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हनुमानगढ़ में बड़ा बवाल: 107 के खिलाफ FIR, 100 से ज्यादा घायल – किसानों का आंदोलन उग्र, वार्ता भी रही नाकाम

राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में एथेनॉल फैक्ट्री के विरोध में चल रहा किसानों का लंबा आंदोलन बुधवार को अचानक हिंसक हो गया। करीब 15 महीनों से शांतिपूर्वक चल रहा यह धरना 10 दिसंबर को उस समय उग्र हो गया जब भीड़ फैक्ट्री परिसर में घुस गई और तोड़फोड़ एवं आगजनी की घटनाएं होने लगीं। इस टकराव में 70 से ज्यादा किसान और ग्रामीण, तथा 36 पुलिसकर्मी घायल हुए। घटना के बाद पुलिस ने 107 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है और कई को हिरासत में लिया गया है।


कैसे भड़का हंगामा?

राठीखेड़ा गांव में बन रही एथेनॉल फैक्ट्री को लेकर किसानों का विरोध महीनों से जारी है। बुधवार को महापंचायत के बाद सैकड़ों लोग अचानक ट्रैक्टरों के साथ फैक्ट्री की ओर बढ़े। प्रदर्शनकारियों ने ट्रैक्टरों से बाउंड्री वॉल तोड़ दी, जिसके बाद फैक्ट्री परिसर में आगजनी हुई।
पुलिस बल ने हालात संभालने की कोशिश की, लेकिन भीड़ और पुलिस के बीच तीखी झड़पें हो गईं।

इस दौरान दोनों पक्षों में पत्थरबाजी हुई और कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हिंसा बढ़ने पर पुलिस ने इलाके में भारी बल तैनात किया है।


किसानों से हुई दो दौर की वार्ता विफल

घटना के बाद प्रशासन ने किसानों से वार्ता करने की कोशिश की, लेकिन दोनों दौर की बातचीत बेनतीजा रही। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।
कई गांवों में किसानों की बैठकें हुईं जिनमें महिलाओं की भी बड़ी संख्या शामिल रही।

किसान संगठन ने घोषणा की है कि 17 दिसंबर को कलेक्ट्रेट का घेराव किया जाएगा।


40 लोगों को हिरासत में लिया गया

पुलिस के अनुसार हिंसा में शामिल 107 से ज्यादा लोगों पर केस दर्ज किया गया है और इनमें से 40 को हिरासत में भी ले लिया गया है।
फैक्ट्री के दफ्तर व कुछ हिस्सों को आग से नुकसान पहुंचा है।

टिब्बी इलाके में तनाव को देखते हुए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं, जो शुक्रवार तक निलंबित रहेंगी।


पुलिस–किसान आरोपों का दौर जारी

  • किसानों का आरोप है कि पुलिस ने बिना वजह बल प्रयोग किया।

  • वहीं पुलिस का कहना है कि आंदोलन में बाहरी तत्व शामिल हुए जिन्होंने स्थिति को बिगाड़ा।

  • अधिकारियों ने साफ किया कि पुलिस की तरफ से कोई फायरिंग नहीं की गई।

वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच चुके हैं और पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं।


एथेनॉल प्रोजेक्ट पर क्यों है विवाद?

राठीखेड़ा में एक बड़ी अनाज-आधारित एथेनॉल फैक्ट्री का निर्माण चल रहा है।
कंपनी का दावा है कि यह प्रोजेक्ट भविष्य के इंधन मिश्रण कार्यक्रम (एथेनॉल ब्लेंडिंग) को मजबूत करेगा।

लेकिन—

  • किसानों का कहना है कि इससे इलाके के भूजल पर असर पड़ेगा,

  • पर्यावरणीय नुकसान होगा,

  • और उनके खेतों के आसपास प्रदूषण बढ़ेगा।

शुरुआती महीनों में विरोध शांत रहा, लेकिन जब फैक्ट्री की बाउंड्री वॉल बनाने का काम तेज हुआ तो विवाद और बढ़ गया। 10 दिसंबर को स्थिति बेकाबू हो गई।


आगे क्या?

हिंसा के बाद पूरा क्षेत्र सुरक्षा घेरे में है। प्रशासन एक बार फिर किसानों से बातचीत की कोशिश कर सकता है।
किसान आंदोलन जारी रखने पर अड़े हुए हैं और 17 दिसंबर को बड़े प्रदर्शन की तैयारी की जा रही है।

इस घटना ने पूरे इलाके को तनावपूर्ण बना दिया है, जबकि घायल किसानों और पुलिसकर्मियों का इलाज जारी है।

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