Mobile Congress : दिल्ली में आयोजित हो रहे इंडिया मोबाइल कांग्रेस कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा कि आज सरकार की बैंक, अस्पताल, सरकारी दफ्तर जैसी सैकड़ों सर्विसेज मोबाइल पर हैं। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर से पैसा सीधे लोगों के खाते में जा रहा है। इससे 5 लाख करोड़ रुपए गलत हाथों में जाने से बचे हैं। उन्होंने कहा कि 2022 में इसी मंच से हमने देश में 5जी की शुरुआत की। 2023 में हमने बताया कि भारत कैसे 5जी की दिशा में कैसे आगे बढ़ रहा है। इंडिया मोबाइल कांग्रेस का एआई और 6जी पर फोकस रहेगा। तीन दिन में यहां 100 से अधिक देशों के डेढ़ लाख लोग शामिल होंगे।
सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम में रफ्तार पकड़ रहा भारत
कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा कि भारत का सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम भी रफ्तार पकड़ रहा है। इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के अगले फेज में हमारा फोकस सप्लाई चेन पर है। हम इसमें बड़े कदम उठा रहे हैं। बीते साल में हमने काफी कुछ हासिल किया है, लेकिन अब नए पड़ाव पार करने हैं। इसके लिए हमें प्रयासों को व्यापक करते रहना है।
डिजाइन और टेक्नोलॉजी भी अब भारत की होगी
मोदी ने कहा कि मैं जीएसएमए और दुनिया के ऑपरेटर से कहना चाहूंगा कि ऐसा नेटवर्क बनाए कि गलत लोगों को पहुंचने से रोके। भारत ने अपने अनुभव से बहुत कुछ सीखा है। बीते साल में भारत ने कंज्यूमर से क्रिएटर बनने की यात्रा तय की है। अब डिजाइन भी भारत में होगा, टेक्नोलॉजी भी भारत की होगी। रिफॉर्म एक्सप्रेस तेजी से आगे बढ़ रही है।
साइबर फ्रॉड रोकने के लिए ग्लोबल फ्रेमवर्क जरूरी
पीएम मोदी ने कहा कि मोबाइल फोन ने भारत में कंटेंट क्रिएशन में क्रांति कर दी है। फोन और नेटवर्क सिक्योरिटी हमारी प्राथमिकता है। सामान्य नागरिक प्रोटोकॉल की भाषा में नहीं सोचता। जब फोन आए तो उसे पता हो कि कौन फोन कर रहा है। जब पेमेंट हो तो उसे पता हो पैसा सुरक्षित है। उसे पता हो कि डेटा सुरक्षित है। साइबर फ्रॉड सीमाएं नहीं मानते। एक देश में बैठा व्यक्ति किसी दूसरे देश की मदद से तीसरे देश में क्राइम कर रहा है। ये जरूरी है कि हम इसके लिए एक ग्लोबल फ्रेमवर्क पर काम करें।
जिनकी मुफ्त कमाई बंद हुई वे चीखते रहें
पीएम मोदी ने कहा कि जिनकी मुफ्त की कमाई बंद हो गई, वे क्या मोदी को प्यार करेंगे। बताइए, ये मुझे करना चाहिए या नहीं। वे कितना भी मुझे चीखते-चिल्लाते रहें, मैं इसे करके रहूंगा। पुरानी व्यवस्था होती तो 5 लाख करोड़ लीकेज में चला जाता। मोदी ने इसको रोका है। अब पैसा सही काम में लग रहा है। पीएम सम्मान निधि के तहत 4 लाख करोड़ किसानों के अकाउंट में जमा कर चुके हैं। ये राशि हर 4 महीने में जाती है। ये पैसा उन तक जाता है, जहां कभी पैसा पहुंचता ही नहीं था।
सरकारी सेवाएं मोबाइल पर आने से आसान हुई जिंदगी
भारत, भाषा और भूगोल में विविधता से भरा है। इसके चलते लोगों के जीवन में असुविधा भी आती है। मोबाइल ने इस डायवर्सिटी को सुविधा से जोड़ा है। पहले बैंक, अस्पताल, सरकारी दफ्तर शहर में होते थे। इससे गांव के लोगों का समय खर्च होता था। आज सरकार की सैकड़ों सर्विसेज मोबाइल पर हैं। क्ठज् से पैसा सीधे लोगों के खाते में जा रहा है। 5 लाख करोड़ रुपए गलत हाथों में जाने से बचे हैं।
मोबाइल-इंटरनेट से सुदूर गांवों तक पहुंचा
मोबाइल और इंटरनेट कनेक्टिविटी ने एजुकेशन, पेमेंट, हेल्थ को बिना बाधा चालू रखा। आज सुदूर, गांव, गरीब के बच्चे क्वालिटी एक्सेस कर पा रहे हैं। कोविड के दौरान 2022 तक दीक्षा प्लेटफॉर्म पर 500 करोड़ से ज्यादा लर्निंग सेशन दर्ज हुए। हमारा प्रयास है कि जितने ऑनलाइन शिक्षा के माध्यम हैं, उनसे गरीबों को जोड़ सकें।
भारत में मोबाइल बनाकर आसान बनाई जिंदगी
एक समय भारत में डिजिटल डिवाइस बड़ी चुनौती थी। जिसके पास साधन है, वही आधुनिक टेक्नोलॉजी का लाभ ले पाता था। हमने इसे बदलने की ठानी। इसके सेंटर में मोबाइल फोन को लेकर आए। ये टेक्नोलॉजी को डेमोक्रेटाजेशन का हाथ था। इन्फ्रा का विस्तार किया। मोबाइल और अन्य टेलिफोन हार्डवेयर भारत में बनें, इसकी पूरी कोशिश की। इसमें सफलता मिली। आज भारत के लोगों की ईज ऑफ लिविंग बढ़ी है।
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