Sugar Price Hike India: देश में चीनी की कीमत में बढ़ोतरी को लेकर विपक्ष लगातार बीजेपी पर हमलावर होता जा रहा है. इसी कड़ी में कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने रविवार को मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि चीनी की कीमतें आसमान छू रही हैं. रोज़मर्रा की ज़रूरी चीज़ों, जैसे आलू, प्याज़ या लहसुन के दाम भी तेज़ी से बढ़ रहे हैं. इस बीच, गन्ने का इस्तेमाल इथेनॉल बनाने में किया जा रहा है. अगर चीनी बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल का इस्तेमाल गाड़ियों के ईंधन के तौर पर किया जाएगा, तो देश का क्या होगा? इस स्थिति से फ़ायदा उठाने वाले लोगों और उनके कारोबारी हितों का पता लगाने के लिए गहन जांच होनी चाहिए, क्योंकि इसका बोझ आखिरकार आम लोगों पर ही पड़ता है, जिन्हें चीनी और रोज़मर्रा की दूसरी ज़रूरी चीज़ों के लिए ज़्यादा दाम चुकाने पड़ते हैं.
“सरकार की कोई मॉनिटरिंग नहीं है”
राजस्थान में कांग्रेस के नेता टीकाराम जूली ने चीनी की कीमत में बढ़ोतरी को केंद्र सरकार पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि चीनी आम घरों में यूज होती है. अमीर-गरीब सब चीनी का यूज करते हैं. त्योहार का सीजन आ रहा है. आम व्यक्ति तो बेचारा दो टाइम चाय बनाकर पीता है और भी छोटे-मोटे काम में चीनी का यूज़ करता है और गांव में तो चीनी का वैसे भी कंजम्प्शन ज्यादा है. सरकार की कोई मॉनिटरिंग नहीं है. मेरी समझ में नहीं आता, इनकी प्लानिंग क्या है? किस प्रकार से ऐसी चीजों के रेट बढ़ रहे हैं? यह एक चीज नहीं है.आवश्यक वस्तुएं कभी दाल के बढ़ जाते हैं, कभी तेल के बढ़ जाते हैं, कभी चीनी के बढ़ जाते हैं, कभी आटे के बढ़ जाते हैं और आम व्यक्ति को हमेशा जो है, भुगतना पड़ता है और जो बड़े लोग हैं, उनको फायदा होता है, क्योंकि सरकार का उनको खुला संरक्षण है. इनकी नीतियां देखें कि एथेनॉल बनाने में गन्ना यूज़ कर रहे हैं, तो एक्सपोर्ट कम कर रहे हैं. तो अब चीनी के रेट बढ़ गए, तो अब चीनी का इंपोर्ट करेंगे.तो यह जो चीज आ रही है, समझने की चीज है.
“किसानों के गन्ने के मूल्य में कब बढ़ोतरी होगी?”
आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने भी चीनी के बढ़ते दामों पर सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि किसानों के गन्ने का दाम बहुत पैमाने पर नहीं बढ़ा, लेकिन चीनी के मूल्य बढ़ गए. मैंने तीन दिन पहले हमारे बिलाई मिल उनको बुलाया, क्योंकि उन्होंने किसानों का 25% पैसा रोका हुआ था. अब आप समझें, मिलों को फायदा होगा, व्यापारियों को फायदा होगा, लेकिन किसानों को फायदा नहीं होगा. किसानों के गन्ने के मूल्य में कब बढ़ोतरी होगी.
यह भी पढ़ें: “देश को बांटने की साजिश…” वंदे मातरम को लेकर शिवराज सिंह चौहान कांग्रेस पर साधा निशाना


