बिहार की राजनीति एक बार फिर गर्म हो गई है। JDU ने दावा किया है कि RJD के 18 विधायक उनके संपर्क में हैं। इस दावे ने सूबे की राजनीति में हलचल मचा दी है। इस पर RJD ने पलटवार करते हुए इसे JDU की “अंदरूनी बेचैनी” और “BJP के दबाव” का नतीजा बताया।
RJD प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि JDU अपनी ही पार्टी को बचाने में लगी है और यह बयान उसी घबराहट का सबूत है।
RJD की भविष्यवाणी: खरमास के बाद JDU में होगा बड़ा उलटफेर
RJD नेता ने दावा किया कि असली खतरा JDU के अंदर ही है। उन्होंने कहा,
“जिन्हें दल-बदल का डर है, उन्हें खरमास के बाद पता चल जाएगा कि उनकी ही पार्टी के कई विधायक किस ओर जाएंगे।”
उन्होंने यह भी दावा किया कि सरकार के भारी बहुमत के बावजूद JDU में अस्थिरता और बेचैनी लगातार बढ़ रही है।
RJD का आरोप: JDU को BJP का लगातार दबाव
मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि BJP सत्ता को लेकर बेहद आक्रामक है और उसी दबाव में JDU नेता बयान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर सरकार में सब ठीक होता तो ऐसी अफवाहों की जरूरत नहीं पड़ती।
SIR और बुलडोजर राजनीति पर भी साधा निशाना
RJD नेता ने SIR को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। उनका कहना था कि
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SIR के नाम पर राज्यों में सत्ता हासिल करने की कोशिश हो रही है
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कई जगहों पर इसकी प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ियां हुई हैं
उन्होंने बुलडोजर कार्रवाई पर भी सवाल उठाए और कहा कि आम नागरिकों पर कार्रवाई करने से समस्या का समाधान नहीं मिलता।
तिवारी के अनुसार, सरकार की जिम्मेदारी लोगों को राहत देने की होती है, न कि उन्हें डराने की।
राजनीतिक हलचल के संकेत तेज
JDU और RJD के बीच यह बयानबाजी आने वाले दिनों में और तेज हो सकती है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि खरमास के बाद बिहार की सियासत में बड़े फेरबदल की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।



