KBP Times

UPI पेमेंट से MDR पर व्यापारियों में चिंता, कम मार्जिन वाले कारोबार को नुकसान

UPI payment

UPI : केन्द्र सरकार द्वारा यूपीआई से दो हजार रुपये से अधिक का पेमेंट करने पर शुल्क लिए जाने के निर्णय से देश भर में आम जनों और व्यापारियों में हलचल मची हुई है। यूपीआई को लेकर नए चार्ज ने कुछ कारोबारियों के लिए चिंता पैदा कर दी है. खासकर यह उन बिजनेस पर ज्‍यादा असर होगा, जिनका मार्जिन काफी कम है ओर वे अपने कारोबार को स्‍टेबल करने की तैयारी में जुटे हुए हैं. जानकारी के अनुसार एक फार्मा कंपनी के डायरेक्‍टर ने बड़ा खुलासा किया है।

कंपनी के निदेशक ने यूं समझाया

एक मीडिया रिपेार्ट के अनुसार फार्मा कंपनी के डायरेक्‍टर ने अपनी कंपनी पर संभावित प्रभाव का अनुमान लगाते हुए बताया है कि उनकी कंपनी को भारी नुकसान हो सकता है और अगर ऐसा हुआ तो वे यूपीआई को एक्‍सेप्‍ट करने को सीमित कर सकते हैं। कंपनी के निदेशक की इस पोस्‍ट को शेयर करते हुए कहा है कि एमडीआर उन कारोबारों के लिए एक बड़ा बोझ बन सकता है, जिनका मर्जिन केवल 2 से 3 फीसदी है। सीए ने कहा कि 0.4 फीसदी एमडीआर पर 2 से 3 फीसदी मार्जिन वाली कंपनी का कुल कारोबार 11 से 17 फीसदी तक हिट होगा।

सालाना 1.2 करोड़ रुपये का असर

एक फार्मा प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक के हवाले से मीडिया रिपोर्ट में बताया है कि उनकी कंपनी ने हमेशा से ग्राहकों को नेफ्ट, कैश और चेक जैसे पारंपरिक पेमेंट तरीकों के बजाय यूपीआई के यूज के लिए प्रोत्‍साहित किया है। ऑपरेशन में हरदिन करीब 1 करोड़ रुपये के यूपीआई पेमेंट का मैनेजमेंट करती है। प्रस्तावित 0.4 फीसदी चार्ज के आधार पर, उन्होंने अनुमान लगाया कि शुल्क लगभग 40,000 रुपये प्रतिदिन या लगभग 1.2 करोड़ रुपये प्रति वर्ष हो सकता है।

कम मार्जिन वाले कारोबार को नुकसान

कम मार्जिन वाले कारोबार के लिए यह हमारे मुनाफे पर बड़ा असर डालता है। कंपनी के निदेशक के अनुसार नेशनल पेमेंट्स कॉर्पाेरेशन ऑफ इंडिया से इस नियम पर फिर से विचार करने के लिए रिक्‍वेस्‍ट की है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर अतिरिक्त लागत के कारण भुगतान का यह तरीका प्रॉफिटेबल नहीं होता है, तो कंपनी बड़ी रकम के भुगतान के लिए यूपीआई की स्वीकृति को सीमित करने पर विचार कर सकती है.

सभी मर्चेंट पर नहीं लागू होता है ये नियम

दूसरी ओर जानकारी के अनुसार संशोधित बदलाव के तहत 2000 रुपये से ज्‍यादा के पात्र पर्सन-टू-मर्चेंट यूपीआई लेनदेन पर 0.4 परसेंट का एमडीआर लगेगा, जिसकी कुल लिमिट 300 रुपये है. इस सीमा से कम के लेनदेन पर यह चार्ज नहीं लागू होगा. इसका मतलब है कि 96 फीसदी व्‍यापारी इसके दायरे में नहीं आएंगे। यूपीआई क्यूआर के माध्यम से प्रति माह 1 लाख रुपये तक का लेनदेन प्राप्त करने वाले व्यापारियों को लेनदेन की राशि चाहे कितनी भी हो, एमडीआर का भुगतान नहीं करना होगा. कुछ सेक्‍टर्स पर छूट इससे ज्‍यादा छूट दी गई है. रेलवे, टेलीकॉम, बीमा, फ्यूल जैसी चीजों पर एमडीआर 0.4 फीसदी के बजाय सिर्फ 5 रुपये का एक समान रेट लागू करने की बात कही गई है. म्‍यूचुअल फंड, ब्रोकर और इक्विटीज से जुड़े भुगतानों समेत कैपिटल मार्केट के लेन-देन पर ₹300 की सीमा के अधीन 0.02ः की कम डक्त् लागू होगी.

यह भी पढ़ें –UPI पर चार्ज विदेशी दबाव में लिया निर्णय नहीं- केन्द्र ने विपक्ष के आरोप पर दिया जवाब

यह भी देखें – राजस्थान निकाय चुनाव: 2028 की सियासी किताब खुली! BJP आगे, कांग्रेस पीछे | निर्दलीय गेमचेंजर

 

ताजा खबरें

ताजा खबरें

PM Modi Bithday

देश के अनेक राज्यों में PM मोदी के जन्मदिन पर कार्यक्रम; कहीं पूजा, कहीं दीपोत्सव, गुजरात से यूपी तक बाईक रैली

UPI payment

UPI पेमेंट से MDR पर व्यापारियों में चिंता, कम मार्जिन वाले कारोबार को नुकसान

Kissan Mahapanchayat

ईसरदा बांध परियोजना को लेकर कोडियाई में किसान महापंचायत, खुली नहर की जगह पाइपलाइन से पानी पहुंचाने की मांग

Supreme Court

सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडू सरकार से कहा-हिन्दी भाषा को लेकर सोच में लाएं बदलाव

Akhilesh Yadav Statement

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने किया विश्वकर्मा जयंती पर छुट्टी का वादा, मंदिर भी बनवाएंगे

IIFA Awards in abu dhabi

अबू धाबी में होगा IIFA अवार्ड्स-2027, बॉलीवुड के कई सितारों से सजेगा कार्यक्रम

SI Re-Exam by RPSC

SI भर्ती Re- Exam -2021 रविवार 20 सितंबर को, 11 जिलों में बनाए 666 सेंटर

Re-Polling Result

जयपुर नगर-निगम की री-पोलिंग में चारों सीटों पर कांग्रेस जीती

AI Technology

AI को लेकर बहस तेज; विकास की रफ्तार तेज रखी जाए या धीमी लेकिन हो इंसानी कंट्रोल

2

2