Purchase Oil from Russia : अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प समय के साथ बदल जाते हैं, सभी परिस्थितियों को अपने अनुकूल बनाने के लिए अपने ही लिए फैसले उलट देते हैं। ताजा मामला रुस से तेल खरीदने को लेकर है। अमेरिका ने रुस से तेल खरीदने वाले देशों पर इसलिए पांबदी लगा दी थी कि रुस तेल बेचकर यूक्रेन पर हमला कर रहा है। भारत और चीन पर प्रतिबंध लगाने के पीछे भी अमेरिका ने यही तर्क दिया था। अब परिस्थिती बदली, ईरान के युद्व करते अमेरिका के पास तेल घट गया है और होर्मूज स्ट्रेट पर ईरान का कब्जा है ऐसे में अमेरिका ने फैसला लिया है कि वो खुद रुस से लेत खरीदेगा।
रूसी डीजल खरीदने पर लगी रोक हटा दी
बता दें कि अमेरिका ने रूसी डीजल खरीदने पर लगी रोक 7 अप्रैल 2027 तक हटा दी है। अब अमेरिका रूस से डीजल खरीद सकेगा। रूस ने 2022 में यूक्रेन पर हमला किया था। इसके बाद अमेरिका ने रूसी तेल पर प्रतिबंध लगा दिए थे। यह फैसला ऐसे समय लिया गया है, जब ईरान जंग के बाद अमेरिका में डीजल की कीमतें बढ़ गई हैं। फिलहाल वहां डीजल करीब 6.28 डॉलर प्रति गैलन बिक रहा है, जबकि जंग से पहले इसकी कीमत करीब 3.70 डॉलर थी। अमेरिका में 3 नवंबर को मिडटर्म चुनाव होने हैं। ऐसे में ईंधन की बढ़ती कीमतें ट्रम्प प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई हैं। कीमतें कम करने के लिए ट्रम्प तेल और डीजल की सप्लाई बढ़ाने जैसे कदम उठा रहे हैं।
यूक्रेन के राष्ट्रपति ने जताई नाराजगी
हालांकि, इस फैसले पर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि इससे रूस को पैसा मिलेगा, जिसका इस्तेमाल वह यूक्रेन के खिलाफ करेगा। खास बात यह है कि सितंबर में ही ट्रम्प ने ऐसे कानून पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके तहत रूस से तेल खरीदने वाले भारत और चीन जैसे देशों पर 100ः तक टैरिफ लगाया जा सकता है।
रूस तुरंत 3 लाख टन डीजल भेजेगा
ट्रम्प ने बताया कि रूस तुरंत 3 लाख टन से ज्यादा डीजल भेजेगा। इसके बाद नवंबर में 5 लाख टन और फिर 10 लाख टन डीजल की आपूर्ति की जाएगी। ट्रम्प के मुताबिक, अगर सबकुछ ठीक रहा तो आगे चलकर 30 लाख टन डीजल भी भेजा जा सकता है।व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रम्प ने पुतिन का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि कम कीमतें, खासकर अमेरिकी किसानों, पशुपालकों और ट्रक चालकों के लिए, उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता हैं।
डील से रूस को युद्ध लंबा खींचने में मदद मिलेगी
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूस से डीजल खरीदने के समझौते की आलोचना की। उन्होंने कहा कि इससे पुतिन की युद्ध लड़ने की ताकत बढ़ेगी और रूस ज्यादा आक्रामक हमले कर सकेगा। जेलेंस्की के मुताबिक, इस समझौते से रूस को युद्ध लंबा खींचने, ज्यादा लोगों की जान लेने और दुनिया को नुकसान पहुंचाने में मदद मिलेगी। जेलेंस्की का यह बयान ऐसे समय आया है, जब यूक्रेन के वार्ताकार रूस के साथ युद्ध खत्म करने के लिए अमेरिका के फ्लोरिडा में अधिकारियों से बातचीत कर रहे थे।
एक्सपर्ट बोले- डील से कीमतों पर फर्क नहीं पड़ेगा
ईरान युद्ध के कारण दुनियाभर में तेल की कीमतें बढ़ी हैं। हालांकि, शुक्रवार को ट्रम्प के ऐलान के बाद डीजल की कीमतों में गिरावट आई। एनर्जी एक्सपर्ट क्लेटन सीगल ने कहा कि इस समझौते से कीमतों पर ज्यादा असर पड़ने की उम्मीद नहीं है। लेकिन इससे रूस और पुतिन को बड़ा फायदा होगा। वहीं, एक और एक्सपर्ट माइकल लिंच ने इस समझौते की तुलना डूबते जहाज से की। उन्होंने कहा कि अमेरिका रूस से डीजल खरीदेगा, तो रूस के मौजूदा ग्राहक दूसरे देशों से डीजल खरीदने लगेंगे। इससे कीमतों में कोई कमी नहीं आनी वाली।
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