West Asia War : ईरान ने युद्व रोकने और शांति के लिए तीन शर्ते रखी हैं। वहीं ईरान में गर्ल्स स्कूल पर हमले की जांच में अमेरिका को जिम्मेदार बताया गया है। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच युद्व आज 13वें दिन प्रवेश कर गया है। इससे पूर्व ईरान और इजराइल के बीच चला युद्व 12 दिन में खत्म हो गया था। अब अमेरिका भी चाहता है कि युद्व रुके इसलिए वो जंग में खुद को विजेता घोषित करने में लगा है।
ईरान ने रखी तीन शर्ते
ईरान के राष्ट्रपति मसूज पजशकियान ने कहा है कि जंग खत्म करने के लिए तीन शर्तें जरूरी हैं 1. ईरान के कानूनी अधिकारों को मान्यता दी जाए, 2. युद्ध के नुकसान की भरपाई की जाए, 3. भविष्य में हमला न होने की अंतरराष्ट्रीय गारंटी मिले। अब देखना है कि ईरान की तीन शर्तो पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय क्या विचार करता है या अमेरिका और इजराइल इन ईरान की शर्तो को खारिज कर देते हैं। जानकारी के अनुसार अमरिका अब युद्व से बाहर निकलना चाहता है क्योकिं अमेरिका को लगातार आर्थिक नुकसान उठाना तो पड ही रहा है साथ उसके यहां तेल और गैस की कमी हो गई है। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ईरान जंग में अमेरिका जीत चुका है, लेकिन मिशन पूरा होने तक लड़ाई जारी रहेगी।
अमेरिका के एक लाख करोड़ खर्च
वहीं अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने संसद को बताया कि ईरान जंग के शुरुआती 6 दिन में अमेरिका ने करीब 11.3 अरब डॉलर (लगभग ₹1 लाख करोड़) खर्च कर दिए। इनमें से करीब 5 अरब डॉलर (लगभग ₹45 हजार करोड़) थियार और गोला-बारूद पर खर्च हुए।
स्कूल पर हमले के लिए अमेरिका जिम्मेदार
ईरान के मीनाब शहर में प्राथमिक स्कूल पर हुए मिसाइल हमले के लिए शुरुआती जांच में अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया गया है। अमेरिकी सैन्य जांच के मुताबिक पुराने टार्गेटिंग डेटा के इस्तेमाल से स्कूल की गलत पहचान हुई थी। 28 फरवरी को हुए इस हमले में टॉमहॉक क्रूज मिसाइल से स्कूल की इमारत को निशाना बनाया गया था। उस समय अमेरिकी सेना स्कूल के पास के एक ईरानी नौसैनिक अड्डे पर हमला कर रही थी, जो पहले उसी कैंपस का हिस्सा रहा था। जांच में सामने आया कि अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने खुफिया एजेंसी की तरफ से दिए गए पुराने डेटा के आधार पर निशाना साधा था। इसमें स्कूल को सैन्य ठिकाना समझ लिया गया। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक इस हमले में 160 से ज्यादा बच्चों सहित कम से कम 175 लोगों की मौत हुई। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि पुराने डेटा की पुष्टि क्यों नहीं की गई।
यह भी पढ़ें : ईरान ने किया इजराइल पर सबसे बड़ा हमला, दागीं अमेरिकी ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें , टेक कंपनियों के ऑफिस भी निशाने पर
ईरानी हमलों की निंदा, तुरंत लड़ाई रोकने को मांग
संयुक्त राष्ट्रपति सिक्योरिटी काउंसिल (UNSC) ने एक प्रस्ताव पास किया है जिसमें ईरान की तरफ से खाड़ी देशों और जॉर्डर पर हुए हमलों की निंदा की गई है। इस प्रस्ताव में ईरान से तुरंत हमले रोकने की मांग की गई है। बुधवार को यूएनएससी के 15 में से 13 देशों ने इस प्रस्ताव के पक्ष में वोट दिया। यह प्रस्ताव गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल ने पेश किया था और इसे संयुक्त राष्ट्र के 135 अन्य सदस्य देशों का भी समर्थन मिला। हालांकि चीन और रूस ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया, लेकिन उन्होंने अपने वीटो अधिकार का इस्तेमाल करके प्रस्ताव को रोकने की कोशिश भी नहीं की।
यह भी देखें : आसाराम को राम मंदिर में VIP दर्शन! अयोध्या में मचा बवाल | Asaram Ayodhya Visit Controversy



