KBP Times

अल्बानिया में गुस्साए छात्रों ने सरकारी इमारतों और बैंकों में आग लगाई

Angry Students in Albania

Angry Students : अल्बानिया की राजधानी तिराना में युवा छात्र समूह हिंसक हो उठे हैं। महंगी शिक्षा और खराब सुविधाओं के खिलाफ छात्र सड़कों पर उतरे हैं। वहां के छात्र प्रधानमंत्री एदी रामा के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री कार्यालय, सरकारी इमारतों और कई बैंकों की शाखाओं में आग लगा दी। भीड़ को हटाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस और पानी का इस्तेमाल किया। इस दौरान दर्जनों पुलिसकर्मी और प्रदर्शनकारी घायल हो गए। अल्बानिया में जारी यह विरोध ऐसे समय हो रहा है, जब भारत, फ्रांस, जर्मनी समेत दुनिया के कुल 11 देशों में छात्र अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।

सरकार पर अनदेखी का आरोप

जानकारी के अनुसार अल्बानिया में छात्रों की नाराजगी अचानक नहीं बढ़ी है। वे कई महीनों से पढ़ाई के बढ़ते खर्च और डिग्री लेने के बाद नौकरी मिलने की कम संभावनाओं को लेकर आवाज उठा रहे हैं। छात्रों का कहना है कि शिक्षा महंगी होती जा रही है, जबकि पढ़ाई पूरी करने के बाद भी रोजगार के पर्याप्त मौके नहीं मिल रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि सरकार ने बातचीत करने के बजाय उनकी छवि खराब करने की कोशिश की।

लग्जरी रिसॉर्ट बनाने का भी विरोध

एदी रामा 2013 से अल्बानिया के प्रधानमंत्री हैं। पिछले साल मई में वे चौथी बार इस पद पर चुने गए थे। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उनकी सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ी है। मौजूदा प्रदर्शन रामा के लिए अब तक के सबसे गंभीर जन विरोध में से एक माने जा रहे हैं। सरकार के खिलाफ विरोध कुछ महीने पहले ही शुरू हो गया था। इसकी एक वजह देश के दक्षिणी तट पर लग्जरी रिसॉर्ट बनाने की योजना भी है। इस परियोजना से अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के दामाद जेरेड कुशनर जुड़े हैं। मीडिया से बातचीत में रामा ने इस्तीफे की मांग खारिज कर दी। उन्होंने कहा कि सरकारें लोकतांत्रिक चुनावों से बदलती हैं। पिछले साल देश में चुनाव हुए थे, क्रांति नहीं।

2018 में भी शिक्षा के खर्च पर बड़ा आंदोलन हुआ था

जानकारी के अनुसार दिसंबर 2018 में भी अल्बानिया के छात्रों ने शिक्षा का खर्च बढ़ने के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन किया था। उस आंदोलन के दबाव में एदी रामा को मंत्रिमंडल में बदलाव करना पड़ा था। उन्होंने आठ मंत्रियों को हटाया और विश्वविद्यालयों की समस्याएं दूर करने के लिए पैक्ट फॉर द यूनिवर्सिटी नाम से कई कदम उठाने का ऐलान किया था। अल जजीरा के मुताबिक, अल्बानिया का समाज राजनीतिक रूप से बंटा हुआ है और यहां अमीर-गरीब के बीच भी बड़ा अंतर है। लोगों की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने और उनके समाधान का रास्ता निकालने वाली राजनीतिक संस्थाएं भी कमजोर हैं।

ताजा खबरें

ताजा खबरें

Bomb Information in flight

इजराइल से ऑस्ट्रिया जा रही फ्लाइट में बम होने की सूचना; फाइटर जेट की निगरानी में कराई इमरजेंसी लैंडिंग

Tiger Shroff attack

अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग; लॉरेंस गैंग ने ली जिम्मेदारी, कोटा पुलिस ने तीन संदिग्ध पकड़े

Prakash Raj

अभिनेता प्रकाश राज बोले- लोकतांत्रिक तरीके से बदलेंगे सरकार, भारत बांग्लादेश या नेपाल नहीं

CJP foundar Abhijit Dipke

दिल्ली कोर्ट ने CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके को दी जमानत, 1 नवंबर को कांग्रेस की रैली

Asaduddin Owaisi and kiran rijiju

केन्द्रीय मंत्री रिजिनू बोले-ओवैसी से सीखें विपक्षी नेता; AIMIM चीफ ने कहा – मोदी से मतभेद मगर गोरा हुक्म नहीं दे सकता

Vasundhara Raje

वसुंधरा राजे की राजनीति… वापसी या सियासी हाशिया?

Students attack another

कोटा के कोचिंग सेंटर में खूनी झड़प, छात्र ने दूसरे स्टूडेंट पर किया टॉय गन की बट से जानलेवा हमला

Supreme Court on Children

सुप्रीम कोर्ट ने कहा- बच्चों को इंटरनेट से पूरी तरह दूर रखना बेतुका; केंद्र को कंटेंट का नेशनल डेटाबेस बनाने का निर्देश

American Ban on russian oil

अमेरिका ने बदली अपनी नीति, ट्रम्प ने भारत पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने वाला कानून रोका

2

2