Unani : जिंदगी में थकान और कमजोरी महसूस होना बहुत आम बात हो गई है. काम का तनाव, नींद पूरी न होना और उल्टा-सीधा खानपान हमारे शरीर में कमजोरी पैदा कर रहा है। कुछ लोग ताकत के लिए बाजार से केमिकल वाली गोलियां खा लेते हैं, जिससे फायदे की जगह नुक्सान हो जाता है। इस मामले में यूनानी चिकित्सा बहुत मददगार साबित हो सकती है, यूनानी नुस्खे को आजमा कर देखें-
जानिए यूनानी चिकित्सा के बारे में
यूनानी चिकित्सा में खमीरा, माजून और लूबूब जैसी कई पारंपरिक तैयारियां इस्तेमाल की जाती हैं. आइए जानते हैं कि ये यूनानी दवाएं क्या हैं, किन उद्देश्यों के लिए उपयोग की जाती हैं और इनके सेवन से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। यूनानी पद्धति कोई आज की नहीं है, यह सैंकड़ों साल पुरानी कुदरती चिकित्सा प्रणाली है. इसमें शरीर के मिजाज को समझकर जड़ी-बूटियों, फलों और भस्मों के मेल से इलाज किया जाता है. आइए आज आसान भाषा में समझते हैं कि यूनानी की कौन-सी दवाइयां आपकी खोई हुई ताकत और स्टेमिना वापस दिला सकती हैं।
खमीरा- दिल, दिमाग और बदन की ऊर्जा के लिए
खमीरा क्या है? खमीरा एक तरह का मीठा चाशनी जैसा पेस्ट होता है, जिसमें चांदी का वर्क और कीमती जड़ी-बूटियां मिलाई जाती हैं. जब तक हमारा दिल और दिमाग मजबूत नहीं होगा, तब तक शरीर में चुस्ती नहीं आ सकती।
खमीरा का इस्तेमाल कब किया जाता है?
कुछ प्रीक्लिनिकल अध्ययनों में खमीरा गांवजबां के कुछ फॉर्मूलेशन को मानसिक तनाव और बेचैनी कम करने में संभावित रूप से लाभकारी पाया गया है, हालांकि इसके लिए बड़े मानव अध्ययन अभी आवश्यक हैं।
खमीरा गांवजबां- अगर आपको दिमागी थकान बहुत ज्यादा रहती है, नजर कमजोर लग रही है या दिल की धड़कन बढ़ जाती है, तो यह बहुत काम की चीज है. यह पूरे नर्वस सिस्टम को मजबूत करता है।
खमीरा मरवारी- इसमें असली मोती (मरवारीद) का अर्क और भस्म मिलाई जाती है. यह शरीर की अंदरूनी गर्मी को शांत करता है, खून की कमी दूर करता है और शरीर को तुरंत ताजगी व उर्जा देता है. जिन लोगों को हर वक्त भारीपन या कमजोरी लगती है, उनके लिए यह बहुत बढ़िया टॉनिक है।
माजून क्या होता है?
माजून- कमजोरी दूर कर पुरुष स्वास्थ्य के लिए इस्तेमाल होने वाली यूनानी दवा
माजून यूनानी का सबसे मशहूर नुस्खा माना जाता है. यह हलवे की तरह दिखता है और इसे कई तरह की तासीर वाली जड़ी-बूटियों को पीसकर शहद में मिलाकर बनाया जाता है।
माजून का इस्तेमाल किन स्थितियों में किया जाता है?
