Vande Mataram Controversy: भाजपा सांसद संबित पात्रा ने आज शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि यह वंदे मातरम् की 150वी जयंती है.15 अगस्त 2026 को संपूर्ण वंदे मातरम् जिसमें 6 स्टैंज़ा हैं, उसका गायन लाल किले के परिसर में हुआ था लेकिन 15 अगस्त के दिन कांग्रेस के कार्यालय में एक कुकृत्य हुआ. इसमें कांग्रेस सांसद सोनिया गांधी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की मौजूदगी में जब तिरंगा फहराया जा रहा था उस समय सोनिया गांधी ने 2 स्टैंज़ा के बाद वंदे मातरम् को रुकवाने का इशारा किया. 19 अगस्त के दिन CWC की मीटिंग में एक प्रस्ताव आया जिसमें कहा गया हम वंदे मातरम् के केवल 2 ही स्टैंज़ा गाएंगे. हम सभी जानते हैं कि 1937 में यह निर्णय क्यों लिया गया था?
“कांग्रेस विभाजन के बीज बोने की कोशिश कर रही है”
संबित पात्रा ने आगे कहा कि 1905 में बंग भंग हो रहा था और बंगाल के विभाजन को रोकने के लिए वंदे मातरम् लिखा गया था. जो ब्रिटिश सरकार वंदे मातरम् को रोक रही थी, आज वही कांग्रेस सरकार वंदे मातरम् को रोक रही है. यह राजनीति का विषय नहीं बल्कि देश के विभाजन का विषय है. 1937 में पहली बार पंडित नेहरू के कहने पर वंदे मातरम् को विभाजित किया गया था. यह तुष्टीकरण का बीज आगे जाकर विभाजन का बीज बनता है. हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी जो विभाजन के बीज बोने की कोशिश कर रही है, हम यह नहीं होने देंगे.
“वंदे मातरम् को बाधित करने की कोशिश की गई”
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के मुख्यालय में वंदे मातरम् को बाधित करने की कोशिश की गई थी. मैं देश से पूछता हूं कि संसद बड़ी है या CWC? वंदे मातरम् के साथ कोई खिलवाड़ नहीं होगा, यह देश का गान है. भाजपा सांसद ने कहा कि आज भाजपा के पदाधिकारियों की बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष ने निर्देश दिए हैं कि भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता देश की प्रत्येक गली, नुक्कड़ में जाकर वंदे मातरम् का यशोगान करेगा. हमें वंदे मातरम् को लेकर लोगों को बताना है. आज राष्ट्रभक्ति का लिबास कांग्रेस पार्टी पर से हट चुका है. उसकी तुष्टीकरण की राजनीति पूरा देश देख रहा है.
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