किसी सबूत के ‘धांधली’ शब्द का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस शब्द को बार-बार दोहराने से लोकतंत्र में लोगों का वह भरोसा कमजोर होता है।”
राजनीतिक विवाद के चलते पत्र
यह पत्र ऐसे समय आया है, जब चुनाव आयोग और मतदाता सूची के एसआईआर को लेकर राजनीतिक विवाद चल रहा है। विपक्ष के साथ कॉकरोच जनता पार्टी ने प्रदर्शन कर रही है। बता दें कि 8 अक्टूबर को ज्ञानेश कुमार के सपोर्ट में 42 पूर्व जजों ने लेटर लिखा था। उससे पहले करीब दो हजार नागरिकों ने एसआईआर के खिलाफ पत्र लिखा था।
बूथ कैप्चरिंग से फर्जी वोटिंग तक का जिक्र
पत्र लिखने वाले पूर्व अधिकारियों ने चुनावों में गड़बड़ी के पुराने तरीकों का जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि हमने वो दौर देखा है, जब बूथ पर हथियार लेकर पहुंचना, बाहुबलियों के जरिए मतदाताओं को प्रभावित करना, फर्जी वोट डालना, बैलेट बॉक्स चुराना और लोगों को मतदान से रोकना जैसी घटनाएं होती थीं। पत्र में कहा गया कि बूथ कैप्चरिंग की समस्या इतनी व्यापक थी कि संसद ने 1989 में इसे अपराध घोषित किया। बता दें कि अस्सी के दशक में यूपी, बिहार, बंगाल जैसे राज्यों में बाहुबली लोग चुनाव के दौरान बूथ कैप्चरिंग का काम करते थे और मतपत्रों पर फर्जी सीलें लगाकर बाॅक्स में डाल दिया करते थे। जिसे बाद में अपराध घोषित किया गया।
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