माजून शबाब आवर- जैसा कि इसके नाम से ही पता चलता है, यह जवानी की ताकत को बनाए रखने के लिए जाना जाता है. बढ़ती उम्र के कारण आई मर्दाना कमजोरी, काम में मन न लगना और बिस्तर पर जल्दी थक जाने जैसी समस्याओं में इसका सेवन फायदेमंद माना गया है. यह शरीर का स्टैमिना बढ़ाता है. कुछ यूनानी फॉर्मूलेशन, जैसे माजून-ए-पियाज, पर किए गए क्लिनिकल अध्ययनों में पुरुष यौन स्वास्थ्य से जुड़े कुछ लक्षणों में सुधार की रिपोर्ट की गई है, हालांकि अधिक मजबूत शोध की जरूरत है।
माजून सुरंजन- यह दवा खास तौर पर उन लोगों के लिए बेहतरीन है जिनके जोड़ों में दर्द रहता है और बदन में हर वक्त जकड़न बनी रहती है. जब शरीर के दर्द खत्म होंगे तभी तो ताकत महसूस होगी।
लूबूब क्या है और इसे क्यों लिया जाता है?
लूबूब- गुप्त कमजोरी और थकान में इस्तेमाल की जाने वाली यूनानी दवाएं
अगर समस्या ज्यादा पुरानी है या अंदरूनी नसों की कमजोरी बहुत बढ़ गई है, तो यूनानी में लूबूब लेने की सलाह दी जाती है. इसमें मेवे, बीज और ताकतवर जड़ी-बूटियां डाली जाती हैं।
लूबूब कबीर- मर्दाना ताकत के लिए यूनानी जगत में लूबूब कबीर का नाम सबसे ऊपर आता है. यह नसों को ताकत देता है, वीर्य के पतलेपन को दूर करने में मदद करता है और प्राइवेट पार्ट में खून का दौरा तेज करता है. जिन लोगों ने अपनी गलत आदतों की वजह से शरीर कमजोर कर लिया है, उनके लिए यह बहुत कारगर नुस्खा माना जाता है।
लूबूब कलौंजी- कलौंजी के फायदों के बारे में तो सब जानते हैं. यह दवा शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्युनिटी को बढ़ाती है और पुरानी से पुरानी थकान को जड़ से खत्म करती है. लूबूब वर्ग की कुछ पारंपरिक हर्बल तैयारियों पर हुए शुरुआती अध्ययनों में वीर्य गुणवत्ता और प्रजनन स्वास्थ्य से जुड़े कुछ मानकों में सुधार देखने की रिपोर्ट की गई है।
दवा इस्तेमाल करते वक्त इन बातों का रखें खास ख्याल
यूनानी दवाइयां पूरी तरह प्राकृतिक और सुरक्षित मानी जाती हैं, लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि इन्हें बिना सोचे-समझे खाया जाए. हर इंसान के जिस्म का मिजाज अलग होता है. किसी का शरीर गर्म तासीर का होता है, तो किसी का ठंडा। किसी अच्छे हकीम से मशविरा जरूर लें, खुद से मेडिकल स्टोर जाकर कोई भी दवा शुरू न करें. एक प्रमाणित हकीम आपकी नब्ज देखकर यह बता सकता है कि आपको कौन-सी दवा कितनी मात्रा में चाहिए। दूध और परहेज का महत्व- यूनानी दवाइयों के साथ अक्सर गुनगुना दूध पीने की सलाह दी जाती है. साथ ही तली-भुनी चीजें, खटाई और बहुत ज्यादा तेज मसाले बंद करने पड़ते हैं, तभी दवा का पूरा असर दिखता है। सब्र रखना जरूरी है- यह कोई अंग्रेजी पेनकिलर या वियाग्रा नहीं है जो एक घंटे में असर दिखाए. यह कुदरती दवा है जो इसका प्रभाव व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति, खानपान और नियमित सेवन पर निर्भर कर सकता है, इसलिए इसे असर दिखाने में 3 से 4 हफ्ते का वक्त लग सकता है। अगर आप सही तरीके से और सही देखरेख में इन यूनानी दवाओं का इस्तेमाल करते हैं, तो आपकी कुछ लोगों को शारीरिक कमजोरी और थकान में लाभ महसूस हो सकता है और जिंदगी में फिर से नया जोश भर सकता है.
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