Brics Parliamentary Forum 2026: भारत की अध्यक्षता में आयोजित 12वां ब्रिक्स संसदीय मंच आज (मंगलवार) संयुक्त घोषणा-पत्र अंगीकृत किए जाने के साथ संपन्न हो गया है. संसद परिसर स्थित संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन में ब्रिक्स सदस्य और भागीदार देशों के संसदीय प्रतिनिधियों ने वैश्विक शांति, आतंकवाद, जलवायु परिवर्तन, विकास और आधुनिक तकनीक जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की.
“संवाद और सहयोग से निकलेगा समाधान”
समापन सत्र को संबोधित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि वैश्विक चुनौतियों का स्थायी समाधान संघर्ष और युद्ध में नहीं, बल्कि संवाद, शांति और सहयोग में निहित है. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय विवादों के शांतिपूर्ण समाधान और देशों के बीच आपसी सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया.
आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस का संदेश
सम्मेलन में अपनाए गए संयुक्त घोषणा-पत्र में सीमापार आतंकवाद, आतंकी वित्तपोषण और आतंकवादियों को सुरक्षित ठिकाने उपलब्ध कराने की कड़ी निंदा की गई. आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने और दोहरे मापदंडों से बचने की आवश्यकता बताई गई. साथ ही संयुक्त राष्ट्र चार्टर, संप्रभु समानता और आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करने के सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई गई. घोषणा-पत्र में वैश्विक निर्णय प्रक्रिया में विकासशील देशों की भागीदारी बढ़ाने और ग्लोबल साउथ को अधिक प्रतिनिधित्व देने की आवश्यकता जताई गई. सम्मेलन में संसदीय सहयोग और विभिन्न देशों की सफल नीतियों के आदान-प्रदान पर भी चर्चा हुई.
12वां ब्रिक्स संसदीय मंच के समापन पर क्या बोले BJP नेता?
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि सम्मेलन से भारत की गरिमा बढ़ी है और विदेशी प्रतिनिधि आयोजन से खुश हैं.प्रधानमंत्री मोदी ने BRICS सम्मेलन किया है. भारत का नाम प्रधानमंत्री मोदी के कारण अधिक आगे बढ़ रहा है.
भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय पटल पर यह एक के बाद दूसरी सफलता है. यह एक सफल आयोजन रहा था. इसमें हमें अपनी उपलब्धियां बताने का अवसर मिलता है. भारत फॉलो की जगह लीड करने की स्थिति में भी आगे बढ़ा है. वैश्विक मंच पर बड़े आयोजन करने के लिए भारत पूरी तरह तैयार है.
केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि भारत के लिए बहुत अच्छा अवसर है और ब्रिक्स में जो देश हैं, उनके संसद में किस तरह की चर्चा होती है, कुछ सफलता की स्टोरी है, उनको एक्सचेंज करने का भी मौका मिलता है. भारत ने इतने सालों में भी इस दिशा में बहुत काम किया है. तो भारत की जो अच्छी चीजें हैं, बेस्ट प्रैक्टिसेस हैं, नियम, प्रक्रिया हैं, उसे दूसरे देशों को समझने का मौका मिलता है. उनके लिए भी यह बहुत अच्छा अवसर है.
दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि बहुत सफल कार्यक्रम रहा है. विदेशों से प्रतिनिधि यहां पर आए. प्रधानमंत्री ने BRICS के माध्यम से भारत की छवि को दुनिया तक पहुंचाया है और भारत का योगदान इतिहास में दर्ज हुआ है. देश के सभी विधानसभा के स्पीकर को भी यहां बुलाया गया था. ये हमारे लिए भी बहुत कुछ सीखने का अवसर था.
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि मैं उपराष्ट्रपति द्वारा मेजबानी किए गए BRICS लंच कार्यक्रम में हिस्सा लेकर बहुत खुश हूं. हम सभी ने देखा है कि विकासशील देशों और ‘ग्लोबल साउथ’ के विकास के लिए ब्रिक्स कितना महत्वपूर्ण साबित हो रहा है. भारत न केवल अपने खुद के विकास में, बल्कि अन्य जरूरतमंद देशों के विकास में भी बहुत अहम भूमिका निभा रहा है. ब्रिक्स देशों के गणमान्य व्यक्ति और प्रतिनिधिमंडल इसमें शामिल हुए हैं और आज वे भारत का बहुत सम्मान करते हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, भारत ने जबरदस्त प्रगति की है – न केवल 20 साल पहले के भारत की तुलना में, बल्कि अन्य देशों के मुकाबले भी. अन्य देश भारत के प्रति जो सम्मान दिखा रहे हैं, उसे देखकर बहुत अच्छा लगता है. भविष्य में हमें इस दिशा में और आगे बढ़ना होगा, और मिलकर काम करने के लिए कई दिलचस्प क्षेत्र हैं.
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