America and India relations: अमेरिका से अमेरिका से बिगड़ते रिश्तों को संभाला अजित डोभाल ने, ट्रेड डील की सफलता के पीछे की कहानी को ठीक करने के प्रयास रंग लाए हैं. जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल को इसी संबंध में वॉशिंगटन भेजा गया. वहां डोभाल अमेरिकी विदेश मंत्री से मिले. अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के सुरक्षा सलाहकार डोभाल ने साफ कहा कि भारत अमेरिका के साथ चल रही कड़वाहट को खत्म करना चाहता है और दोबारा ट्रेड डील पर बातचीत शुरू करने के लिए तैयार है.
डोभाल ने साफ कहा भारत के खिलाफ बयानबाजी बंद हो
रिपोर्ट में बताया गया है कि अजित डोभाल ने कहा कि भारत चाहता है कि ट्रम्प और उनके सहयोगी भारत के खिलाफ खुलेआम बयान देना बंद करें, ताकि रिश्ते दोबारा पटरी पर आ सकें।
भारत ट्रम्प के बयानों से नाराज था, क्योंकि अगस्त में ट्रम्प ने भारतीय सामान पर 50 प्रतिशत टैक्स लगा दिया था। ट्रम्प ने भारत की अर्थव्यवस्था को ‘डेड’ कहा था और आरोप लगाया था कि भारत रूस से तेल खरीदकर यूक्रेन युद्ध में मदद कर रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, डोभाल की इस बातचीत के कुछ ही दिनों बाद हालात बदलते दिखने लगे। 16 सितंबर को ट्रम्प ने पीएम मोदी को उनके जन्मदिन पर फोन किया और उनके काम की तारीफ की। इसके बाद साल के अंत तक दोनों नेताओं के बीच चार बार और फोन पर बातचीत हुई। इसी दौरान दोनों देश टैक्स कम करने वाले समझौते की तरफ बढ़ते रहे।
रिश्तों को ज्यादा खराब नहीं होने दिया जा सकता
असल में अमेरिका के साथ संबंध को अधिक समय तक बिगाड कर रखना देशहित में नहीं था. चीन से मुकाबले और 2047 तक देश को विकसित बनाने के लिए अमेरिका की तकनीक, पैसा और सैन्य सहयोग बहुत जरूरी है। भारतीय अधिकारियों का कहना है कि ट्रम्प एक अस्थायी दौर हैं, लेकिन भारत-अमेरिका रिश्ता लंबे समय का है।
भारत को विकसित देश बनने के लिए अमेरिकी मदद चाहिए
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत लगातार अमेरिका से रिश्ते सुधारने की कोशिश कर रहा था। डोभाल की सितंबर वाली मुलाकात इसी कोशिश का हिस्सा थी। भारत का मानना है कि अमेरिका उसके लिए लंबे समय का अहम साथी है.
ट्रम्प ने दो दिन पहले भारत पर टैरिफ घटाया
ट्रम्प ने सोमवार यानी 2 फरवरी को अचानक सोशल मीडिया पर बताया कि उन्होंने पीएम मोदी से फोन पर बातचीत की है और भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील हो गई है। इसके तहत भारतीय सामान पर अमेरिका का टैक्स घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत पर लगाया गया 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैक्स भी हटा लिया गया है।
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ट्रम्प ने कहा कि इसके बदले भारत अमेरिका से 500 अरब डॉलर का सामान खरीदेगा, वेनेजुएला से तेल लेगा और अमेरिकी सामान पर टैक्स पूरी तरह खत्म करेगा। हालांकि भारत सरकार ने इन बातों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और कोई लिखित समझौता भी सामने नहीं आया है।
भारत-पाक संघर्ष पर ट्रम्प के बयान से बिगड़े थे रिश्ते
रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले कुछ महीनों में दोनों देशों के रिश्ते इसलिए भी खराब हुए थे क्योंकि ट्रम्प ने भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव सुलझाने का दावा किया था, जिसे मोदी ने साफ नकार दिया। इसके बाद मोदी ने व्हाइट हाउस जाने से भी इनकार कर दिया और एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में ट्रम्प से मिलने से बचते नजर आए।
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