Farmers : राजस्थान में रबी फसलों की बुवाई का समय नजदीक आने के साथ ही किसानों को खाद की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ने लगी है। किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट ने प्रदेश के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा को पत्र लिखकर किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उचित मूल्य पर उपलब्ध कराने की मांग की है। उन्होंने खाद वितरण व्यवस्था, ऑनलाइन बुकिंग प्रक्रिया, जमाखोरी और कालाबाजारी को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए हैं।
रबी की बुवाई से पहले डीएपी और यूरिया की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग
रामपाल जाट ने अपने पत्र में कहा कि राजस्थान में सरसों, गेहूं, चना और जौ जैसी प्रमुख रबी फसलों की बुवाई शुरू होने वाली है। बुवाई के समय किसानों को डीएपी और फसल की बढ़वार के दौरान यूरिया की आवश्यकता होती है। ऐसे में सरकार को समय रहते गुणवत्तापूर्ण उर्वरकों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के लिए अनाज उत्पादन करने वाला किसान ही खाद के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। यह स्थिति कृषि व्यवस्था और किसानों की आर्थिक स्थिति के लिए चिंताजनक है।
खाद की ऑनलाइन बुकिंग के बाद भी किसानों को नहीं मिल रहा उर्वरक
किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने खाद वितरण की ऑनलाइन व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसानों को ऐप के माध्यम से बुकिंग करने के बाद भी 20 से 50 किलोमीटर दूर तक जाना पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार इतनी दूरी तय करने के बावजूद किसानों को खाद नहीं मिलती और उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ता है। रामपाल जाट के अनुसार, ऐप से बुकिंग के बाद खाद प्राप्त करने के लिए 48 घंटे की समयसीमा निर्धारित है। इस अवधि में उर्वरक नहीं मिलने पर किसानों को परेशानी उठानी पड़ती है। वहीं, खाद उपलब्ध नहीं होने का हवाला देकर वितरण से इनकार करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं होने का भी उन्होंने आरोप लगाया।
पर्याप्त भंडारण के बावजूद खाद के लिए क्यों भटक रहे किसान?
रामपाल जाट ने सवाल उठाया कि जब देश में आवश्यकता से अधिक उर्वरकों का भंडारण होने की बात कही जाती है, तो किसानों को खाद प्राप्त करने के लिए परेशान क्यों होना पड़ रहा है?उन्होंने कहा कि सरकार ने उर्वरकों के स्टॉक और उपलब्धता की जानकारी सार्वजनिक करने की व्यवस्था की हुई है। इसके बावजूद जमाखोरी और कालाबाजारी की शिकायतें सामने आना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने खाद की उपलब्धता और वास्तविक वितरण के बीच अंतर की जांच कराने तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की आवश्यकता जताई।
उर्वरक नियंत्रण आदेश के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर उठाए सवाल
रामपाल जाट ने पत्र में आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 और उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 का उल्लेख करते हुए कहा कि उर्वरकों के वितरण और बिक्री को नियंत्रित करने के लिए कानूनी प्रावधान मौजूद हैं। इसके बावजूद खाद की जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं होना चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजस्थान में कृषि मंत्री की ओर से की गई छापेमारी के बावजूद किसानों को पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध कराने की समस्या का समाधान नहीं हो सका है।
खाद की कालाबाजारी पर कठोरतम सजा की वकालत
किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने खाद की जमाखोरी और कालाबाजारी को देश की खाद्य सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय बताया। उन्होंने अपने पत्र में ऐसे अपराधों के लिए मृत्युदंड तक के कानूनी प्रावधान करने की आवश्यकता जताई। रामपाल जाट का कहना है कि खाद वितरण में अनियमितताओं का सीधा असर कृषि उत्पादन पर पड़ता है, जिससे देश की खाद्य सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।
कृषि मंत्री से किसानों को तत्काल राहत देने की अपील
रामपाल जाट ने कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा से मांग की कि रबी फसलों की बुवाई को देखते हुए प्रदेशभर में डीएपी और यूरिया सहित सभी आवश्यक उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने किसानों को समय पर, उचित मूल्य पर और बिना अनावश्यक परेशानी के गुणवत्तापूर्ण खाद उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी आदेश जारी करने की अपील की। साथ ही खाद वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने और अनियमितता करने वाले वितरकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की आवश्यकता बताई।
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