Share market : शेयर बाजार में गिरावट आई है। बाजार में सबसे ज्यादा बिकवाली आईटी सेक्टर में दर्ज की गई। आज बीएसई सेंसेक्स 492 अंक टूटकर 77,235.46 पर बंद हुआ। वहीं, वीकली एक्सपायरी के दिन एनएसई निफ्टी 50 लगातार छठे दिन टूटा। इंडेक्स 132 अंक फिसलकर 24,154.90 पर बंद हुआ। निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 2 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुए।
इन शेयरों में गिरावट हुई
निफ्टी 50 में शामिल शेयरों में टाटा मोटर्स पीवी, एशियन पेंट्स, इंफोसिस समेत विप्रो के शेयरों में 2-2 फीसदी से ज्यादा की कमजोरी रही। वहीं, एक्सिस बैंक और मैक्स हेल्थ के शेयरों में 1-1 फीसदी बढ़त दर्ज की गई, जो टॉप गेनर भी रहे।
आईटी शेयरों में तेज बिकवाली
ब्रॉडर मार्केट की चाल मिलीजुली रही। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.4 फीसदी गिरा, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 लगभग सपाट बंद हुआ। वहीं, निफ्टी आईटी इंडेक्स 1.9 फीसदी टूटकर बंद हुआ। इंडेक्स में शामिल सभी 10 शेयर लाल निशान में बंद हुए, जिसमें एम्फेसिस सबसे ज्यादा 3.1 फीसदी टूटा। आईटी के अलावा रियल एस्टेट और सरकारी बैंक शेयर भी टूटे।
बाजार में क्यों रही बिकवाली?
शेयर बाजार के जानकारों के अनुसार यूएस-ईरान टेंशन, कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और कमजोर ग्लोबल संकेतों से घरेलू बाजारों का सेंटीमेंट कमजोर रहा। हॉर्मुज के दोबारा खुलने को लेकर भी स्थिति साफ नहीं नजर आ रही। ऐसे में कच्चे तेल की कीमतों का रुपये, महंगाई और विदेशी निवेश पर पड़ने वाला असर बाजार के लिए अहम रहेगा। यही वजह रही कि निफ्टी 50 लगातार छठे कारोबारी सत्र में टूटकर बंद हुआ।
रुपये कमजोर हुआ और एफएलएल की बिकवाली
सिद्धार्थ खेमका ने कहा कि बाजार पर दबाव विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली से भी बन रहा, जिन्होंने सोमवार को 2,535 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। यह पिछले तीन हफ्ते की सबसे बड़ी बिकवाली रही। अमेरिका में 10 साल के सरकारी बॉन्ड का प्रतिफल करीब 4.7 फीसदी के ऊंचे स्तर पर बना रहा। वहीं, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 0.15 फीसदी कमजोर होकर 95.7 रुपये प्रति डॉलर पर पहुंच गया। इससे घरेलू शेयर बाजार पर दबाव और बढ़ गया।
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