Iran and America Tension: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव की खबरें लगातार आ रही हैं, दो दिन पूर्व ही अमेरिका ने संकेत दिए थे कि ईरान के राष्ट्रपति के साथ ट्रंप बातचीत करना चाहते हैं, इस खबर से दोनों देशों के बीच तनाव कुछ कम होने की संभावना बनी लेकिन अब एक बार फिर से अमेरिकी तैयारियों को देखते हुए लगता है कि ईरान के साथ जंग हो सकती है वहीं दूसरी ओर ईरान भी अपनी तैयारी से पीछे नहीं हटा है. उधर अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने चेतावनी दी है कि ईरान ने अभी तक वॉशिंगटन की रेड लाइन्स को स्वीकार नहीं किया है. उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि कई मुद्दों पर दोनों देशों के बीच सहमति बनी है, पर राष्ट्रपति द्वारा तय की गई कुछ रेड लाइन्स को ईरान स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है.
दोनों समझौते के मार्गदर्शक सिद्धांतों पर राजी
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जिनेवा में ओमान की मध्यस्थता में हुई ईरान और अमेरिका की दूसरे दौर की बातचीत हुई. उसके बाद एक अहम मोड़ आया है. दोनों देश एक भविष्य के समझौते के लिए मार्गदर्शक सिद्धांतों पर राजी हो गए हैं. तेहरान परमाणु कार्यक्रम को लेकर मंगलवार को अमेरिका-ईरान के बीच जिनेवा में हुई अप्रत्यक्ष वार्ताओं कुछ समझौतों पर सहमति बनी है, लेकिन दोनों पक्षों के बीच कुछ मुद्दों पर मतभेद बने हुए हैं.
खामेनेई की चुनौती
उधर, वार्ता के दौरान ही ईरान के सर्वाेच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिका को सीधी चुनौती दी. उन्होंने कहा कि ईरान के पास क्षेत्र में तैनात अमेरिकी युद्धपोतों को डुबाने की क्षमता है. इसके तुरंत बाद ईरानी मीडिया ने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य को लाइव-फायर ड्रिल के लिए कुछ घंटों के लिए बंद कर दिया गया था. ये कदम ऐसे वक्त में उठाया गया, जब अमेरिका ने क्षेत्र में दो विमानवाहक पोत तैनात किए हैं, जिनमें श्न्ैै अब्राहम लिंकनश् ईरानी तट से महज 700 किलोमीटर की दूरी पर है.
प्रतिबंधों से राहत चाहता है ईरान
वहीं, ईरान लंबे वक्त से अमेरिका द्वारा लगाए गए व्यापक प्रतिबंधों से राहत चाहता है, जिसमें अन्य देशों द्वारा ईरानी तेल खरीद पर प्रतिबंध शामिल है. तेहरान ने जोर दिया है कि वार्ता केवल परमाणु मुद्दे तक सीमित रहे, जबकि अमेरिका बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम और क्षेत्रीय सशस्त्र समूहों को समर्थन जैसे अन्य मुद्दों को भी शामिल करना चाहता है. इस अलावा ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने दोहराया कि उनका देश परमाणु हथियार नहीं चाहता और वे सत्यापन के लिए तैयार हैं. अगर कोई इसकी पुष्टि करना चाहता है, तो हम ऐसी पुष्टि के लिए तैयार हैं. ओमान की मध्यस्ता में हुई वार्ता के बाद विदेश मंत्री बदर अलबुसैदी ने कहा कि दोनों पक्षों ने अच्छी प्रगति की है, लेकिन साथ ही उन्होंने ये भी आगाह किया कि अभी बहुत काम करना बाकी है.
जिनेवा में वार्ता के बाद…
दरअसल, जिनेवा में वार्ता के बाद ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने राज्य टेलीविजन को दिए बयान में कहा, अंततः हम कुछ मार्गदर्शक सिद्धांतों पर व्यापक सहमति बनाने में सफल रहे, जिनके आधार पर हम आगे बढ़ेंगे और संभावित समझौते पर काम शुरू करेंगे. उन्होंने वार्ता को पिछले दौर से अधिक रचनात्मक बताया और कहा कि दोनों पक्ष अब ड्राफ्ट तैयार करेंगे, जिन्हें आदान-प्रदान करने के बाद तीसरे दौर की तारीख तय की जाएगी. विदेश मंत्री अराघची ने स्वीकार किया कि ट्रंप के करीबियों और दूतों के साथ बातचीत में मतभेदों को दूर करने में अभी समय लगेगा.
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राष्ट्रपति के पास खुले हैं विकल्प
उन्होंने जोर दिया कि अमेरिका कूटनीति से समाधान चाहता है, लेकिन ट्रंप के पास सभी विकल्प खुले हैं. वेंस ने कहा, राष्ट्रपति ने कहा है कि हम बातचीत और कूटनीतिक वार्ता से इसे सुलझाना चाहते हैं, लेकिन राष्ट्रपति के पास सभी विकल्प टेबल पर हैं.
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