KBP Times

अमेरिका ने ग्रीनलैंड पर कब्जे के लिए पहला कदम बढ़ाया, मिलिट्री एयरक्राफ्ट भेजा

American Aircraft

Washington: अमेरिका ने ग्रीनलैंड पर कब्जे के लिए अपना पहला कदम बढाते हुए अपना मिलीट्री एयरक्राफ्ट भेजा है तो वहीं डेनमार्क ने भी अपने सैनिक तैनात करने शुरु कर दिए हैं। इसको लेकर अमेरिका और डेनमार्क के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। अमेरिका ने नॉर्थ अमेरिकन एयरोस्पेस डिफेंस कमांड का एक सैन्य विमान ग्रीनलैंड भेजा है। यह विमान जल्द ही पिटुफिक स्पेस बेस पहुंचेगा।

नॉर्थ अमेरिकन एयरोस्पेस डिफेंस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ग् पर कहा कि यह तैनाती पहले से तय सैन्य गतिविधियों के तहत की जा रही है। कमांड ने साफ किया कि इस पूरी प्रक्रिया की जानकारी डेनमार्क और ग्रीनलैंड को दी गई है।

ट्रम्प की ग्रीनलैंड पर कब्जे की धमकी के बीच डेनमार्क ने भी ग्रीनलैंड में अतिरिक्त सैनिक तैनात किए हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार को कई विमान डेनमार्क के सैनिकों और सैन्य उपकरणों को लेकर ग्रीनलैंड पहुंचे।

ग्रीनलैंड और डेनमार्क को बताकर अमेरिका ने विमान भेजा

नॉर्थ अमेरिकन एयरोस्पेस डिफेंस के बयान के मुताबिक, पिटुफिक स्पेस बेस पर पहुंचने वाला यह विमान अमेरिका और कनाडा के ठिकानों से संचालित अन्य विमानों के साथ मिलकर लंबे समय से तय रक्षा गतिविधियों में शामिल होगा।

इन गतिविधियों को अमेरिका, कनाडा और डेनमार्क के बीच चली आ रही रक्षा साझेदारी का हिस्सा बताया गया है। नॉर्थ अमेरिकन एयरोस्पेस डिफेंस ने यह भी कहा कि इस तैनाती के लिए जरूरी सभी कूटनीतिक मंजूरियां ली गई हैं।
अमेरिका का यह कदम डेनमार्क की अगुआई में हुए एक सैन्य अभ्यास ऑपरेशन आर्कटिक एंड्योरेंस के बाद सामने आया है।

यह अभ्यास ग्रीनलैंड में हुआ था, जिसमें जर्मनी, स्वीडन, फ्रांस, नॉर्वे, नीदरलैंड और फिनलैंड ने भी सीमित संख्या में अपने सैनिक भेजे थे।
ग्रीनलैंड में बड़े पैमाने पर सैनिकों के तैनाती की संभावना

डेनमार्क पहले से ग्रीनलैंड में करीब 200 सैनिक तैनात किए हुए है। इसके अलावा 14 सदस्यीय सीरियस डॉग स्लेज पेट्रोल भी वहां मौजूद है, जो आर्कटिक इलाकों में गश्त करते हैं।

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा है कि आने वाले दिनों में इन्हें जमीन, हवा और समुद्र के जरिए और मजबूत किया जाएगा। यह संख्या छोटी है, लेकिन यह राजनीतिक संदेश देने के लिए है कि नॉर्थ अमेरिकन एयरोस्पेस डिफेंस एकजुट है।

यह भी पढ़ें : Greenland पर अमेरिका और यूरोपिय देश आमने-सामने, जर्मनी दबाव में पीछे हटा

डेनमार्क की अगुआई में चल रहा ऑपरेशन आर्कटिक एंड्योरेंस एक सैन्य अभ्यास है। इसका मकसद यह देखना है कि अगर भविष्य में ग्रीनलैंड में बड़ी संख्या में सैनिक तैनात करने पड़े, तो उसकी तैयारी कैसी होगी। डेनमार्क के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक इस अभ्यास का फोकस आर्कटिक इलाके में सहयोगी देशों के बीच तालमेल और काम करने की क्षमता बढ़ाने पर है।

आगे चलकर इससे भी बड़ा मिशन लाने की योजना है, जिसे ऑपरेशन आर्कटिक सेंट्री कहा जा रहा है। यह एक नाटो मिशन होगा। इसका उद्देश्य ग्रीनलैंड और उसके आसपास के इलाकों में निगरानी बढ़ाना और किसी भी खतरे का सैन्य जवाब देने की ताकत मजबूत करना है।

हालांकि यह मिशन तुरंत शुरू नहीं होगा। जर्मनी के रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस के मुताबिक, ऑपरेशन आर्कटिक सेंट्री को शुरू होने में अभी कई महीने लग सकते हैं। यानी फिलहाल ग्रीनलैंड में कोई बड़ा नया सैन्य मिशन शुरू नहीं हुआ है, बल्कि उसकी तैयारी और योजना पर काम चल रहा है।

यह भी देखें : SIR की तारीख बढ़ने से राजस्थान में फिर जिंदा हुआ फोन टैपिंग का जिन्न! 

 

ताजा खबरें

ताजा खबरें

Swami Avimukteshwaranand

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य के खिलाफ पॉक्सो एक्ट में FIR दर्ज, याचिकाकर्ता बोला- कालनेमि जैसे राक्षस…

Rambhadracharya

“गृहयुद्ध से बचाना है तो…” UGC नियम पर जगद्गुरु रामभद्राचार्य की सरकार को कड़ी चेतावनी

NSUI

NSUI के अध्यक्ष विनोद जाखड़ हुए सक्रिय, सचिन पायलट के क्षेत्र में किया टीम में बदलाव

packaging waste to reuse

पैकेजिंग वेस्ट को कूड़ा न समझें, घर में ऐसे करें दोबारा इस्तेमाल…

Jaipur: सीएम भजनलाल शर्मा का सरप्राइज 'टी-ब्रेक'

सीएम भजनलाल शर्मा का सरप्राइज ‘टी-ब्रेक’ – चाय की थड़ी पर रुके, बच्चों-महिलाओं से की गर्मजोशी भरी मुलाकात

PM Narendra Modi

“गंदी और नंगी राजनीति का अखाड़ा बना दिया…” AI समिट में कांग्रेस के शर्टलेस प्रदर्शन पर PM मोदी का हमला

ajmer sabha

अजमेर में PM मोदी की जनसभा के लिए भूमि पूजन, तैयारियां ज़ोरों पर

Delhi-Meerut Namo Bharat Corridor

PM मोदी ने मेरठ को दी 12930 करोड़ की सौगात, मेट्रो और नमो भारत ट्रेन कॉरिडोर को दिखाई हरी झंडी

Religion and Astrology

मेष, वृष और मिथुन राशि के जीवन में आ सकता है सकारात्मक बदलाव