Vande Matram : कर्नाटक सरकार ने गुरुवार को सरकारी कार्यक्रमों में वंदे मातरम के सिर्फ पहले 2 अंतरे गाने का आदेश जारी किया है। यह आदेश राज्य में होने वाले सरकारी कार्यक्रमों पर लागू होगा। लेकिन राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री या राज्यपाल के शामिल होने वाले कार्यक्रमों को इससे बाहर रखा गया है।
केन्द्रीय गृह मंत्रालय का निर्देश
इसी साल 9 जुलाई को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने निर्देश दिया था कि सभी सरकारी कार्यक्रमों में राष्ट्रगान ‘जन-गण-मन’ के साथ ‘वंदे मातरम’ के सभी 6 पद गाए जाएं। इसके बाद 19 अगस्त को कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने वंदे मातरम को लेकर 1937 के अपने प्रस्ताव का पालन करने का फैसला किया। इस प्रस्ताव के तहत पार्टी कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत के केवल 2 पैरा जाते हैं।
वंदे मातरम के दो पैरा गाए जाएंगे
बता दें कि नई दिल्ली में इंदिरा भवन में कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक हुई थी। बैठक में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत 88 नेता शामिल हुए थे। नई दिल्ली में इंदिरा भवन में कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक हुई थी। बैठक में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत 88 नेता शामिल हुए थे। कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने ऐलान किया था कि पार्टी अपने सभी कार्यक्रमों में वंदे मातरम के 6 में से सिर्फ शुरुआती दो पैरा गाएगी। यह फैसला 15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम के गायन को लेकर हुए विवाद के बाद आया। कांग्रेस का यह फैसला बीजेपी के उन आरोपों के बाद आया था, जिसमें बीजेपी ने कांग्रेस नेताओं पर पार्टी कार्यक्रमों में वंदे मातरम का पूरा संस्करण नहीं गाकर उसका अपमान करने का आरोप लगाया था।
2026 वंदे मातरम के अपमान पर कानून बना
24 जनवरी 1950 को संविधान सभा ने श्वंदे मातरमश् को राष्ट्रीय गीत घोषित किया था। लंबे समय तक इसके अपमान पर कोई अलग कानून नहीं था, लेकिन 2026 के मानसून सत्र में केंद्र सरकार ने श्राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियमश् बनाया। इस कानून के तहत श्वंदे मातरमश् के गायन को जानबूझकर रोकने, इसमें बाधा डालने या इसका सार्वजनिक अपमान करने को दंडनीय अपराध माना गया है। ऐसा करने पर 3 साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों की सजा का प्रावधान है। इस बार 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान पहली बार लाल किले की प्राचीर से श्वंदे मातरमश् के पूरे 6 छंद गाए गए।
पहले वंदे मातरम, फिर जन गण मन होगा
गृह मंत्रालय ने 9 जुलाई को सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय मंत्रालयों को राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ और राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के गायन और बजाने को लेकर नए निर्देश जारी किए थे। इसमें दोनों के सही बोल, उच्चारण और तय प्रोटोकॉल का पालन करने को कहा गया था। निर्देशों के मुताबिक, अगर किसी कार्यक्रम में वंदे मातरम और जन गण मन दोनों गाए या बजाए जाते हैं, तो पहले वंदे मातरम और उसके बाद राष्ट्रगान होगा। अगर किसी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश का अपना राज्य गीत भी है, तो पहले राज्य गीत फिर वंदे मातरम और अंत में जन गण मन रहेगा।
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