Urban local body elections: राजस्थान में शहरी निकायों के चुनाव की तारीखों की घोषणा कर दी गई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने बुधवार को 309 नगरीय निकायों के चुनावों घोषणा की। निर्वाचन आयोग के अनुसार दो चरणों में शहरों में चुनाव कराएगा। पहले चरण में 9 सितंबर और दूसरे चरण में 11 सितंबर को वोटिंग होगी और 14 सितंबर को रिजल्ट आएंगे। निकाय चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही सभी 309 शहरी निकायों में तत्काल प्रभाव से आचार संहिता लागू हो गई।
पहली बार एक साथ चुनाव
राजस्थान के इतिहास में पहली बार सभी नगरीय निकायों में एक साथ चुनाव हो रहे हैं। गौरतलब है कि राज्य सरकार ने एक देश-एक चुनाव की तर्ज पर एक प्रदेश-एक चुनाव कराने की घोषणा की थी। राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने कहा- निकाय प्रमुखों का चुनाव 21 सितंबर को होगा, जबकि उपाध्यक्ष का चुनाव 22 सितंबर को होगा। इसी दिन नगर निगम, नगर परिषदों और नगरपालिकाओं की साधारण सभा की बैठक होगी, उसी बैठक में डिप्टी मेयर, उपसभापति, नगरपालिका उपाध्यक्ष के चुनाव होंगे। 309 शहरी निकायों में 10 नगर निगम, 51 नगर परिषद और 248 नगरपालिकाओं को मिलाकर 10,245 पार्षद पदों पर चुनाव होंगे। निकाय चुनावों की प्रक्रिया पूरी होने तक आचार संहिता लागू रहेगी। आचार संहिता में शहरी क्षेत्रों में विकास के नए कामों की घोषणा नहीं हो सकेगी। नया वर्क ऑर्डर भी नहीं दिया जा सकेगा। पहले से चल रहे काम जारी रहेंगे, लेकिन कोई नया काम शुरू नहीं कर सकेंगे।
मेयर, सभापति और नगरपालिका अध्यक्षों में यह है आरक्षण
309 निकायों में से 60 निकाय प्रमुखों के पद ओबीसी के लिए रिजर्व है। 50 निकायों में एससी और 11 निकायों में एसटी के लिए निकाय प्रमुख पद आरक्षित हैं। प्रदेश के 309 निकायों में 3356 महिला पार्षद बनेंगी। हर कैटेगरी में 33 फीसदी वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। 10,245 वार्ड में से 1933 वार्ड ओबीसी के लिए आरक्षित किए गए हैं। एससी के लिए 1794, एसटी के लिए 395 वार्ड आरक्षित किए हैं। सबसे ज्यादा 6123 वार्ड अनारक्षित रखे गए हैं, जिनमें 4120 वार्ड अनारक्षित ओपन और 2003 वार्ड अनारक्षित महिला के है।
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